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विद्यालय में नामांकन की स्थिति 

चर्चा में क्यों

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की प्रक्षेपण और रुझान रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011 से प्राथमिक विद्यालय अर्थात कक्षा 1-5 के विद्यार्थियों की नामांकन दर में शुरू हुई गिरावट वर्ष 2025 तक जारी रहेगी। 

प्राथमिक स्तर की स्थिति

  • रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों के नामंकन में वर्ष 2011 तक निरंतर वृद्धि जारी रही।
  • हालाँकि, वर्ष 2011 के बाद से निरंतर ह्रास की स्थिति बनी हुई है जिसके वर्ष 2025 तक जारी रहने की उम्मीद है।
  • इस अवधि के दौरान कुल नामांकन में 14.37% की गिरावट आने का अनुमान है। 
  • बालकों के नामांकन में 13.25% और बालिकाओं के नामांकन में 15.54% की कमी आ सकती है।  

उच्च प्राथमिक स्तर एवं माध्यमिक स्तर

  • रिपोर्ट के अनुसार, उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) और माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) पर क्रमशः वर्ष 2016 और 2019 से नामांकन दर में कमी आई है।
  • इस अवधि के दौरान उच्च प्राथमिक स्तर पर 9.47% की कुल गिरावट का अनुमान है। 

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की स्थिति 

  • रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के नामांकन में 1990 के दशक से गिरावट का अनुभव किया जा रहा है।
  • वर्ष 2011 से वर्ष 2016 के मध्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि नकारात्मक रही जो क्रमश: -5.27% और -12.20% रही।

कारण

  • परिषद ने नामांकन में गिरावट के लिये भारत की बाल जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट को प्रमुख उत्तरदायी कारक माना है।
  • कुल जनसंख्या में बाल जनसंख्या (0-6 वर्ष) का अनुपात वर्ष 1991 में 18% से घटकर वर्ष 2011 में 13.12% हो गया है।

स्वतंत्रता के बाद की समग्र स्थिति 

  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने अपनी रिपोर्ट में वर्ष 1950 के बाद से आंकड़ों का अध्ययन किया है। इस समय देश में 2.38 करोड़ विद्यार्थी पंजीकृत थे।
  • रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1950 से वर्ष 2016 के बीच कक्षा 1 से 10 तक विद्यालयों में नामांकन में 900% से अधिक की समग्र वृद्धि दर्ज की गयी है। 
  • उल्लेखनीय है कि इस अवधि में छात्राओं के नामांकन में 1000% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गयी है।
  • यह रिपोर्ट सरकार और शिक्षा नीति निर्माताओं को भावी कार्यक्रमों के निर्धारण एवं व्यवस्था सृजन में सहायता करने के साथ-साथ उनके मार्गदर्शन में लाभकारी सिद्ध होगी।
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