चर्चा में क्यों?
उच्च शिक्षा में जीवन बदलने की ताकत होती है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए, आर्थिक तंगी प्रायः उनके सपनों को साकार करने में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण महाराष्ट्र की 25 वर्षीय छात्रा सुश्री दिव्या दराडे का है, जो ओबीसी (NT-D) समुदाय की हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ‘ओबीसी’, ईबीसी और डीएनटी विद्यार्थियों के लिए टॉप क्लास शिक्षा हेतु PM-YASASVI योजना' ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उनके संकल्प को और मजबूत किया।
PM-YASASVI योजना के बारे में
- पीएम-यशस्वी योजना ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी छात्रों के लिए उच्च स्तरीय कॉलेज शिक्षा योजना, ओबीसी और अन्य समुदायों के लिए पीएम यंग अचीवर्स छात्रवृत्ति पुरस्कार योजना (पीएम-यसास्वी) नामक व्यापक योजना के अंतर्गत एक उप-योजना है।
- इस योजना की शुरुआत भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा खानाबदोश जनजातियों (DNT) से संबंधित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
- इस योजना का 100 प्रतिशत वित्तपोषण सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
उद्देश्य:
- इस योजना का उद्देश्य ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- इसके अंतर्गत इन वर्गों के विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं के बाद की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लक्ष्य आर्थिक बाधाओं के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होने वाले विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का अवसर प्रदान करना है।
दायरा:
- इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति केवल भारत में अध्ययन के लिए उपलब्ध होगी। छात्रवृत्ति उस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी, जहाँ आवेदक का स्थायी निवास (Domicile) है।
- यह छात्रवृत्ति केवल सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रदान की जाएगी।
पात्रता की शर्तें:
- यह छात्रवृत्ति केवल भारत के नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी।
- ऐसे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिनके माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2,50,000 से अधिक नहीं हो।
- विद्यार्थी कक्षा 9वीं या 10वीं में पूर्णकालिक रूप से केवल सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत होना चाहिए।
- विद्यार्थी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) अथवा विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति (DNT) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए। इसके लिए वैध प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। ऐसे DNT विद्यार्थी इस प्रावधान के अंतर्गत होंगे जो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) अथवा OBC श्रेणी में शामिल नहीं हैं।
- इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाला विद्यार्थी कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के लिए किसी अन्य शैक्षणिक छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले सकता। यदि उसे कक्षा 9वीं या 10वीं के अध्ययन के लिए किसी अन्य छात्रवृत्ति के लिए भी चुना जाता है, तो वह अपनी पसंद के अनुसार दोनों में से किसी एक छात्रवृत्ति का लाभ ले सकता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी को अपने चयन की जानकारी छात्रवृत्ति प्रदान करने वाले प्राधिकरण तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रमुख को देनी होगी।
- आधार (लक्षित वितरण, वित्तीय एवं अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाएँ) अधिनियम, 2016 की धारा 7 से संबंधित मंत्रालय की अधिसूचना संख्या 428, दिनांक 16 फरवरी 2017 में निर्धारित प्रावधानों का पालन किया जाएगा।
- साथ ही, यदि किसी आवेदक का आधार प्रमाणीकरण किसी कारणवश विफल हो जाता है, तो उसे किसी अन्य वैध माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति को उसके लाभ से वंचित न किया जाए।
- आय प्रमाण-पत्र केवल एक बार, अर्थात संबंधित पाठ्यक्रम में प्रवेश के समय प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।