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युद्धपोत नीलगिरि और सूरत

चर्चा में क्यों ?

  • दो स्वदेश निर्मित युद्धपोत नीलगिरि और सूरत भारतीय नौसेना को सौंपे गए

प्रमुख बिंदु :-

  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने भारतीय नौसेना को दो कैपिटल युद्धपोत, नीलगिरी और सूरत सौंपे हैं।
  • दोनों युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है
  • निर्माण एमडीएल द्वारा किया गया है 
  • इसकी देखरेख मुंबई स्थित युद्धपोत निरीक्षण दल द्वारा की गई है।

युद्धपोत नीलगिरि

  • नीलगिरि' परियोजना 17ए का प्रथम श्रेणी (एफओसी) जहाज है
  • इसमें अत्याधुनिक उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है
  • इसकी तुलना विश्व में इसी श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ जहाजों से की जा सकती है।
  • इसमें उन्नत उत्तरजीविता, समुद्री यात्रा, गुप्तचरता और जहाज की गतिशीलता के लिए डिजाइन अवधारणाएं शामिल की गई हैं
  • इसमे पतवार के आकार और रडार पारदर्शी डेक फिटिंग के उपयोग के माध्यम से गुप्तचरता की अत्याधुनिक विशेषताएं शामिल हैं, जो जहाजों का पता लगाना कठिन बना देती हैं।
    • यह अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित है
    • इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों, सतह पर स्थित युद्धपोतों, जहाज रोधी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के खिलाफ चौतरफा मारक क्षमता है। 
    • इसमें निकट रक्षा क्षमता और प्रभावी नौसैनिक गोलाबारी के लिए बंदूकें भी लगी हुई हैं।
  • महत्वपूर्ण स्वदेशी सामग्री के साथ, 'नीलगिरि' बिना किसी सहायक पोत के स्वतंत्र रूप से संचालित होने में सक्षम है, 
    • नौसेना टास्क फोर्स के प्रमुख पोत के रूप में भी कार्य कर सकता है।

युद्धपोत सूरत

  • 'सूरत' परियोजना 15बी का चौथा जहाज है और यह एक शक्तिशाली जहाज है यह  समुद्री युद्ध के पूरे दायरे में विविध कार्यों और मिशनों को पूरा करने में सक्षम है।
  • यह सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली 'ब्रह्मोस' मिसाइलों और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली 'बराक-8' मिसाइलों से लैस है।
  • समुद्र के अंदर युद्ध क्षमता के लिए, विध्वंसक 'सूरत' को स्वदेशी रूप से विकसित पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित किया गया है
  • इसमे प्रमुख रूप से पतवार पर लगे सोनार हम्सा एनजी, हैवीवेट टॉरपीडो ट्यूब लांचर और एएसडब्लू रॉकेट लांचर शामिल हैं।
  • नौसेना के भंडार में शामिल विध्वंसक और फ्रिगेट की पिछली श्रेणियों की तुलना में काफी अधिक बहुमुखी है 
  •  'सूरत' में दुश्मन की पनडुब्बियों, सतह के युद्धपोतों, जहाज-रोधी मिसाइलों और लड़ाकू विमानों के खिलाफ सर्वांगीण क्षमता है
    • यह इसे सहायक जहाजों के बिना स्वतंत्र रूप से संचालित करने और नौसेना टास्क फोर्स के प्रमुख के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाएगी।

प्रश्न. युद्धपोत नीलगिरि और सूरत का निर्माण किस शिपयार्ड में हुआ है?

(a) कोचीन शिपयार्ड

(b) गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड

(c) मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड

(d) लार्सन एंड टुब्रो शिपयार्ड

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