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देशभर में अपराध 6 फीसदी घटे, NCRB की रिपोर्ट

चर्चा में क्यों ?

National Crime Records Bureau (NCRB) ने हाल ही में Crime in India 2024 और Accidental Deaths & Suicides in India (ADSI) 2024 रिपोर्ट जारी की है।

प्रमुख बिन्दु 

  • रिपोर्ट में देश में अपराध, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, आत्महत्या, नशे से मौत और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत में कुल संज्ञेय अपराधों (Cognisable Crimes) में कमी दर्ज की गई, लेकिन साइबर अपराध, आर्थिक धोखाधड़ी, ड्रग ओवरडोज मौतों और सामाजिक संकट से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई।

भारत में अपराध की स्थिति (Overall Crime Trends)

कुल अपराध दर में गिरावट

  • 2024 में भारत में कुल 58.86 लाख संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए।
  • 2023 में यह संख्या 62.41 लाख थी।
  • यानी कुल अपराधों में लगभग 6% की गिरावट दर्ज की गई।

अपराध दर में कमी

वर्ष

प्रति लाख जनसंख्या अपराध दर

2023

448.3

2024

418.9

दर्ज मामलों का वर्गीकरण

श्रेणी

मामले

IPC / BNS के तहत

35.44 लाख

विशेष एवं स्थानीय कानून (SLL)

23.41 लाख

प्रमुख निष्कर्ष

  • कुछ क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और रिपोर्टिंग प्रणाली में सुधार दिखाई देता है।
  • हालांकि डिजिटल अपराधों में तेजी से वृद्धि नई चुनौती बनकर उभरी है।

साइबर अपराध में तेजी (Surge in Cybercrime)

  • 2023 में साइबर अपराध के 86,420 मामले दर्ज हुए थे।
  • 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,01,928 हो गई।
  • यानी लगभग 17.9% की वृद्धि हुई।

साइबर अपराध दर

वर्ष

प्रति लाख जनसंख्या अपराध दर

2023

6.2

2024

7.3

साइबर अपराध के प्रमुख कारण

अपराध का प्रकार

मामले

साइबर धोखाधड़ी

73,987

यौन शोषण

3,190

जबरन वसूली

2,536

बदनाम करना

2,231

व्यक्तिगत बदला

1,850

महत्वपूर्ण तथ्य

  • कुल साइबर अपराधों में लगभग 72.6% मामले साइबर फ्रॉड से जुड़े थे।

सबसे अधिक साइबर अपराध वाले राज्य

राज्य

मामले

तेलंगाना

27,230

कर्नाटक

21,003

मेट्रो शहरों की स्थिति

  • 2024 में मेट्रो शहरों में लगभग 35,000 साइबर अपराध मामले दर्ज हुए।
  • 1.2 लाख से अधिक मामले जांच के लिए लंबित रहे।
  • लगभग 75,000 मामले ट्रायल में लंबित हैं।

प्रमुख चुनौतियां

  • डिजिटल सुरक्षा की कमी
  • साइबर पुलिसिंग की सीमित क्षमता
  • न्यायिक देरी
  • साइबर जागरूकता की कमी

आर्थिक अपराधों में वृद्धि

आर्थिक अपराध के आंकड़े

  • 2023 : 2,04,973 मामले
  • 2024 : 2,14,379 मामले
  • वृद्धि : लगभग 4.6%

प्रमुख आर्थिक अपराध

अपराध

मामले

Forgery, Cheating & Fraud

1,92,382

Criminal Breach of Trust

21,251

इसका क्या मतलब है? 

  • ऑनलाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है।
  • डिजिटल भुगतान और फिनटेक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं।
  • उपभोक्ता सुरक्षा तंत्र कमजोर है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध

मामूली गिरावट दर्ज

वर्ष

मामले

2023

4.48 लाख

2024

4.41 लाख

प्रमुख अपराध

  • पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
  • अपहरण
  • नाबालिगों के खिलाफ अपराध
  • शील भंग करने की कोशिश

प्रमुख चिंता

  • घरेलू हिंसा अब भी गंभीर समस्या बनी हुई है।
  • कई मामलों में शिकायत दर्ज ही नहीं होती।
  • कम दोषसिद्धि दर बड़ी चुनौती है।

SC/ST समुदायों के खिलाफ अपराध

अनुसूचित जाति (SC)

वर्ष

मामले

2023

57,789

2024

55,698

सबसे अधिक मामले:

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • बिहार

अनुसूचित जनजाति (ST)

वर्ष

मामले

2023

12,960

2024

9,966

सबसे अधिक मामले:

  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • महाराष्ट्र

महत्वपूर्ण टिप्पणी

  • मामलों में कमी का अर्थ हमेशा भेदभाव में कमी नहीं होता। कई बार यह कम रिपोर्टिंग और न्याय तक सीमित पहुंच को भी दर्शाता है।

बच्चों की सुरक्षा और किशोर अपराध

लापता बच्चों के मामलों में वृद्धि

वर्ष

मामले

2023

91,296

2024

98,375

श्रेणी अनुसार

  • लड़कियां : 75,603
  • लड़के : 22,768
  • ट्रांसजेंडर बच्चे : 4

किशोर अपराध (Children in Conflict with Law)

  • दिल्ली में सबसे अधिक 2,306 मामले दर्ज हुए।

संकेत क्या हैं?

  • शहरी असुरक्षा
  • बाल तस्करी का खतरा
  • किशोर अपराध में वृद्धि
  • बाल सुरक्षा प्रणाली की कमजोरी

आत्महत्या और सामाजिक संकट

आत्महत्या के चिंताजनक आंकड़े

  • 2024 में भारत में कुल 1,70,746 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए।

सबसे अधिक प्रभावित वर्ग

वर्ग

मामले

दिहाड़ी मजदूर

कुल मामलों का लगभग 31%

बेरोजगार

14,778

छात्र

14,488

गृहिणियां

22,113

कृषि क्षेत्र में आत्महत्या

श्रेणी

मामले

किसान

4,633

कृषि मजदूर

5,913

प्रमुख कारण

  • आर्थिक असुरक्षा
  • बेरोजगारी
  • मानसिक तनाव
  • सामाजिक अलगाव
  • कृषि संकट

सबसे अधिक प्रभावित राज्य

राज्य

मौतें

तमिलनाडु

313

पंजाब

106

मध्य प्रदेश

90

राजस्थान

69

मिजोरम

65

प्रमुख चिंता

  • नशे का बढ़ता नेटवर्क
  • पुनर्वास प्रणाली की कमजोरी
  • युवाओं में बढ़ती लत

राज्य के खिलाफ अपराध

मामलों में वृद्धि

वर्ष

मामले

2023

4,873

2024

5,194

प्रमुख कानून

कानून

हिस्सेदारी

Prevention of Damage to Public Property Act

84.6%

UAPA

649 मामले

संकेत

  • आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां
  • चरमपंथ और सार्वजनिक व्यवस्था की समस्या

NCRB रिपोर्ट से उभरी प्रमुख चुनौतियां

संस्थागत चुनौतियां

  • साइबर अपराध जांच में लंबित मामले 
  • कम दोषसिद्धि दर 
  • फॉरेंसिक क्षमता की कमी 
  • न्यायिक देरी 

सामाजिक चुनौतियां

  • कृषि संकट 
  • महिलाओं के खिलाफ हिंसा 
  • मानसिक स्वास्थ्य संकट 
  • नशे की समस्या 

प्रशासनिक चुनौतियां

  • राज्यों के बीच समन्वय की कमी 
  • साइबर जागरूकता की कमी 
  • पुनर्वास और काउंसलिंग सिस्टम कमजोर 

आगे की राह (Way Forward)

साइबर सुरक्षा मजबूत करना

  • साइबर पुलिस स्टेशनों का विस्तार 
  • डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता बढ़ाना 
  • साइबर जागरूकता अभियान चलाना 

न्यायिक सुधार

  • साइबर और आर्थिक अपराध मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट 
  • लंबित मामलों में कमी 

सामाजिक सुरक्षा उपाय

  • मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार 
  • किसानों और बेरोजगारों के लिए सहायता योजनाएं 

महिला और बाल सुरक्षा

  • महिला हेल्पलाइन मजबूत करना 
  • बच्चों की ट्रैकिंग प्रणाली बेहतर बनाना 

नशा रोकथाम

  • पुनर्वास केंद्र बढ़ाना 
  • युवाओं में जागरूकता अभियान चलाना

निष्कर्ष

NCRB की Crime in India 2024 रिपोर्ट भारत की कानून व्यवस्था की मिश्रित तस्वीर पेश करती है। एक तरफ कुल अपराधों में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध, आर्थिक धोखाधड़ी, आत्महत्या और ड्रग ओवरडोज जैसे मामलों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। यह रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल युग में भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली, मजबूत साइबर सुरक्षा, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य ढांचे और समावेशी सामाजिक नीतियों की सख्त जरूरत है।

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