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CURRENT AFFAIRS

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत पुलिस हिरासत और पूछताछ में वकील की मौजूदगी : सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

Indian Polity 13-Aug-2026

आपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस को अपराध की जांच, साक्ष्य जुटाने और आरोपी से पूछताछ के लिए पर्याप्त अधिकार देना आवश्यक है। वहीं, आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसके कानूनी अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी संतुलन को स्पष्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने The State of Andhra Pradesh vs. Suda Suresh Veera Venkata Naga Raju मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत पुलिस हिरासत और पूछताछ के दौरान वकील की मौजूदगी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया है। यह निर्णय पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और नई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बीच पुलिस रिमांड से जुड़े महत्वपूर्ण अंतर को भी स्पष्ट करता है।   

एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का मुद्दा

Indian Polity 12-Aug-2026

केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में उस जनहित याचिका का विरोध किया है, जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के आरक्षण में क्रीमी लेयर के आधार पर आय-आधारित बहिष्करण लागू करने की मांग की गई थी। इस मुद्दे ने आरक्षण व्यवस्था के मूल उद्देश्य, सामाजिक न्याय और आरक्षण के लाभों के समान वितरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया है।   

परिसीमन पर बहस: संघवाद, लोकतंत्र और समान मत-मूल्य के बीच संतुलन

Indian Polity 10-Aug-2026

लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के संभावित पुनर्निर्धारण के साथ परिसीमन (Delimitation) एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। वर्ष 2027 की जनगणना के आंकड़ों के बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह केवल निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने का विषय नहीं, बल्कि संघवाद, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व, जनसंख्या नियंत्रण और ‘एक व्यक्ति, एक मत, एक मूल्य’ के बीच संतुलन का प्रश्न है।  

आर्द्रभूमियों की सुरक्षा की ओर सर्वोच्च न्यायालय का सक्रिय हस्तक्षेप

Indian Polity 07-Aug-2026

भारत में तीव्र औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और खनन गतिविधियों के विस्तार ने प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर आर्द्रभूमियों (Wetlands), पर अभूतपूर्व दबाव उत्पन्न किया है। आर्द्रभूमियाँ केवल जल संरक्षण या जैव विविधता का आधार ही नहीं हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण तथा स्थानीय आजीविका के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे समय में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देशभर के आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्वों के 10 किलोमीटर के दायरे में खनन गतिविधियों पर पूर्व स्वीकृति अनिवार्य करने संबंधी स्पष्टीकरण भारतीय पर्यावरणीय न्यायशास्त्र (Environmental Jurisprudence) में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा सकता है।  

भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) विधेयक, 2026 : सुधार और स्वायत्तता के बीच संतुलन की चुनौती

Indian Polity 06-Aug-2026

हाल ही में लोकसभा में प्रस्तुत भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) विधेयक, 2026 ने शैक्षणिक एवं अनुसंधान जगत में व्यापक बहस को जन्म दिया है। यह विधेयक 67 वर्ष पुराने भारतीय सांख्यिकी संस्थान अधिनियम, 1959 का स्थान लेकर संस्थान की शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव करता है।

लिव-इन संबंधों में महिलाओं को घरेलू क्रूरता से आपराधिक संरक्षण

Indian Polity 05-Aug-2026

भारतीय समाज में विवाह संस्था के साथ-साथ लिव-इन संबंधों की स्वीकार्यता भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। सामाजिक परिवर्तन के इस दौर में महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों का प्रश्न न्यायपालिका के समक्ष लगातार उभरता रहा है। इसी संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि घरेलू क्रूरता के विरुद्ध उपलब्ध आपराधिक संरक्षण केवल विधिक रूप से विवाहित महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे लिव-इन संबंधों में रहने वाली महिलाओं को भी मिलेगा जिनमें दोनों पक्षों के बीच विवाह करने का वास्तविक और स्पष्ट इरादा हो। 

कावेरी जल विवाद

Indian Polity 31-Jul-2026

कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर एक बार फिर कर्नाटक और तमिलनाडु आमने-सामने हैं। नई दिल्ली में आयोजित कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) की बैठक में कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के उस आदेश को मंजूरी दे दी गई, जिसमें कर्नाटक को 29 जुलाई से लगातार 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। यदि निर्धारित मात्रा पूरे पंद्रह दिनों तक छोड़ी जाती है, तो तमिलनाडु को लगभग 4.5 टीएमसी (हजार मिलियन घन फुट) पानी प्राप्त होगा। 

बिटचैट (BitChat) प्रतिबंध और भारत में ऑनलाइन स्वतंत्रता की बहस

Indian Polity 28-Jul-2026

गृह मंत्रालय के अधीन इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा ब्लूटूथ आधारित विकेंद्रीकृत मैसेजिंग एप्लिकेशन BitChat से जुड़े GitHub रिपॉजिटरी हटाने का निर्देश डिजिटल स्वतंत्रता और राज्य की सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन की बहस को फिर सामने लाता है। 23 जुलाई, 2026 को जारी आदेश में I4C ने GitHub को BitChat से संबंधित तीन रिपॉजिटरी हटाने को कहा, जिनमें एंड्रॉयड एप्लिकेशन और रिलीज फाइलें शामिल थीं। सरकार का कहना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के समन्वय, निगरानी से बचने और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है।

आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम

Indian Polity 28-Jul-2026

हाल ही में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम (Atmanirbhar Panchayat Programme) और समर्थ पंचायत पोर्टल (SAMARTH Panchayat Portal) का शुभारंभ किया है।

फुटपाथ पर चलने के अधिकार और आजीविका के अधिकार के बीच संतुलन

Indian Polity 24-Jul-2026

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुरक्षित एवं अतिक्रमण-मुक्त फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद कर्नाटक के बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण के अधीन पांच नगर निगमों में 10 दिवसीय सेफ फुटपाथ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत फुटपाथों से हजारों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाकर अतिक्रमण हटाया गया। 

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