हाल ही में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर मिशन क्वीन पाइनएप्पल का शुभारंभ किया।
मिशन क्वीन पाइनएप्पल के बारे में
यह 236 करोड़ रुपये की समन्वय-आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य त्रिपुरा में अनन्नास की खेती और उससे जुड़ी मूल्य श्रृंखला का विकास करना है।
यह मिशन त्रिपुरा की जीआई-टैग प्राप्त क्वीन पाइनएप्पल को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक की तीन-वर्षीय कार्यान्वयन रूपरेखा के रूप में तैयार किया गया है।
उद्देश्य
इसका उद्देश्य राज्य में अनन्नास के लिए एक एकीकृत मूल्य श्रृंखला इकोसिस्टम की स्थापना करना है।
यह पहल केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को उत्पादन और संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक पूरी मूल्य श्रृंखला में सक्रिय भागीदार बनाना है।
प्रमुख अवसंरचना घटक
इस कार्यक्रम के तहत हब एंड स्पोक अनन्नास कटाई के बाद का एकीकृत इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।
इसमें अगरतला हवाई अड्डे के निकट एक सेंट्रल हब तथा पश्चिम त्रिपुरा, खोवाई और सेपाहिजाला जिलों के प्रमुख अनन्नास उगाने वाले क्लस्टरों में आठ स्पोक कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इस अवसंरचना में ग्रेडिंग सुविधाएं, कोल्ड स्टोरेज, रीफर लॉजिस्टिक्स, सोलर कोल्ड स्टोरेज, आईओटी-सक्षम फार्म मॉनिटरिंग तथा डिजिटल ट्रेसबिलिटी सिस्टम शामिल होंगे।
बायो-इकोनॉमी रणनीति
अब तक अनन्नास पौधे का लगभग 60 प्रतिशत, भाग अपशिष्ट के रूप में फेंक दिया जाता है। यद्यपि अब उसे उसे ब्रॉमेलिन निष्कर्षण, अनन्नास पत्ती फाइबर (पीएएलएफ) प्रोसेसिंग और जीआई-आधारित कन्फेक्शनरी इकाइयों के माध्यम से मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जाएगा।
ये पहलें महिला स्वयं सहायता समूहों, जनजातीय समुदायों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन करेंगी, साथ ही अनन्नास खेती के आसपास की सर्कुलर इकोनॉमी को भी मजबूत करेंगी।
मिशन का महत्त्व
यह मिशन राज्य में टिकाऊ आजीविका, किसान-आधारित मूल्य सृजन और निर्यात-उन्मुख विकास को मजबूत प्रदान करते हुए त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना करता है।
त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल के बारे में
त्रिपुरा का राजकीय फल क्वीन पाइनएप्पल अपनी विशिष्ट सुगंध,कम रेशेदार बनावट और जीआई -प्रमाणित पहचान के कारण खास स्थान रखता है।
क्वीन पाइनएप्पल विटामिन ए, बी और सी तथा पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
इसके उत्पादन में उत्पादक रासायनिक खादों या रसायनों का उपयोग नहीं करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह कीटनाशक अवशेष-मुक्त (pesticide residue-free) उत्पाद होता है।
उत्पादन की विधि
त्रिपुरा में क्वीन पाइनएप्पल का व्यावसायिक प्रसार (Propagation) सकर्स (suckers - पौधों के नीचे से निकलने वाले कल्ले/छोटे पौधे) द्वारा किया जाता है।
खेती के लिए आमतौर पर 30-40% ढलान वाले क्षेत्र को चुना जाता है। इन पौधों को रेतीली मिट्टी और जलभराव को रोकने के लिए अच्छे जल निकासी (drainage) की आवश्यकता होती है।
इसकी खेती के लिए 18°C से 32°C का तापमान सबसे अनुकूल होता है।