आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 2025 के नवीन वैधानिक ढांचे के अंतर्गत कर अनुपालन को सुगम बनाने हेतु कर साथी नामक एक उन्नत एआई-सक्षम (AI-enabled) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया है। यह डिजिटल पहल करदाताओं को निरंतर सहायता प्रदान करने और जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कर साथी प्लेटफॉर्म के बारे में
कर साथी मुख्य रूप से एक एआई-पावर्ड चैटबॉट और डिजिटल सहायक है, जो आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
यह प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) से संबंधित सूचनाओं, रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया, ई-सत्यापन और शिकायतों के निवारण के लिए एक सिंगल-विंडो मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करता है।
उद्देश्य
अनुपालन सुगमता (Ease of Compliance) :टैक्स रिटर्न फाइलिंग और वैधानिक नियमों के पालन को तकनीकी रूप से सरल बनाना।
निरंतर उपलब्धता :करदाताओं को बिना किसी समय की बाधा के 24×7 विशेषज्ञ एआई सहायता उपलब्ध कराना।
संक्रमणकालीन सहायता :नए आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को समझने और उन्हें अपनाने में करदाताओं का मार्गदर्शन करना।
तकनीक-आधारित शासन : डेटा-संचालित और तकनीकी गवर्नेंस के माध्यम से उपयोगकर्ता अनुभव (Taxpayer Experience) को बेहतर बनाना।
प्रमुख विशेषताएँ एवं कार्यप्रणाली
व्यापक सहायता तंत्र : यह आईटीआर (ITR) फाइलिंग, कटौती (Deductions), रिफंड की स्थिति, नोटिस के जवाब और अन्य तकनीकी प्रश्नों के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय रहता है।
संसाधनों का एकीकरण : फॉर्म, चालान, ई-भुगतान और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) जैसे सभी महत्वपूर्ण संसाधनों को एक ही मंच पर संकलित किया गया है।
उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजाइन :इसकी जटिलता-रहित संरचना सेवाओं तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित करती है, जिससे करदाताओं के समय और श्रम की बचत होती है।
महत्व एवं प्रभाव
बिचौलियों पर निर्भरता में कमी : यह प्लेटफॉर्म सामान्य पूछताछ और फाइलिंग संबंधी कार्यों के लिए करदाताओं की बाहरी परामर्शदाताओं या बिचौलियों पर निर्भरता को कम करता है।
डिजिटल गवर्नेंस का विस्तार : यह पहल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन (Minimum Government, Maximum Governance) के मंत्र को चरितार्थ करती है और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवा वितरण की दिशा में भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।