चर्चा में क्यों ?
- अमेरिका में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट और आंतों से जुड़ी) बीमारी का बड़ा प्रकोप सामने आया है। साइक्लोस्पोरा (Cyclospora) परजीवी से होने वाला संक्रमण साइक्लोस्पोरियासिस (Cyclosporiasis) दूषित भोजन या पानी के सेवन से फैलता है। अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, 1 मई 2026 से अब तक 34 राज्यों में 1,645 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 5,100 संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। यह संख्या पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज 249 मामलों की तुलना में कई गुना अधिक है।
- सीडीसी के अनुसार, हर वर्ष 1 मई से 31 अगस्त तक इस संक्रमण के मामले अधिक सामने आते हैं। एजेंसी का कहना है कि बीमारी का अक्सर सही निदान नहीं हो पाता और कई मामलों की रिपोर्ट भी नहीं होती, इसलिए वास्तविक संक्रमितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। फिलहाल संक्रमण के स्रोत के रूप में किसी विशेष खाद्य पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है।
साइक्लोस्पोरायसिस क्या है ?
- साइक्लोस्पोरायसिस भोजन से फैलने वाली एक बीमारी (फूड पॉइजनिंग) है, जो Cyclospora cayetanensis नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होती है।
- यह बीमारी मल-मुख मार्ग (Faeco-Oral Route) से फैलती है। यानी यदि भोजन या पानी मानव मल से दूषित हो और उसमें यह परजीवी मौजूद हो, तो उसके सेवन से संक्रमण हो सकता है।
- यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती।
लक्षण क्या हैं?
मुख्य लक्षण:
- बार-बार और तेज़ पानी जैसे दस्त
- पेट फूलना
- भूख कम लगना
- पेट में ऐंठन
- अत्यधिक थकान
- वजन घटना
- उल्टी
- हल्का बुखार
किन लोगों में खतरा अधिक?
यह संक्रमण किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन निम्न लोगों में यह अधिक गंभीर हो सकता है -
- छोटे बच्चे
- बुजुर्ग
- कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोग
यदि इलाज न कराया जाए तो बीमारी लंबे समय तक बनी रह सकती है और बार-बार लौट भी सकती है।
संभावित जटिलताएं :
- गंभीर निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन)
- पोषक तत्वों का सही तरीके से अवशोषण न होना (मैलएब्जॉर्प्शन)
- पित्ताशय में सूजन (कोलेसिस्टाइटिस)
- जोड़ों में सूजन (रिएक्टिव आर्थराइटिस)
जांच कैसे होती है?
- साइक्लोस्पोरायसिस की जांच आसान नहीं होती क्योंकि यह परजीवी हर बार मल के नमूने में पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता।
- इसलिए मरीज को कई दिनों तक एक से अधिक मल (स्टूल) के नमूने देने पड़ सकते हैं।
- सीडीसी ने डॉक्टरों को सलाह दी है कि यदि इस बीमारी का संदेह हो तो विशेष रूप से Cyclospora की जांच कराई जाए।
- निदान के लिए स्टूल PCR टेस्ट (परजीवी के डीएनए की पहचान) एवं स्टूल माइक्रोस्कोपी (परजीवी के अंडों की पहचान) की जाती है।
उपचार:
- सीडीसी के अनुसार, पुष्टि होने पर मरीजों का इलाज 7 से 10 दिनों तक ट्राइमेथोप्रिम-सल्फामेथोक्साजोल (TMP-SMX) एंटीबायोटिक से किया जाता है।
- यह दवा वयस्कों तथा दो महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए अनुशंसित है।
- कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों को अधिक समय तक दवा दी जा सकती है।
- इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ (हाइड्रेशन) लेना भी जरूरी है।
- उचित इलाज से अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, हालांकि कुछ समय तक बीच-बीच में दस्त की शिकायत बनी रह सकती है।
- यदि किसी व्यक्ति को कई दिनों तक लगातार पानी जैसे दस्त हों, तो सीडीसी डॉक्टर से तुरंत संपर्क करने की सलाह देता है।
खाद्य पदार्थ संक्रमण का कारण
साइक्लोस्पोरायसिस के पिछले प्रकोपों में निम्न खाद्य पदार्थों का संबंध पाया गया है -
- पत्तेदार हरी सब्जियां
- लेट्यूस
- पालक
- तुलसी (Basil)
- धनिया (Cilantro)
- पार्सले
- रसभरी (Raspberries)
- स्नो पीज़ (Snow Peas)
संक्रमण से बचाव
सीडीसी और अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है —
- खाने से पहले सभी ताजी सब्जियों और फलों को साफ बहते पानी से अच्छी तरह धोएं।
- भोजन तैयार करने और खाने से पहले तथा बाद में कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और गुनगुने पानी से हाथ धोएं।
- रेफ्रिजरेटर, रसोई के काउंटर और चॉपिंग बोर्ड को नियमित रूप से साफ और सैनिटाइज करें।
- यह ध्यान रखें कि केवल रासायनिक सैनिटाइज़र या डिसइन्फेक्टेंट से धोने पर भी Cyclospora पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकता।
- इसलिए Pre-Washed (पहले से धुला हुआ) लिखे होने पर भी फलों और सब्जियों को दोबारा अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें।