हाल ही में जकार्ता में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान, भारत और इंडोनेशिया ने स्वदेशी अस्त्र एमके 1 (Astra Mk 1) हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति के लिए एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
अस्त्र एमके 1 मिसाइल का परिचय
अस्त्र एमके 1 एक उन्नत, प्रत्येक मौसम में काम करने वाली बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM - दृष्टि सीमा से परे हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल) है।
यह लंबी दूरी से अत्यधिक गतिशील और सुपरसोनिक हवाई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है तथा शत्रु के दृश्य सीमा (Visual Range) में पहुंचने से पहले ही उसे नष्ट कर सकती है।
मिसाइल का विकास:
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित तथा भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा निर्मित।
उद्देश्य:
इस मिसाइल प्रणाली का उद्देश्य भारतीय लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई लक्ष्यों पर बढ़त (Stand-off Strike Capability) प्रदान करना है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएं:
उच्च गति:यह मैक 4.5 (ध्वनि की गति से साढ़े चार गुना) तक की गति प्राप्त कर सकती है, जिससे तेज गति वाले और अत्यधिक गतिशील हवाई लक्ष्यों को शीघ्रता से नष्ट किया जा सकता है।
संचालन क्षमता: यह समुद्र तल से 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक कार्य कर सकती है तथा 80–110 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
तीन-चरणीय मार्गदर्शन प्रणाली (Three-Phase Guidance):
प्रारंभिक चरण: प्रक्षेपण के बाद पूर्व-निर्धारित आंतरिक डेटा के आधार पर मार्गदर्शन।
मध्य चरण:प्रक्षेपण करने वाले लड़ाकू विमान से रेडियो डेटा अपडेट प्राप्त कर लक्ष्य के अनुसार अपना मार्ग बदलती है।
अंतिम चरण: इन-बिल्ट रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर सक्रिय होकर लक्ष्य को स्वतः लॉक करता है तथा इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बावजूद लक्ष्य का पीछा करता है।
धुआं रहित ठोस प्रणोदन: इसमें सिंगल-पल्स स्मोकलेस सॉलिड रॉकेट मोटर का उपयोग किया गया है, जिससे प्रक्षेपण के समय धुएं का निशान नहीं बनता और प्रक्षेपण करने वाले विमान की स्थिति गुप्त रहती है।
बहु-प्लेटफॉर्म एकीकरण: यह सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान पर पूर्णतः तैनात है तथा एलसीए तेजस Mk-1A और राफेल लड़ाकू विमानों के साथ इसके एकीकरण की प्रक्रिया जारी है।
अन्य अस्त्र एमके मिसाइल
अस्त्र एमके 2 (Astra Mk 2): इसमें 200 किमी की विस्तारित रेंज शामिल है, जो एक डुअल-पल्स ठोस रॉकेट मोटर द्वारा संचालित है। यह मोटर अपने अंतिम दृष्टिकोण के दौरान फिर से सुलग सकती है, जिससे लक्ष्यों को बचने का कोई मौका नहीं मिलता।
अस्त्र एमके 3 - गांडीव (Astra Mk 3): वर्तमान में डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही यह सबसे लंबी दूरी का वेरिएंट है, जो उड़ान के दौरान निरंतर प्रणोदन (propulsion) बनाए रखने के लिए सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का उपयोग करता है। इसका लक्ष्य 350 किमी से अधिक की इंटरसेप्ट रेंज हासिल करना है।