Indian Polity 23-Jun-2026
देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court of India) ने एक अभूतपूर्व फैसला सुनाते हुए देश के नागरिकों को एक नया संवैधानिक कवच दिया है। न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि सुरक्षित और स्पष्ट रूप से सीमांकित फुटपाथों (Demarcated Footpaths) पर चलना अब केवल एक नागरिक सुविधा नहीं, बल्कि संविधान के भाग III के अंतर्गत मिला एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है। अपने निर्णय में अदालत ने साफ किया कि सड़कों पर चलने वाले राहगीरों का हक, गाड़ियों की आवाजाही से कहीं ऊपर है। इसके साथ ही कोर्ट ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Indian Polity 20-Jun-2026
हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि सुरक्षित एवं चिन्हित (demarcated) फुटपाथों पर चलने का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है।
Indian Polity 18-Jun-2026
हाल ही में न्यायमूर्ति वी. मोहना की भारत के सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति भारतीय न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है।
Indian Polity 17-Jun-2026
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की सूचना दिए जाने के बाद दल-बदल विरोधी कानून से जुड़ी संवैधानिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने विशेष रूप से संविधान की दसवीं अनुसूची में निहित विलय संबंधी प्रावधानों की व्याख्या को लेकर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
Indian Polity 13-Jun-2026
भारत में घटते बाल लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में पूर्व-गर्भाधान एवं प्रसवपूर्व नैदानिक तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 (PCPNDT Act) के सख्त क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया है।
Indian Polity 13-Jun-2026
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन निकोबारी जनजातीय समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
Indian Polity 12-Jun-2026
देश की सर्वोच्च अदालत ने घरेलू कामगार महिलाओं के हक में एक युगांतकारी निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि घर संभालने वाली महिलाओं (Homemakers) का श्रम अदृश्य जरूर है, लेकिन उसका मूल्य अमूल्य है। कोर्ट ने उन्हें राष्ट्र निर्माता का दर्जा देते हुए व्यवस्था दी है कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामलों में मुआवजे की गणना के दौरान उनके अवैतनिक घरेलू कार्यों का मूल्य न्यूनतम ₹30,000 प्रति माह आंका जाना चाहिए।
Indian Polity 12-Jun-2026
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि जब कोई व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 226(1) के तहत उपलब्ध संवैधानिक उपचार (Constitutional Remedy) प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का उपयोग करता है, तब ‘डॉक्ट्रिन ऑफ फोरम नॉन कन्वीनियंस’ (Doctrine of Forum Non Conveniens) का प्रयोग बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह टिप्पणी एक बर्खास्त बीएसएफ अधिकारी की अपील पर सुनवाई करते हुए की।
Indian Polity 10-Jun-2026
हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
Indian Polity 08-Jun-2026
भारतीय लोकतंत्र की नींव शक्ति के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत पर टिकी है, जहाँ न्यायपालिका को कार्यपालिका के किसी भी हस्तक्षेप से मुक्त रखने का प्रावधान है।
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