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ऑनलाइन गेमिंग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: 28% GST और राज्यीय प्रतिबंधों को मिली मंजूरी

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग में लगाए जाने वाले दांव (bets) के पूर्ण अंकित मूल्य (Full Face Value) पर 28% GST लगाने को वैध ठहराया है। 
  • साथ ही, ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं जुआ पर प्रतिबंध लगाने वाले राज्यों के कानूनों को भी सही माना है। इस निर्णय से गेमिंग उद्योग पर लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की संभावित कर देनदारी आ सकती है।

संगठित ऑनलाइन गेमिंग (Organised Online Gaming)

  • ऑनलाइन गेमिंग का अर्थ इंटरनेट के माध्यम से खेले जाने वाले डिजिटल खेलों से है, जिनमें अक्सर वास्तविक धन (Real Money) शामिल होता है।

प्रमुख प्रकार

  • फैंटेसी स्पोर्ट्स – जैसे Dream11, जहां खिलाड़ी वास्तविक खिलाड़ियों के आधार पर वर्चुअल टीम बनाते हैं। 
  • रियल मनी गेम्स (RMG) जैसे रम्मी और पोकर। 
  • कैसीनो-शैली के खेल ऑनलाइन कैसीनो गेम्स। 
  • कौशल-आधारित खेल (Skill-Based Games) जिनमें रणनीति और निर्णय क्षमता महत्वपूर्ण होती है। 
  • ई-स्पोर्ट्स एवं कैजुअल गेमिंग – प्रतियोगी वीडियो गेमिंग। 

कौशल (Skill) और संयोग (Chance) आधारित खेलों में अंतर

कौशल आधारित खेल (Games of Skill)

  • परिणाम मुख्यतः खिलाड़ी की योग्यता, ज्ञान और रणनीति पर निर्भर करते हैं। 
  • उदाहरण: रम्मी, पोकर, फैंटेसी स्पोर्ट्स। 

संयोग आधारित खेल (Games of Chance)

  • परिणाम मुख्यतः भाग्य या यादृच्छिक कारकों पर निर्भर करते हैं। 
  • उदाहरण: लॉटरी, पासा आधारित खेल। 

हालांकि, जब इन खेलों में धन का दांव लगाया जाता है, तब इनके बीच का अंतर कम स्पष्ट हो जाता है।

भारत में ऑनलाइन गेमिंग का नियमन

संवैधानिक प्रावधान

  • राज्य सूची की प्रविष्टि 34 – राज्यों को सट्टेबाजी एवं जुए पर कानून बनाने का अधिकार। 
  • राज्य सूची की प्रविष्टि 62 – राज्यों को सट्टेबाजी एवं जुए पर कर लगाने का अधिकार। 

प्रमुख कानून

  • Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 – ऑनलाइन धन-आधारित खेलों पर प्रतिबंध हेतु केंद्रीय कानून (अधिसूचना लंबित)। 
  • राज्य कानून – तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने धन-आधारित ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाए हैं। 
  • आईटी नियम, 2023 – ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्मों के नियमन हेतु संशोधित नियम। 

GST व्यवस्था

अक्टूबर 2023 में GST परिषद ने निम्न गतिविधियों पर 28% GST लागू किया:

  • ऑनलाइन गेमिंग 
  • लॉटरी 
  • कैसीनो 
  • घुड़दौड़ (Horse Racing) 

उद्योग का तर्क :-GST केवल Gross Gaming Revenue (GGR) अर्थात प्लेटफॉर्म की कमीशन आय पर लगाया जाए। 

सरकार का तर्क :-GST दांव की पूरी राशि (Face Value) पर लगाया जाए। 

मामले की पृष्ठभूमि

तमिलनाडु कानून :-2020 के अध्यादेश और बाद में 2021 के संशोधन कानून द्वारा धन-आधारित ऑनलाइन गेमिंग को अपराध घोषित किया गया। 

कर्नाटक कानून :-Karnataka Police (Amendment) Act, 2021 द्वारा अधिकांश ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया। 

उच्च न्यायालयों के निर्णय

  • मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु कानून को रद्द किया। 
  • कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 2021 के संशोधन के कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक ठहराया। 

राज्यों की अपील

  • तमिलनाडु और कर्नाटक सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 
  • राज्यों ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत, वित्तीय नुकसान और आत्महत्या जैसी सामाजिक समस्याओं का हवाला दिया। 

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

1. 28% GST को वैध ठहराया और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि:

  • ऑनलाइन गेमिंग पर 28% GST संवैधानिक रूप से वैध है। 
  • दांव की पूरी राशि (Face Value) पर GST लगाया जा सकता है। 
  • केवल GGR पर कर लगाने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। 

न्यायालय की टिप्पणी :-"डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खेले जाने वाले ऐसे ऑनलाइन खेल, जिनमें अनिश्चित परिणाम पर धन लगाया जाता है, GST के उद्देश्य से सट्टेबाजी और जुआ की श्रेणी में आते हैं।"

2. राज्यों के प्रतिबंधात्मक कानूनों को मंजूरी

  • सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक के कानूनों को वैध माना। 
  • मद्रास एवं कर्नाटक उच्च न्यायालयों के फैसलों को निरस्त कर दिया। 

3. Skill बनाम Chance का अंतर खारिज

  • न्यायालय ने कहा जब किसी खेल में धन का दांव लगाया जाता है, तो केवल कौशल का तत्व उसे विशेष संरक्षण नहीं देता। 
  • परिणाम पर अनिश्चितता और धन का जोखिम होने पर वह गतिविधि सट्टेबाजी की प्रकृति धारण कर सकती है। 

4. ऑनलाइन जुए का कोई मौलिक अधिकार नहीं

  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सट्टेबाजी और जुआ अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत संरक्षित व्यवसाय नहीं हैं। राज्य जनहित और सामाजिक कल्याण के लिए इन गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं। 

5. सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक हित

  • न्यायालय ने माना कि ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत समाज के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। 
  • इससे आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और सामाजिक अस्थिरता बढ़ती है। 
  • नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की रक्षा करना राज्य का दायित्व है। 

निर्णय के प्रमुख प्रभाव

गेमिंग उद्योग पर प्रभाव

  • इस पर लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की संभावित कर देनदारी। 
  • उद्योग की कर संबंधी अनिश्चितता समाप्त होगी। 

राज्यों की शक्तियों को बल

  • राज्यों को ऑनलाइन सट्टेबाजी और धन-आधारित गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार और मजबूत हुआ। 

Skill Games पर प्रभाव

  • धन-आधारित कौशल खेलों को भी नियामक दृष्टि से अधिक सख्ती का सामना करना पड़ सकता है। 

2025 के केंद्रीय कानून पर प्रभाव

  • Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 की वैधता को बल मिलने की संभावना। 
  • केंद्र का तर्क है कि अनियमित ऑनलाइन गेमिंग का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग, आतंक वित्तपोषण, वित्तीय धोखाधड़ी, तथा युवाओं की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से है। 

निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भारत में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब ऑनलाइन खेलों में धन का दांव शामिल होता है, तो उन्हें केवल "कौशल आधारित खेल" कहकर कराधान या नियमन से छूट नहीं दी जा सकती। यह फैसला कर व्यवस्था, राज्यीय नियमन तथा सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।

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