Current Affairs 01-Nov-2025
ई-अपशिष्ट (Electronic Waste या E-Waste) ऐसे इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरणों को कहा जाता है जो अब उपयोग योग्य नहीं रहे — जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, आदि। इन उपकरणों में एक ओर जहाँ मूल्यवान धातुएँ (सोना, चाँदी, तांबा) होती हैं, वहीं दूसरी ओर हानिकारक पदार्थ (सीसा, पारा, कैडमियम, बेरिलियम) भी मौजूद रहते हैं। इसलिए ई-अपशिष्ट का सही प्रबंधन केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक आर्थिक अवसर भी है।
Current Affairs 01-Nov-2025
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तीव्र विकास ने विश्वभर में डाटा सेंटरों की मांग को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है। भारत में भी डिजिटल इंडिया, डाटा लोकलाइजेशन, 5G और IoT जैसी पहलों के कारण ऊर्जा की खपत तेज़ी से बढ़ रही है। अब जब एआई आधारित सुपरकंप्यूटिंग और जनरेटिव ए.आई. एप्लिकेशन आम होते जा रहे हैं, तो सबसे बड़ी चुनौती यह बन गई है कि इन डेटा सेंटरों को ऊर्जा कौन देगा?
Current Affairs 01-Nov-2025
भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में भूमि की गुणवत्ता (Soil Quality) और उपजाऊपन (Fertility) का संरक्षण अति आवश्यक है। लेकिन आज देश की एक-तिहाई से अधिक भूमि भूमि-निम्नीकरण (Land Degradation) से प्रभावित है। यह न केवल पर्यावरणीय चुनौती है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, आजीविका और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन का भी प्रश्न है।
Current Affairs 31-Oct-2025
भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है — 2030 तक देश की लगभग 40% जनसंख्या शहरों में निवास करेगी। परंतु यह शहरी विकास अपने साथ ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) का पहाड़ भी खड़ा कर रहा है।
Current Affairs 31-Oct-2025
29 अक्टूबर 2025 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की कि रूस ने पोसाइडन नामक न्यूक्लियर-सक्षम सुपर टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया है।
Current Affairs 31-Oct-2025
भारत विश्व का 13वाँ सर्वाधिक जल-संकटग्रस्त देश है (World Resources Institute, 2023)। देश के अधिकांश महानगर जैसे – दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, और हैदराबाद पहले से ही जल तनाव (Water Stress) की स्थिति में हैं। ऐसे में जल पुनर्चक्रण (Recycling) और पुनः उपयोग (Reuse) सतत विकास (Sustainable Development) का अनिवार्य हिस्सा बन गया है।
Current Affairs 30-Oct-2025
भारत में भूजल (Groundwater) — पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग— तीनों के लिए सबसे बड़ा स्रोत है। परंतु यही स्रोत अब गंभीर प्रदूषण और गिरते स्तर से जूझ रहा है। यह प्रदूषण धीरे-धीरे फैलता है, पर लंबे समय तक स्थायी नुकसान पहुँचाता है— इसलिए इसे “Silent Water Crisis” कहा जाता है।
Current Affairs 30-Oct-2025
संयुक्त राष्ट्र (UN) की नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए वर्तमान में उपलब्ध धन से लगभग 12 गुना अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
Current Affairs 30-Oct-2025
भारत में जल-प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती है। नदियाँ, झीलें, भूमिगत जल — सब पर औद्योगिक अपशिष्ट, घरेलू सीवेज और रासायनिक पदार्थों का बढ़ता बोझ है। इसी समस्या से निपटने के लिए 1974 में “जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम” लाया गया था। साल 2024 में इसमें एक बड़ा संशोधन अधिनियम लाया गया है, जिसका उद्देश्य है — “जल प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक, प्रभावी और ‘Ease of Doing Business’ के अनुकूल बनाना।”
Current Affairs 30-Oct-2025
भारत में तीव्र शहरीकरण, वाहन वृद्धि, औद्योगीकरण और निर्माण-गतिविधियों ने वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आज शहरी भारत विश्व के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में गिना जाता है — जहाँ स्वच्छ हवा अब एक मौलिक आवश्यकता के साथ-साथ न्याय का प्रश्न भी बन चुकी है।
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