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CURRENT AFFAIRS

गृहणियों के अवैतनिक श्रम को न्यायिक मान्यता

Indian Polity 12-Jun-2026

देश की सर्वोच्च अदालत ने घरेलू कामगार महिलाओं के हक में एक युगांतकारी निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि घर संभालने वाली महिलाओं (Homemakers) का श्रम अदृश्य जरूर है, लेकिन उसका मूल्य अमूल्य है। कोर्ट ने उन्हें राष्ट्र निर्माता का दर्जा देते हुए व्यवस्था दी है कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामलों में मुआवजे की गणना के दौरान उनके अवैतनिक घरेलू कार्यों का मूल्य न्यूनतम ₹30,000 प्रति माह आंका जाना चाहिए।

संवैधानिक उपचारों के लिए रिट याचिका और ‘फोरम नॉन कन्वीनियंस’ सिद्धांत

Indian Polity 12-Jun-2026

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि जब कोई व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 226(1) के तहत उपलब्ध संवैधानिक उपचार (Constitutional Remedy) प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का उपयोग करता है, तब ‘डॉक्ट्रिन ऑफ फोरम नॉन कन्वीनियंस’ (Doctrine of Forum Non Conveniens) का प्रयोग बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह टिप्पणी एक बर्खास्त बीएसएफ अधिकारी की अपील पर सुनवाई करते हुए की।

असामान्य चुनाव चिह्नों पर निर्वाचन आयोग के नियम

Indian Polity 10-Jun-2026

हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

भारत में अध्यादेश (Ordinance) और न्यायिक स्वतंत्रता पर उठे संवैधानिक प्रश्न

Indian Polity 08-Jun-2026

भारतीय लोकतंत्र की नींव शक्ति के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत पर टिकी है, जहाँ न्यायपालिका को कार्यपालिका के किसी भी हस्तक्षेप से मुक्त रखने का प्रावधान है।

वचनबद्ध निरोध (Promissory Estoppel) का सिद्धांत : अवधारणा, शर्तें एवं हालिया सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय

Indian Polity 02-Jun-2026

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि Promissory Estoppel (वचनबद्ध निरोध) के सिद्धांत का उपयोग किसी ऐसी सरकारी नीति के लाभ का दावा करने के लिए नहीं किया जा सकता, जिसका उद्देश्य कभी किसी विशेष औद्योगिक इकाई को लाभ पहुँचाना ही नहीं था।

मानव तस्करी के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश

Indian Polity 30-May-2026

भारत में मानव तस्करी लंबे समय से एक गंभीर मानवाधिकार चुनौती बनी हुई है। महिलाओं और बच्चों को शोषण के विभिन्न रूपों में धकेलने वाली यह समस्या न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त गरिमा, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों पर भी सीधा प्रहार करती है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग का अधिकार

Indian Polity 29-May-2026

सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने एक ऐतिहासिक फैसले में बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) करने के निर्वाचन आयोग (Election Commission) के फैसले को सही ठहराया है। अदालत ने न केवल चुनाव आयोग के इस अधिकार को बरकरार रखा, बल्कि पुनरीक्षण के लिए आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर भी अपनी मुहर लगा दी है।   

दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद - सरकारी भूमि, स्थायी पट्टा और सार्वजनिक उद्देश्य का कानूनी प्रश्न

Indian Polity 28-May-2026

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने दिल्ली जिमखाना क्लब को निर्देश दिया है कि वह 5 जून 2026 तक नई दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित 27.3 एकड़ के पट्टे पर लिए गए परिसर को खाली कर दे। 

न्यायिक सक्रियता और पूर्ण न्याय

Indian Polity 27-May-2026

हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय इन री: फालोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य (2025) के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का अभिन्न अंग घोषित किया है। न्यायालय का यह कदम भारतीय न्यायशास्त्र में पूर्ण न्याय (Complete Justice) सुनिश्चित करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर है।

जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्चस्तरीय समिति

Indian Polity 27-May-2026

हाल ही में भारत सरकार ने अवैध आप्रवास और अन्य असामान्य कारणों से उत्पन्न जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से निपटने के उपायों पर सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर, 2025 को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी थी। 

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