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म्यूचुअल फंड विनियमन में संशोधन

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास एवं रोज़गार से संबंधित विषय, समावेशी विकास और इससे उत्पन्न विषय)

संदर्भ 

हाल ही में, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड (MF) के विनियमन के लिए कुछ संशोधन प्रस्तुत किए हैं। 

सेबी द्वारा प्रस्तुत संशोधन

विशेष निवेश कोष 

  • सेबी ने एक नए परिसंपत्ति वर्ग ‘विशेष निवेश कोष (Special Investment Fund : SIF)’ की शुरूआत के लिए मानदंड अधिसूचित किए हैं। इसकी न्यूनतम निवेश सीमा 10 लाख रुपएहोगी।
  • इसका उद्देश्य MF एवं पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (Portfolio Management System : PMS) के बीच अंतर को पाटना है।
  • इसके तहत म्यूचुअल फंड को ओपन-एंडेड, क्लोज-एंडेड एवं अंतराल निवेश रणनीतियों (Interval Investment Strategies) को लॉन्च करने की अनुमति होगी, जिसमें सब्सक्रिप्शन व रिडेम्प्शन फ्रीक्वेंसी (Frequency) का उचित रूप से प्रस्ताव दस्तावेज़ (Offer Document) में उल्लेख किया जाएगा।
  • SIF के तहत कोई भी योजना अपने शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (Net Asset Value : NAV) के 20% से अधिक का निवेश ऋण साधनों में नहीं करेगी। 
    • इसमें एकल जारीकर्ता द्वारा जारी किए गए मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और नॉन-मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स शामिल हैं जिन्हें क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा निवेश ग्रेड से नीचे नहीं रेट किया गया हो।
  • निवेश सीमा को परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) के न्यासी बोर्ड और निदेशक मंडल की पूर्व स्वीकृति से NAV के 25% तक बढ़ाया जा सकता है।
  • नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, 20% की सीमा ट्रेजरी बिलों व सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर लागू नहीं होगी।
  • SIF के तहत सभी योजनाओं को किसी भी कंपनी के इक्विटी शेयरों एवं इक्विटी से संबंधित उपकरणों में अपने NAV के 10% से अधिक निवेश करने की अनुमति नहीं होगी। 
  • AMC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि SIF की पहचान म्यूचुअल फंड से अलग हो, ताकि नए परिसंपत्ति वर्ग और म्यूचुअल फंड की ऑफरिंग (Offering) के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखा जा सके। 
  • अधिसूचना के अनुसार AMC ब्रांडिंग, विज्ञापन, मानक अस्वीकरण, प्रायोजक या म्यूचुअल फंड के ब्रांड नाम के उपयोग पर दिशानिर्देशों का अनुपालन करेगी।

म्यूचुअल फंड लाइट

  • सेबी ने निष्क्रिय रूप से प्रबंधित म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए म्यूचुअल फंड लाइट विनियमन को भी अधिसूचित किया है।
  • म्यूचुअल फंड लाइट AMC शुरू करने के लिए आवेदक के पास सभी व्यावसायिक लेन-देन में निष्पक्षता एवं ईमानदारी के संबंध में सामान्य प्रतिष्ठा और एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड के साथ ही AMC के नेटवर्थ में कम-से-कम 40% का योगदान होना चाहिए।
  • म्यूचुअल फंड लाइट एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पास कम-से-कम 35 करोड़ रुपए की नेटवर्थ होनी चाहिए जो परिसंपत्तियों में निवेश की गई हो। 
    • हालाँकि, यदि कंपनी लगातार पाँच वर्ष तक मुनाफा कमाती है तो नेटवर्थ को 25 करोड़ रुपए तक कम किया जा सकता है। 
  • म्यूचुअल फंड लाइट विनियमन का उद्देश्य अनुपालन आवश्यकताओं को कम करना, निवेश बढ़ाना, निवेश विविधीकरण को सुविधाजनक बनाना और नवाचार को बढ़ावा देना है।
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