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ऑपरेशन रेजपिल (RAGEPILL)

चर्चा में क्यों 

हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए, ऑपरेशन रेजपिल (RAGEPILL) के तहत कैप्टागन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। 

ऑपरेशन रेजपिल (RAGEPILL) के बारे में 

  • ऑपरेशन रेजपिल (Operation RAGEPILL) भारत की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा चलाया गया एक बड़ा और ऐतिहासिक एंटी-नारकोटिक्स अभियान है। 
  • मई 2026 में इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भारत के इतिहास में पहली बार कैप्टागन (Captagon) नामक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग की एक बहुत बड़ी तस्करी जब्त की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिहादी ड्रग (Jihadi Drug) के नाम से भी जाना जाता है।  

ऑपरेशन से संबंधित प्रमुख बिंदु 

  • इस ऑपरेशन के तहत एनसीबी ने कुल 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर जब्त किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹182 करोड़ है।
  • इस कार्रवाई में दिल्ली के नेब सराय (Neb Sarai) इलाके से एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया, जो भारत में अवैध रूप से वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रह रहा था और इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। 

कार्रवाई स्थल

  • दिल्ली (नेब सराय): विदेशी खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर सबसे पहले दिल्ली के एक घर में छापा मारा गया, जहाँ व्यावसायिक चपाती कटिंग मशीन के भीतर छुपाकर रखी गई 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद हुईं। इसे जेद्दा (सऊदी अरब) निर्यात किया जाना था।   
  • मुंद्रा पोर्ट (गुजरात): गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर एक कंटेनर की तलाशी ली गई। इस कंटेनर को सीरिया से भेड़ की ऊन (Sheep Wool) बताकर आयात किया गया था, जिसमें से 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद हुआ। 

कैप्टागन (Captagon) क्या है 

  • मूल संरचना: कैप्टागन मूल रूप से फेनेथिलाइन (Fenethylline) और एम्फ़ैटेमिन (Amphetamine) जैसी नशीली सामग्रियों का मिश्रण है, जो भारत के स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (Narcotic Drugs & Psychotropic Substance Act, 1985) के तहत प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक पदार्थ हैं। 
  • यह ड्रग इंसानी दिमाग में अत्यधिक ऊर्जा, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और उत्साह पैदा करता है। इसे लेने के बाद व्यक्ति लंबे समय तक बिना सोए रह सकता है और उसे थकावट या डर का अहसास नहीं होता।  
  • पश्चिम एशिया (विशेषकर सीरिया और मध्य-पूर्व) के संघर्ष क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों द्वारा अपने लड़ाकों की युद्धक क्षमता, आक्रामकता और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए कैप्टागन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके साथ ही, यह अवैध व्यापार आतंकवादी वित्तपोषण (Terror Financing) का भी एक बड़ा जरिया है।  

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के बारे में 

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत केंद्र सरकार की शक्तियों और कार्यों का प्रयोग करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 17 मार्च, 1986 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया। 

कार्यक्षेत्र और भूमिका 

  • एनडीपीएस अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम, औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 जैसे कानूनों को लागू करने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों, राज्य सरकारों और एजेंसियों के काम में तालमेल बनाना।
  • नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों और प्रोटोकॉल के तहत भारत की जिम्मेदारियों को पूरा करना। 
  • ड्रग्स की अवैध तस्करी रोकने के लिए विदेशी एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग और जानकारी साझा करना।
  • नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए अन्य मंत्रालयों, विभागों और संगठनों द्वारा किए जा रहे कार्यों में समन्वय बनाए रखना। 
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