New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

चालू खाता घाटा

(प्रारंभिक परीक्षा के लिये - चालू खाता घाटा)
(मुख्य परीक्षा के लिये:सामान्य अध्धयन प्रश्नपत्र 3 - आर्थिक विकास)

संदर्भ

  • भारतीय स्टेट बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में चालू खाता घाटा (CAD) कम होकर, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन प्रतिशत तक रह सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य 

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, सॉफ्टवेयर निर्यात, प्रेषण और स्वैप सौदों के माध्यम से विदेशी मुद्रा भंडार में संभावित 5 अरब डॉलर की वृद्धि से चालू खाते के घाटे को कम करने में मदद मिलेगी
  • सॉफ्टवेयर निर्यात वृद्धि, में एक्सचेंज दर का प्रमुख योगदान है, डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में प्रत्येक एक रुपए की गिरावट से सॉफ्टवेयर निर्यात में 25 करोड़ डॉलर की वृद्धि होती है
  • घरेलू आईटी सेवा कंपनियों द्वारा सॉफ्टवेयर सेवाओं के निर्यात के ऑफसाइट मोड के हिस्से के साथ सॉफ्टवेयर निर्यात बढ़ रहा है, जो पांच वर्ष पहले 82.8% से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2022 में 88.8% हो गया है।
  • चालू खाता घाटे, पर सबसे बड़ा असर तेल आयात का पड़ता है, जो देश के आयात बिल का 30 फीसदी तक होता है, इसलिए तेल की कीमतों में किसी भी तरह की वृद्धि  का सीधा असर आयात बिल बढ़ाकर व्यापार घाटे पर पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप, चालू खाता घाटे में वृद्धि होती है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में प्रत्येक 10 डॉलर की वृद्धि , चालू खाता घाटे (सीएडी) को 40 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट ) तक प्रभावित करती है, जबकि ईंधन मुद्रास्फीति पर इसका प्रभाव 50 आधार अंकों तक पड़ता है, इसके परिणामस्वरूप विकास दर में 23 आधार अंकों तक की गिरावट आती है।

चालू खाता घाटा 

  • चालू खाता घाटा तब होता है, जब किसी देश द्वारा आयात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य उसके द्वारा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं के कुल मूल्य से अधिक हो जाता है।
  • चालू खाता घाटा बढ़ने के कारण, देश की मुद्रा के मूल्य में कमी आती है।

भारत के चालू खाता घाटे के कारण 

  • भारत अपनी तेल की आवश्यकताओं का लगभग 85% आयात के माध्यम से पूरा करता है।
  • वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि से व्यापार घाटा 12 अरब डॉलर बढ़ जाता है।
  • सोने का अधिक मात्रा में आयात करने के कारण भारत का आयात बढ़ जाता है, तथा विदेशी मुद्रा भण्डार में कमी आती है।

चालू खाता घाटा कम करने के उपाय 

  • चालू खाता घाटा कम करने के लिए आम तौर पर निर्यात में वृद्धि या आयात में कमी की जाती है।
    • यह आयात प्रतिबंध, कोटा, शुल्क या निर्यात पर छूट देकर हासिल किया जाता है।
  • विदेशी खरीदारों के लिए निर्यात को सस्ता बनाने के लिए विनिमय दर को प्रभावित करने से परोक्ष रूप से भुगतान संतुलन में वृद्धि होती है।
    • यह मुख्य रूप से घरेलू मुद्रा के अवमूल्यन से किया जाता है। 
  • चालू खाता घाटा कम करने के लिए कम स्पष्ट पर अधिक प्रभावी पद्धतियों में शामिल उपाय है -
    • राष्ट्रीय सरकार द्वारा उधार में कमी।
    • घरेलू बचत में वृद्धि।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR