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सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान

संदर्भ 

ओडिशा सरकार ने 24 अप्रैल 2025 को सिमिलिपाल को भारत का 107वां और ओडिशा का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है।​ इससे पूर्व भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान था। 

सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के बारे में 

  • अवस्थिति : ओडिशा के मयूरभंज जिले में
  • क्षेत्रफल: 845.70 वर्ग किलोमीटर 
  • प्रवाहित नदी एवं झरने : सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान (ओडिशा) से मुख्य रूप से बुढ़ाबलंगा नदी प्रवाहित होती है।
    • इसके अलावा, सालंदी नदी और पंचिंग नाला (Panching Nala) जैसे कुछ छोटे जल प्रवाह भी सिमिलिपाल क्षेत्र से उत्पन्न होते हैं।
    • यहाँ कई सुंदर जलप्रपात भी हैं, जैसे- बेरेहीपुर जलप्रपात (Barehipani Falls) और जोरेन्दो जलप्रपात (Joranda Falls)।
  • वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary): वर्ष 1956 में घोषित 
  • टाइगर रिजर्व: ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के तहत वर्ष 1979 में अधिसूचित ।
  • बायोस्फीयर रिजर्व (Biosphere Reserve) : वर्ष 1994 में, इसमें सिमलिपाल के साथ- साथ कुलडीहा वन्यजीव अभ्यारण्य शामिल।  
  • संरक्षण की दृष्टि से महत्त्व: सिमिलिपाल को एक साथ वन्यजीव अभयारण्य, प्रोजेक्ट टाइगर, यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व और हाथी रिजर्व के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  •  ​विशिष्ट जैव विविधता: यह उद्यान दुर्लभ मेलानिस्टिक (काले) बाघों का घर है जो केवल सिमिलिपाल में पाए जाते हैं। इसके अलावा, यह ओडिशा की कुल हाथी आबादी के 25% को आश्रय देता है। ​
  • आधुनिक निगरानी उपाय: वन विभाग ने ‘ग्रेटर सिमिलिपाल लैंडस्केप प्रोग्राम’ के तहत एआई-सक्षम कैमरा टावर, ट्रेल गार्ड कैमरा सिस्टम और वी-सैट संचार नेटवर्क जैसी आधुनिक निगरानी प्रणालियों को लागू किया है।​

 राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने की प्रक्रिया

  • यह प्रक्रिया ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ (Wildlife Protection Act, 1972) के तहत होती है।
  • संबंधित राज्य सरकार पारिस्थितिकी, जैव विविधता या वन्यजीव संरक्षण के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण किसी क्षेत्र को वन्यजीव अभ्यारण्य या राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर सकती है।

अंतर का आधार

बायोस्फीयर रिजर्व

वन्यजीव अभयारण्य

उद्देश्य

व्यापक स्तर पर जैव विविधता का संरक्षण और मानव के साथ सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना।

वन्यजीवों के संरक्षण और शिकार/पकड़ने से रक्षा करना।

क्षेत्र

बहुत बड़ा क्षेत्र होता है; कई ज़ोन में विभाजित (कोर, बफर, ट्रांजिशन)।

अपेक्षाकृत छोटा क्षेत्र होता है; वन्यजीवों के लिए आरक्षित।

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