New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

दिल्ली में 5वें सिख तख़्त को मान्यता

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, दिल्ली विधानसभा ने दमदमा साहिब को तख़्त के रूप में मान्यता देने के लिये एक संशोधन विधेयक पारित किया है।

नवीनतम संशोधन

  • दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1971’ में संशोधन करके तख़्त दमदमा साहिब को सिखों के पाँचवें तख़्त के रूप में मान्यता दी है।
  • इस संशोधन के माध्यम से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति में अन्य 4 तख़्त के प्रमुखों के समान ही तख़्त दमदमा साहिब के प्रमुख को 5वें पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
  • इससे पूर्व वर्ष 1999 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दमदमा साहिब को 5वें तख़्त के रूप में मान्यता दी थी।

क्या होते हैं तख़्त?

  • तख़्त का शाब्दिक अर्थ होता है ‘सिंहासन’, यह सिख धर्म का आध्यात्मिक और लौकिक केंद्र होता है। अकाल तख़्त को ‘सिख राष्ट्रवाद’ का पहला प्रतीक माना जाता है।
  • वर्तमान में 5 सिख तख़्त हैं, जिसमें से तीन- अकाल तख़्त, केशगढ़ साहिब तख़्त तथा दमदमा साहिब तख़्त पंजाब में, जबकि हुज़ूर साहिब तख़्त महाराष्ट्र में एवं पटना साहिब तख़्त बिहार में स्थित है।
  • अकाल तख़्त (अमृतसर) को सबसे प्राचीन व सर्वोच्च तख़्त माना जाता है। इसकी स्थापना 6वें सिख गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने की थी, जबकि अन्य 4 सिख तख़्त का संबंध गुरुगोबिंद सिंह जी से है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR