New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

जम्मू व कश्मीर में भूमि कानूनों में संशोधन

(प्रारंभिक परीक्षा- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अधययन प्रश्नपत्र- 2 : भारतीय संविधान- विशेषताएँ, संशोधन, संघीय ढाँचे से सम्बंधित विषय एवं चुनौतियाँ)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गए नए आदेश के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में निवास करने वाला नागरिक भी अब जम्मू व कश्मीर में सम्पत्ति की खरीद कर सकता है।

प्रमुख प्रावधान

  • भूमि स्वामित्व अधिनियम से सम्बंधित कानूनों में संशोधन करते हुए इससे सम्बंधित 12 कानूनों को निरस्त कर दिया गया है। साथ ही, सम्बंधित केंद्रीय कानूनों को लागू करने के लिये जम्मू व कश्मीर पुनर्गठन आदेश (तृतीय), 2020 जारी किया गया है।
  • इन संशोधनों के अनुसार जम्मू व कश्मीर में भूमि के स्वामित्व सम्बंधी अधिकार, भूमि के विकास, वन भूमि, कृषि भूमि सुधार तथा भूमि आवंटन से सम्बंधित सभी कानूनों में जम्मू व कश्मीर का स्थाई नागरिक शब्द हटा दिया गया है।
  • साथ ही, जम्मू व कश्मीर वन अधिनियम के स्थान पर भारतीय वन अधिनियम लागू कर दिया गया है।
  • जम्मू व कश्मीर सम्पत्ति हस्तानांतरण कानून की एक धारा को समाप्त कर दिया गया है, जिस कारण अब कोई भी निवासी अपनी भूमि व भवन को किसी को भी हस्तानांतरित कर सकता है।
  • ज़िला अधिकारी की अनुमति के अलावा किसी भी कृषि उद्देश्यों के लिये उपयोग की जाने वाली भूमि का गैर-कृषि प्रयोजनों हेतु उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
  • हालाँकि, कृषि भूमि को केवल कृषक ही खरीद सकते हैं।

नए बदलाव

  • पूर्व में केवल स्थाई निवासी ही जम्मू व कश्मीर में भूमि की खरीदारी कर सकते थे, जबकि अन्य भागों के निवासी किराए या पट्टे पर ही भूमि ले सकते थे। इस कारण यह राज्य निवेश के मामलें में पीछे रह जाता था।
  • सेना के आग्रह पर संचालन और प्रशिक्षण आवश्यकताओं के लिये जम्मू व कश्मीर प्रशासन किसी क्षेत्र को रणनीतिक महत्त्व का घोषित कर सकता है।

महत्त्व

  • निवेशकों सहित जम्मू व कश्मीर से बाहर के लोग भी अब इस केंद्र शासित प्रदेश में भूमि खरीद सकते हैं। इससे जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र में बाहरी निवेशकों के लिये मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, इसके लिये औद्योगिक विकास निगम की भी स्थापना का प्रस्ताव है।
  • यह अधिनियम जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य के साथ-साथ उच्च माध्यमिक या उच्चतर या विशिष्ट शिक्षा के संवर्धन के उद्देश्य से किसी व्यक्ति या संस्था के पक्ष में भूमि के हस्तांतरण को सक्षम बनाता है।
  • इससे भूमि पर स्थानीय निवासियों को प्राप्त विशेष अधिकार समाप्त हो जाएंगे और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलेगा।
  • इस केंद्र शासित प्रदेश में कई वर्षों से कृषि करने के बावजूद भी भूमि का स्वामित्व नहीं प्राप्त हो पाता था जबकि नए नियम में इस व्यवस्था को परिवर्तित कर दिया गया है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X