Current Affairs 18-Mar-2026
वर्तमान युग में दवाओं का उत्पादन और उपयोग अत्यधिक बढ़ गया है। इसके बावजूद उनके असुरक्षित निपटान से गंभीर पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उत्पन्न होते हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा प्रकाशित 2026 की रिपोर्ट ‘अप्रयुक्त दवाओं का सुरक्षित निपटान (Safe Disposal of Unused Medicines)’ इस समस्या एवं समाधान के लिए व्यापक मार्गदर्शन प्रस्तुत करती है।
Current Affairs 18-Mar-2026
भारत द्वारा प्रस्तुत प्रथम राष्ट्रीय रिपोर्ट (NR1) एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जिसे जैव-विविधता अभिसमय (CBD) के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है। इसमें नागोया प्रोटोकॉल के तहत एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) व्यवस्था के क्रियान्वयन की प्रगति का विवरण दिया गया है।
Current Affairs 18-Mar-2026
स्थानिक प्रजातियाँ (Endemic Species) वे जीव हैं जो स्वाभाविक रूप से केवल एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित होते हैं और दुनिया के अन्य हिस्सों में नहीं पाए जाते हैं।
Current Affairs 18-Mar-2026
हाल ही में, इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन ने हिमालयी क्षेत्रों में उभरते क्रायोस्फेरिक खतरों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है।
Current Affairs 17-Mar-2026
भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली NavIC (IRNSS) को हाल ही में एक गंभीर तकनीकी झटका लगा है, क्योंकि इसके एक महत्वपूर्ण उपग्रह IRNSS-1F में लगी परमाणु घड़ी ने काम करना बंद कर दिया है।
Current Affairs 17-Mar-2026
हाल ही में, भारतीय प्रधानमंत्री ने 120 मेगावाट क्षमता वाली लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।
Current Affairs 17-Mar-2026
हाल ही में, इसरो (ISRO) ने बताया कि IRNSS-1F उपग्रह का एटॉमिक क्लॉक फेल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप NavIC उपग्रह समूह में काम करने वाले पोजिशनिंग उपग्रहों की संख्या कम हो गई है।
Current Affairs 16-Mar-2026
हाल के प्रयोगशाला प्रयोगों और मंगल के कक्षीय डेटा के अध्ययन से वैज्ञानिकों ने एक असामान्य लौह सल्फेट खनिज फेरिक हाइड्रॉक्सिसल्फेट (Ferric Hydroxysulfate) की पहचान की है।
Current Affairs 16-Mar-2026
In recent times, global geopolitical tensions have made it clear that disruptions in the energy supply chain can have a direct impact on industrial production.
Current Affairs 16-Mar-2026
हाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि यदि मासिक धर्म (Menstrual) अवकाश को कानून के माध्यम से अनिवार्य बना दिया जाता है तो इसका अनपेक्षित प्रभाव महिलाओं के करियर पर पड़ सकता है। न्यायालय के अनुसार ऐसी बाध्यकारी व्यवस्था से नियोक्ताओं के व्यवहार में परिवर्तन आ सकता है जिससे महिलाओं की नियुक्ति एवं रोजगार के अवसर प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है।
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