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ऑपरेशन त्रिशूल

पाकिस्तान ने नोटिस टू एयर मिशन (NOTAM) जारी किया है जिससे उसके अधिकांश हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित हो गए हैं क्योंकि भारत ऑपरेशन त्रिशूल का संचालन करने की तैयारी कर रहा है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा पर सर क्रीक क्षेत्र के पास एक बड़े पैमाने पर त्रि-सेवा सैन्य अभ्यास है।

ऑपरेशन त्रिशूल के बारे में

  • ऑपरेशन त्रिशूल भारत द्वारा अपने पश्चिमी सीमांत क्षेत्र में आयोजित किया जाने वाला एक प्रमुख त्रि-सेवा (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) सैन्य अभ्यास है।
  • इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों भूमि, वायु, समुद्र, साइबर एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त परिचालन क्षमताओं का परीक्षण व प्रदर्शन करना है। इसका आयोजन रक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
  • यह अभ्यास राजस्थान एवं गुजरात में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सर क्रीक और कच्छ के रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा जल-थल (Amphibious) व नौसैनिक अभ्यासों के लिए इसे सौराष्ट्र तट तक विस्तारित किया जा रहा है ।

ऑपरेशन त्रिशूल का उद्देश्य

  • जटिल, वास्तविक युद्ध स्थितियों में तीनों सेवाओं के बीच एकीकृत युद्ध संचालन को मान्य करना
  • पश्चिमी सीमा पर भारत की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना
  • स्वदेशी हथियारों और प्रणालियों की तैनाती के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का प्रदर्शन करना 
  • संभावित बहु-मोर्चा (Multi-front) या संकर खतरों (Hybrid Threats) के विरुद्ध तैयारी का परीक्षण करना

प्रमुख विशेषताएँ

  • त्रि-सेवा एकीकरण : सेना, नौसेना एवं वायु सेना संयुक्त रूप से बहु-क्षेत्रीय अभियान की संचालन में मरुभूमि युद्ध, उभयचर लैंडिंग और हवाई हमले शामिल 
  • विशाल पैमाने पर: 20,000 से अधिक सैनिक, राफेल और सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमान, मुख्य युद्धक टैंक, हॉवित्जर और एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती 
  • उन्नत अभ्यास : इलेक्ट्रॉनिक युद्ध एवं ड्रोन-रोधी अभियानों के लिए ‘त्रिनेत्र’ और एकीकृत हवाई अभियानों के लिए ‘महागुजराज’ जैसे उप-अभ्यास 
  • नौसेना घटक : जामनगर रिफाइनरी जैसे तटीय और अपतटीय प्रतिष्ठानों को सुरक्षित करने के लिए फ्रिगेट, विध्वंसक व उभयचर परिसंपत्तियों की तैनाती
  • नवाचार एवं प्रौद्योगिकी : स्वदेशी ड्रोन, आई.एस.आर. प्रणाली, ए.आई.-आधारित लक्ष्यीकरण और संयुक्त कमांड नेटवर्क का उपयोग
  • वास्तविक भू-भाग परीक्षण : खाड़ी, रेगिस्तान व समुद्री क्षेत्रों में संचालन तथा पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध क्षेत्रों की प्रतिकृति करना
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