हाल ही में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा स्थित सलारपुर में ईएलसीआईएनए द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) और सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी प्लांट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया।
ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) के बारे में
इस क्लस्टर को 50.3 एकड़ ज़मीन पर ₹46.09 करोड़ की परियोजना लागत से विकसित किया गया है। भारत सरकार ने ईएमसी योजना के तहत ₹20.24 करोड़ की प्रत्यक्ष सहायता दी है।
इस क्लस्टर को मैसर्स ईएलसीआईएनए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड (एसपीवी) ने बनाया है। यह ईएलसीआईएनए के बैनर तले एमएसएमई उद्योगपतियों की मिली-जुली पहल है।
इसमें उच्चस्तरीय अवसंरचना सुविधाएँ हैं, जिनमें बिना रुकावट बिजली और पानी की सप्लाई, अंदरूनी सड़कें, एक ही जगह से संचालित प्रशासनिक सुविधाएँ, परीक्षण और प्रशिक्षण केंद्र और स्मार्ट क्लासरूम एवं लैब वाला विशेष कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।
क्लस्टर की विशेषताएँ
यह क्लस्टर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पास विशेष स्थान पर बना है, जहाँ सड़क, रेल और हवाई जहाज़ से आने-जाने की बढ़िया सुविधाएँ हैं।
इसके साथ ही आशा है कि यह क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स के पुर्ज़े बनाने का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
ईएमसी ने अब तक 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से ज़्यादा के निवेश की योजनाएँ आकर्षित की हैं।
ये कंपनियाँ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़ों से लेकर एयर कंडीशनर, आरएफआईडी प्रौद्योगिकी, ईवी के पुर्ज़े और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
अभी ग्यारह कंपनियाँ काम कर रही हैं, जिनमें कुल ₹900 करोड़ से ज़्यादा का निवेश हुआ है, और जिनसे 2,700 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार मिला है।
इस क्लस्टर में काम कर रही मुख्य कंपनियों में
एइसन फीम इंडस्ट्रीज़
ई-पैक ड्यूरेबल
सहस्रा सेमिकंडक्टर
सहस्रा इलेक्ट्रॉनिक्स
वरदा ग्रीन एनर्जी
दुग्गर पावर प्रोडक्ट्स
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया इत्यादि शामिल हैं।
सेमीकंडक्टर एटीएमपी/ओएसएटी सुविधा
मैसर्स सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का यह प्लांट भारत का पहला लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) है जिसने सेमीकंडक्टर चिप्स का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीईसीएस) के तहत विकसित, यह प्लांट ₹150 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ स्थापित किया गया है।
यह 57,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसमें क्लास 10K और 100K क्लीनरूम्स लगे हैं।
इस प्लांट में माइक्रो एसडी और फ्लैश स्टोरेज जैसे उत्पादों के लिए मेमोरी चिप्स, साथ ही एलईडी ड्राइवर ICs, eSIMs और आरएफआईडी उत्पादों की पैकेजिंग की जाएगी।
इस प्लांट की वर्तमान में 60 मिलियन सेमीकंडक्टर यूनिट्स की वार्षिक पैकेजिंग क्षमता है, जिसमें SPECS-समर्थित अनुमानित क्षमता लगभग 43 मिलियन यूनिट्स है। अगले 2-3 वर्षों में इसकी वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर लगभग 400-600 मिलियन यूनिट्स तक ले जाने की योजना है।
यह प्लांट पहले से ही अपने उत्पादन का 60% से अधिक हिस्सा वैश्विक बाजारों में निर्यात कर रहा है, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और पूर्वी यूरोप, चीन और नेपाल शामिल हैं।
यह प्लांट अब अपने स्वयं के उत्पाद अनुसंधान एवं विकास (R&D) की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें एलईडी ड्राइवर चिप्स और अन्य सेमीकंडक्टर उत्पाद शामिल हैं।
यह इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और हाई-टेक विनिर्माण में युवाओं के प्रशिक्षण में भी सहायता करेगा।
वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील के मद्देनज़र यह कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने जहाँ भी संभव हो, ईंधन के उपयोग को कम करने का आग्रह किया था।