Indian Polity 02-Mar-2026
हाल में, Controller General of Accounts (CGA) ने नई दिल्ली में दो नई पहलें प्रारंभ कीं — गवर्नमेंट बैंक डैशबोर्ड तथा गवर्नमेंट बैंक मैनुअल।
Indian Polity 02-Mar-2026
एनसीईआरटी की एक पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार के कथित उल्लेख को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लिया जाना सार्वजनिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और गरिमा की रक्षा के महत्व को उजागर करता है।
Indian Polity 01-Mar-2026
भारत में शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि 2031 तक देश की लगभग 41% आबादी शहरों में निवास करेगी। ऐसे में शहरी बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, जलापूर्ति, परिवहन और आवास जैसी सेवाओं पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
Indian Polity 27-Feb-2026
हाल के समय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की टिप्पणियों ने प्रचलित तथाकथित ‘बुलडोज़र न्याय’ की प्रवृत्ति को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। इस व्यवस्था में अपराध के आरोप सामने आते ही संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाती है।
Indian Polity 27-Feb-2026
आजीविका का अधिकार (Right to Livelihood) अत्यंत महत्वपूर्ण मानवाधिकारों में शामिल है क्योंकि यह प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है। यदि व्यक्ति के पास आजीविका के साधन न हों, तो उसका अस्तित्व ही संकट में पड़ जाता है और अन्य मौलिक अधिकार भी व्यवहारिक रूप से अर्थहीन हो जाते हैं।
Indian Polity 27-Feb-2026
सितंबर 2018 में Indian Young Lawyers Association v. State of Kerala में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पाँच न्यायाधीशों की पीठ ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए सभी आयु वर्ग की महिलाओं को केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी।
Indian Polity 26-Feb-2026
हाल ही में मलयालम भाषी जनता की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय न केवल एक नाम परिवर्तन है, बल्कि भारत के भाषाई संघवाद की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
Indian Polity 26-Feb-2026
आदिवासी महिलाओं के संपत्ति अधिकारों का मुद्दा आज संवैधानिक संरक्षण, लैंगिक समानता और स्वदेशी पहचान के त्रिकोण पर खड़ा है। जहाँ 'हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956' बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार देता है, वहीं अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे एक गंभीर कानूनी विसंगति उत्पन्न होती है।
Indian Polity 24-Feb-2026
भारत के उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने 7 अप्रैल से नौ-न्यायाधीशों की एक बड़ी संविधान पीठ के समक्ष उन पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करने का निर्णय लिया है, जो 2018 के ऐतिहासिक फैसले को चुनौती देती हैं।
Indian Polity 23-Feb-2026
भारत अब केवल महिलाओं के विकास (Women’s Development) से आगे बढ़कर महिला नेतृत्व में विकास (Women-Led Development) की ओर बढ़ रहा है जहाँ महिलाएँ आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक बदलाव की प्रेरक शक्ति बनती हैं। यह दृष्टिकोण विकसित भारत @2047 और नारी शक्ति के विज़न के अनुरूप है।
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