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RELIEF योजना

संदर्भ

हाल ही में, भारत सरकार ने ‘रिलीफ’ (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation: RELIEF) योजना को मंजूरी दी है जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में उत्पन्न गंभीर समुद्री व्यवधानों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना है। 

RELIEF योजना के बारे में

  • यह योजना विशेष रूप से उन निर्यातकों के लिए तैयार की गई है जो खाड़ी और विस्तृत पश्चिम एशिया समुद्री मार्ग में अत्यधिक भाड़ा वृद्धि, बीमा प्रीमियम में वृद्धि और युद्ध-संबंधित जोखिमों के कारण प्रभावित हुए हैं। यह एक समय-सीमित और लक्षित हस्तक्षेप है जिसे निर्यात संवर्धन मिशन (Export Promotion Mission: EPM) के अंतर्गत शुरू किया गया है। 
  • विदेश व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा समय-समय पर संशोधित विदेश व्यापार नीति, 2023 के तहत केंद्र सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM) के अंतर्गत भारतीय निर्यातकों के लिए इसे अधिसूचित किया है।

RELIEF योजना की मुख्य विशेषताएँ 

  1. पिछली शिपमेंट्स के लिए जोखिम कवरेज : 14 फरवरी से 15 मार्च, 2026 के बीच भेजे गए माल पर पहले से ECGC कवर रखने वाले निर्यातकों को संघर्ष-संबंधित अतिरिक्त नुकसान के लिए 100% जोखिम कवरेज मिलेगा।
  2. संभावित निर्यातों का समर्थन : 16 मार्च से 15 जून, 2026 तक की योजनाबद्ध शिपमेंट्स के लिए सरकार निर्यातकों को 95% तक जोखिम कवरेज उपलब्ध कराएगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहे।
  3. MSME के लिए प्रतिपूर्ति : गैर-बीमित MSME निर्यातक असाधारण भाड़ा एवं बीमा शुल्क में वृद्धि पर 50% तक प्रतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं जिसमें प्रति निर्यातक अधिकतम सीमा 50 लाख है।
  4. क्षेत्रीय विस्तार : यह योजना उन सभी शिपमेंट्स पर लागू होती है जो UAE, सऊदी अरब, कुवैत, इज़राइल, कतर, ओमान, बहरीन, इराक, ईरान एवं यमन के लिए या उनके माध्यम से भेजे जाते हैं।
  5.  परिचालन राहत : इस योजना के तहत पोर्ट पर भंडारण शुल्क और ठहराव समय शुल्क (Dwell Time Fee) में छूट दी जाएगी। साथ ही, फंसे हुए माल के लिए प्रक्रियागत ढील भी उपलब्ध होगी। इसका समन्वय अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) द्वारा किया जाएगा।
  6. वास्तविक समय में निगरानी : ECGC एक डैशबोर्ड आधारित प्रणाली स्थापित करेगा, जो दावों और फंड के उपयोग की निगरानी करेगी। इसके साथ ही, EPM स्टीयरिंग कमिटी समय-समय पर इसका मूल्यांकन करेगी। 
  7. कार्यान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन ECGC Ltd. द्वारा किया जाएगा। 

एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (ECGC)

  • ई.सी.जी.सी. लिमिटेड (ECGC Ltd.) (पूर्व में एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में देश से निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। यह निर्यात के लिए क्रेडिट जोखिम बीमा तथा संबंधित सेवाएँ प्रदान करता है।
  • यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है और इसका प्रबंधन एक निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकिंग, बीमा तथा निर्यातक समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
  • विगत वर्षों के दौरान इसने भारतीय निर्यातकों तथा निर्यात ऋण प्रदान करने वाले वाणिज्यिक बैंकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न प्रकार के निर्यात क्रेडिट जोखिम बीमा उत्पाद विकसित किए हैं।
  • ई.सी.जी.सी. मूलतः एक निर्यात प्रोत्साहन संगठन है जिसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को क्रेडिट बीमा कवरेज प्रदान कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करना है। ई.सी.जी.सी. अपने प्रीमियम दरों को उचित (इष्टतम) स्तर पर बनाए रखता है।

निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) के बारे में

  • निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) भारत सरकार की 2025-26 से 2030-31 तक चलने वाली एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य 25,060 करोड़ के परिव्यय के साथ लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा देना है। 
  • यह ‘निर्यात प्रोत्साहन’ (वित्तीय सहायता) और ‘निर्यात दिशा’ (लॉजिस्टिक्स/बाजार सहायता) के माध्यम से निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त व एकीकृत करता है। 
  • इसका उद्देश्य भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, वैश्विक उपस्थिति मजबूत करना और नए निर्यातकों (विशेषकर MSME) की भागीदारी बढ़ाना है।
  • इसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक 6 वर्षों के लिए कुल ₹25,060 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है।
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