New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्यता

प्रारंभिक परीक्षा – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद्
मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 - महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार 

सन्दर्भ 

  • हाल ही में, जी-7 देशों की बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में सुधार होना चाहिए।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् अपनी स्थापना के समय के अनुसार शक्तियों के वितरण को प्रतिबिम्बित करता है तथा वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार इसमें शक्तियों का पुनर्वितरण होना चाहिए। 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् 

  • यह संयुक्त राष्ट्र की संरचना की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई है, जिसका गठन दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान वर्ष 1945  में किया गया था। 
  • इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।
  • सुरक्षा परिषद्, संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। 
  • यह मुख्य तौर पर अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने हेतु उत्तरदायी है।
  • इसके पाँच स्थायी सदस्य (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्राँस, रूस और चीन) हैं, जिनके पास वीटो का अधिकार है। 
  • सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्य देशों के अतिरिक्त 10 अस्थायी सदस्य भी होते हैं, जिन्हें क्षेत्रीय आधार पर दो साल की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुना जाता हैं, इन्हें वीटो का अधिकार प्राप्त नहीं होता है। 
  • इसके स्थायी और अस्थायी सदस्य बारी-बारी से एक-एक महीने के लिये परिषद् के अध्यक्ष बनते हैं।
  • भारत वर्ष 2021 से 2023 की अवधि तक सुरक्षा परिषद् का अस्थाई सदस्य है। 

जी-4 

  • जापान, जर्मनी, ब्राजील और भारत इस समूह के सदस्य हैं। 
  • ये देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के स्थायी तथा अस्थायी सदस्यों की संख्या को बढ़ाने की मांग करते हैं तथा स्थायी सदस्यता के लिये एक-दूसरे का समर्थन भी करते हैं।
  • विधि-सम्‍मत शासन और मानवाधिकारों के प्रति सम्‍मान तथा बहुपक्षवाद के प्रति वचनबद्धता सहित अन्‍य साझे राजनैतिक मूल्‍यों वाले लोकतांत्रिक देशों के रूप में, जी-4 देशों का अंतर्राष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा के समक्ष उत्‍पन्‍न प्रमुख समसामयिक चुनौतियों के संबंध में साझा नजरिया है।

कॉफ़ी क्लब 

  • इसमें पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, मिस्र, स्पेन, अर्जेंटीना मैक्सिको और इटली जैसे 13 देश शामिल हैं।
  • यह देश सुरक्षा परिषद् की स्थायी सदस्यता के विस्तार का विरोध करते है, परंतु अस्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करते हैं।

आगे की राह 

  • सुरक्षा परिषद् को उभरती जटिलताओं तथा अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के समक्ष आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए स्‍थायी और अस्‍थायी सदस्‍यों की संख्‍या बढ़ानी होगी, तभी परिषद् अपने कर्तव्‍यों का प्रभावी ढंग से निर्वाह कर सकेगी।
  • वैश्विक स्तर पर जटिल और उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिये भी जरूरी है कि सुरक्षा परिषद् जैसी संस्था को और अधिक समावेशी तथा कारगर बनाया जाये।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR