Indian Polity 22-Apr-2026
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1996 के चर्चित प्रियदर्शिनी मट्टू मामले में संतोष कुमार सिंह की समयपूर्व रिहाई याचिका पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु उठाया है।
Indian Polity 18-Apr-2026
हाल ही में लोकसभा द्वारा संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के संवैधानिक संशोधन विधेयक को खारिज किया जाना, भारतीय लोकतंत्र में लैंगिक समानता के संघर्ष को एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
Indian Polity 16-Apr-2026
हंगरी की राजनीति में 12 अप्रैल का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में दर्ज हो गया है।
Indian Polity 16-Apr-2026
भारत सरकार ने देश के राजनीतिक मानचित्र को पुनर्परिभाषित करने के उद्देश्य से संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक प्रस्तुत किया है।
Indian Polity 15-Apr-2026
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों से डुप्लिकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर अवैध प्रवासियों की पहचान करना था, अब पश्चिम बंगाल में एक गहरे राजनीतिक और कानूनी विवाद का केंद्र बन गई है।
Indian Polity 14-Apr-2026
हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारत निर्वाचन आयोग को निर्देशित करते हुए एक ऐतिहासिक टिप्पणी की है।
Indian Polity 10-Apr-2026
वर्ष 2020 के चर्चित सत्तंकुलम हिरासत मृत्यु मामले में तमिलनाडु की एक अधीनस्थ अदालत ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए व्यापारी पी. जयराज और उनके पुत्र जे. बेनिक्स की हत्या के दोषी नौ पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड से दंडित किया है।
Indian Polity 10-Apr-2026
भारत की पारंपरिक नियामक व्यवस्था लंबे समय से अत्यधिक दंडात्मक प्रकृति की रही है, जिसमें छोटी-छोटी प्रक्रियागत गलतियों या तकनीकी त्रुटियों पर भी आपराधिक कार्रवाई, यहाँ तक कि कारावास तक की सजा का प्रावधान किया जाता रहा है।
Indian Polity 04-Apr-2026
दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में भ्रष्टाचार का हाई-प्रोफाइल मामला हाल ही में तब खत्म हो गया जब निचली अदालत ने रिश्वतखोरी या साजिश के प्रथम दृष्टया सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए आरोप तय करने से भी इनकार कर दिया।
Indian Polity 04-Apr-2026
हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया एक निर्णय सार्वजनिक रोजगार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुआ है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि भले ही किसी सरकारी कर्मचारी के पास पदोन्नति पाने का कोई स्वतः अधिकार न हो, लेकिन यदि वह पात्रता की शर्तों को पूरा करता है, तो 'पदोन्नति के लिए निष्पक्ष विचार' प्राप्त करना उसका एक अटल मौलिक अधिकार है। यह निर्णय प्रशासनिक निकायों की उस मनमानी पर लगाम लगाता है जहाँ पात्रता के बावजूद कर्मचारियों को मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है।
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