New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

सेमाग्लूटाइड (Semaglutide)

संदर्भ 

वर्तमान में भारतीय स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। अब क्लीनिकों में मरीज़ केवल मधुमेह (Diabetes) नियंत्रण की सलाह लेने नहीं आते हैं बल्कि उनकी जिज्ञासा ‘वजन घटाने वाली दवाओं’ को लेकर भी होती है। इंटरनेट पर प्रसारित सफल परिणामों और सोशल मीडिया की चर्चाओं ने सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) जैसी दवाओं को एक ‘जादुई औषधि’ के रूप में स्थापित कर दिया है। 

क्या है सेमाग्लूटाइड 

  • सेमाग्लूटाइड (ओज़ेम्पिक, वेगोवी, राइबेलसस) एक प्रिस्क्रिप्शन आधारित जीएलपी-1 दवा है जिसका उपयोग वजन घटाने और वजन प्रबंधन, टाइप 2 मधुमेह के उपचार या टाइप 2 मधुमेह के कुछ रोगियों में क्रॉनिक किडनी रोग और हृदय संबंधी प्रमुख घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। 
  • सेमाग्लूटाइड (वेगोवी) का उपयोग लिवर सिरोसिस के बिना मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस (MASH) के उपचार के लिए भी किया जाता है। 
  • सेमाग्लूटाइड के इंजेक्शन सप्ताह में एक बार स्वयं ही त्वचा के नीचे लगाए जाते हैं और सेमाग्लूटाइड की गोलियां प्रतिदिन एक बार ली जाती हैं। 
  • सेमाग्लूटाइड भूख कम करके, गैस्ट्रिक खाली होने की प्रक्रिया में देरी करके, इंसुलिन स्राव को बढ़ाकर और ग्लूकागॉन की मात्रा को कम करके काम करता है। 

सेमाग्लूटाइड का उपयोग  

  • प्रत्येक ब्रांड के लिए एफ.डी.ए. द्वारा अनुमोदित सेमाग्लूटाइड के उपयोग इस प्रकार हैं : 
  • ओज़ेम्पिक टैबलेट अथवा इंजेक्शन का प्रयोग 
    • टाइप 2 मधुमेह में 
    • हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को कम करने में 
    • गुर्दे की कार्यक्षमता में गिरावट के जोखिम को कम करने के लिए 
  • वेगोवी का प्रयोग 
    • वजन प्रबंधन में  
    • हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को कम करने में 
    • गैर-सिरोसिस एम.ए.एस.एच. और राइबेलसस टाइप 2 मधुमेह, हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए 

सेमाग्लूटाइड की कार्यप्रणाली

  • अग्न्याशय में इंसुलिन उत्पादन को उत्तेजित करता है
  • लीवर में शर्करा उत्पादन को कम करता है
  • यह पाचन क्रिया को धीमा कर देता है जिससे भोजन पेट में अधिक देर तक रहता है।
  • भूख एवं भोजन सेवन को कम करता है 

सेमाग्लूटाइड के दुष्प्रभाव

सामान्य दुष्प्रभाव

  • सेमाग्लूटाइड के सामान्य दुष्प्रभावों में 
    • पेट खराब होना 
    • सीने में जलन 
    • गैस, पेट फूलना, मतली, उल्टी, पेट दर्द, भूख न लगना, दस्त, कब्ज, पेट फ्लू के लक्षण, निम्न रक्त शर्करा (टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में), सिरदर्द, चक्कर आना और थकान शामिल हो सकते हैं। 
  • पेट या पाचन तंत्र से संबंधित दुष्प्रभाव सामान्य हैं किंतु वे प्राय: हल्के होते हैं और कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं और सामान्यतया दीर्घकालिक उपचार में बाधा नहीं डालते हैं। 

गंभीर दुष्प्रभाव

  • यदि एलर्जी की प्रतिक्रिया के लक्षण, जैसे- पित्ती, खुजली, चक्कर आना, ह्रदय की तेज़ धड़कन, सांस लेने में कठिनाई, चेहरे, होंठ, जीभ या गले में सूजन दिखाई दें तो चिकित्सा सहायता लें। 
  • यद्यपि सेमाग्लूटाइड के उपयोग को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नियामकों ने गंभीर सुरक्षा चिंताएँ व्यक्त की हैं। विशेष रूप से इसके कारण थायरॉइड सी-सेल ट्यूमर (Thyroid C-cell Tumors) के संभावित जोखिम को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। 

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR