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उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य व उत्तरदायित्व)

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार अगले उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा। यह तिथि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत भारत के राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपने के बाद घोषित की गई है।

उपराष्ट्रपति के लिए निर्वाचक मंडल 

  • संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने का दायित्व भारत के निर्वाचन आयोग पर है। 
  • चुनाव आयोग ने वर्ष 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची को अंतिम रूप दे दिया है।
  • इस सूची को संबंधित सांसदों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आधार पर वर्णानुक्रम में व्यवस्थित किया गया है।
  • उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के निर्वाचित एवं मनोनीत सदस्य और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
    • सभी संसद सदस्यों के मतों का मूल्य एकसामान (एक) होता है। 
    • राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के अनुपालन में भारत के निर्वाचन आयोग को इस निर्वाचक मंडल के सदस्यों की एक अद्यतन सूची, उनके नवीनतम पते सहित, तैयार करने और बनाए रखने का दायित्व है।

उपराष्ट्रपति का निर्वाचन 

  • उपराष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से गुप्त मतदान द्वारा होता है।
  • संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी पद की समाप्ति के कारण रिक्त होने वाले पद को भरने के लिए चुनाव, कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही करा लिए जाने चाहिए। 
  • ऐसे मामलों में जहाँ पद त्यागपत्र, मृत्यु या पदच्युति के कारण रिक्त होता है, चुनाव यथाशीघ्र कराया जाना चाहिए। 
  • निर्वाचित व्यक्ति पद ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष का पूर्ण कार्यकाल पूरा करता है।
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