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CURRENT AFFAIRS

फुटपाथ पर चलने के अधिकार और आजीविका के अधिकार के बीच संतुलन

Indian Polity 24-Jul-2026

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुरक्षित एवं अतिक्रमण-मुक्त फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद कर्नाटक के बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण के अधीन पांच नगर निगमों में 10 दिवसीय सेफ फुटपाथ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत फुटपाथों से हजारों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाकर अतिक्रमण हटाया गया। 

फास्ट ट्रैक कोर्ट : त्वरित न्याय की अवधारणा

Indian Polity 24-Jul-2026

भारतीय न्यायपालिका लंबे समय से लंबित मामलों के बढ़ते बोझ, न्यायिक संसाधनों की कमी तथा मुकदमों के निस्तारण में होने वाली देरी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे परिदृश्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Courts-FTCs) को त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपाय के रूप में विकसित किया गया है। हाल ही में पेपर लीक मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा के बाद इन अदालतों की उपयोगिता और प्रभावशीलता पर पुनः चर्चा तेज हो गई है।

वैवाहिक विवादों में नियोक्ता को शिकायत : प्रतिष्ठा का अधिकार और न्यायिक संतुलन

Indian Polity 23-Jul-2026

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने वैवाहिक विवादों के दौरान पत्नियों द्वारा अपने पतियों के नियोक्ताओं को शिकायत-पत्र भेजने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। न्यायालय ने कहा कि यदि ऐसे पत्रों के कारण पति की नौकरी या पेशेवर प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव उसकी भरण-पोषण (मेंटेनेंस) देने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। यह विषय प्रतिष्ठा के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, वैवाहिक विवादों और न्यायिक उत्तरदायित्व के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163

Indian Polity 22-Jul-2026

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के विरोध में लगभग 12,000 प्रदर्शनकारियों द्वारा जंतर-मंतर से संसद भवन तक आयोजित संसद मार्च के उपरांत नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई। पुलिस प्रशासन द्वारा अनुमति के अभाव का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग से पूर्व ही बैरिकेडिंग के माध्यम से रोक दिया गया। 

बालिग अविवाहित बेटी उच्च शिक्षा के लिए पिता से आर्थिक सहायता की हकदार

Indian Polity 21-Jul-2026

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि माता-पिता के बीच घरेलू संबंध तनावपूर्ण हों, तब भी बालिग अविवाहित बेटी घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 20(1)(d) के तहत अपने पिता से उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर सकती है। 

बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार कैदियों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Indian Polity 17-Jul-2026

भारतीय न्यायपालिका ने जेल सुधारों और मानवाधिकारों की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।

अनुपस्थिति में मुकदमा (Trial in Absentia)

Indian Polity 15-Jul-2026

हाल ही में जम्मू स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के क्रम में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तान स्थित सरगना हाफिज सईद के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।

जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (DDCs)

Indian Polity 13-Jul-2026

जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषदों (District Development Councils-DDCs) की स्थापना के बाद से स्थानीय शासन व्यवस्था को लेकर व्यापक राजनीतिक, प्रशासनिक और संवैधानिक चर्चा होती रही है।

जस्टिस वर्मा मामला और न्यायिक जवाबदेही

Indian Polity 11-Jul-2026

इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखने का लोक सभा स्पीकर ओम बिरला का फैसला देश की न्यायपालिका और विधायी इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम है।

भूल जाने का अधिकार (Right to be forgotten)

Indian Polity 09-Jul-2026

डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध व्यक्तिगत सूचनाएँ किसी व्यक्ति की पहचान एवं प्रतिष्ठा को दीर्घकाल तक प्रभावित कर सकती हैं, भले ही वह न्यायिक या प्रशासनिक प्रक्रिया में निर्दोष सिद्ध हो चुका हो। इसी संदर्भ में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूल जाने के अधिकार (Right to be Forgotten) पर महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए डिजिटल निजता, मानवीय गरिमा तथा खुली न्याय व्यवस्था के मध्य संतुलन स्थापित करने हेतु व्यापक संवैधानिक सिद्धांत प्रतिपादित किए हैं। 

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