New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

एलीफेंटा आइलैंड

चर्चा में क्यों ? 

  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, एलीफेंटा द्वीप (Elephanta Island), एक बार फिर अपनी प्राचीन विरासत को लेकर चर्चा में है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के हालिया उत्खनन में एक 1,500 वर्ष पुराना विशाल सीढ़ीनुमा जलाशय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। 

खोज से संबंधित प्रमुख बिंदु 

सीढ़ीनुमा जलाशय  

मुंबई सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. अभिजीत आंबेकर के नेतृत्व में हुई इस खुदाई ने प्राचीन इंजीनियरिंग और जल प्रबंधन की अद्भुत समझ को उजागर किया है। 

  • संरचना : यह जलाशय लगभग 14.7 मीटर लंबा है और अपनी टी(T) आकृति (6.7 मीटर और 10.8 मीटर चौड़ाई) के लिए विशिष्ट है।
  • वास्तुकला : अब तक 5 मीटर की गहराई तक की गई खुदाई में पत्थरों की 20 सटीक तराशी गई सीढ़ियां मिल चुकी हैं।
  • विशेषता : दिलचस्प बात यह है कि इन सीढ़ियों में इस्तेमाल किए गए पत्थर मुख्य भूमि (Mainland) से लाए गए हैं, जो इस द्वीप की भूगर्भीय संरचना से अलग हैं। 
  • निर्माण का उद्देश्य : पथरीली सतह के कारण बारिश का पानी बह जाने की समस्या का समाधान करते हुए, यह जलाशय जल संचयन (Water Harvesting) का एक प्राचीन समाधान था। 

अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के पदचिह्न 

नवंबर 2025 में शुरू हुई इस खुदाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि एलीफेंटा प्राचीन काल में वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था। खुदाई में प्राप्त अवशेषों की सूची इस प्रकार है: 

1. वैश्विक संपर्क (Global Ties) 

  • एम्फोरा (Amphora) : भूमध्यसागरीय क्षेत्र से जुड़े लगभग 3,000 अवशेष मिले हैं, जिनका उपयोग शराब और जैतून के तेल के लिए किया जाता था।
  • टॉरपीडो जार : पश्चिम एशिया और मेसोपोटामिया से व्यापार के संकेत देने वाले इन जारों का मिलना समुद्री सिल्क रूट की सक्रियता को दर्शाता है। 

2. मुद्रा और राजवंश 

  • कलचुरी वंश के कुल 60 सिक्के (तांबा, सीसा और चांदी) प्राप्त हुए हैं। इनमें छठी शताब्दी के शासक कृष्णराज के तांबे के सिक्के प्रमुख हैं, जिन पर एक ओर नंदी (बैठता हुआ बैल) और दूसरी ओर मंदिर का प्रतीक व श्री कृष्णराज अंकित है। 

3. अन्य महत्वपूर्ण कलाकृतियाँ 

  • औद्योगिक साक्ष्य : एक ईंट की संरचना मिली है, जिसका संभवतः उपयोग वस्त्रों की रंगाई के लिए किया जाता था।
  • श्रृंगार और जीवनशैली : टेराकोटा की मूर्तियां, कांच व पत्थर की चूड़ियां, और कार्नेलियन व क्वार्ट्ज के कीमती मनके (Beads) प्राप्त हुए हैं।  

प्राचीन बंदरगाहों का ऐतिहासिक महत्व 

  • एलीफेंटा द्वीप पर तीन मुख्य प्राचीन बंदरगाह क्षेत्र थे: मोराबंदर, राजबंदर और शेठबंदर। 
  • इतिहासकारों के अनुसार, दूसरी शताब्दी ईस्वी से ही इन बंदरगाहों के माध्यम से रोम और पश्चिम एशिया के साथ सघन समुद्री व्यापार होता था। यह द्वीप न केवल अपनी पांचवीं शताब्दी की भव्य शिव गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अब यह अपनी योजनाबद्ध शहरी व्यवस्था के लिए भी पहचाना जाएगा। 

निष्कर्ष 

  • यह खोज न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समुद्री व्यापार, वास्तुकला और इंजीनियरिंग कौशल का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। सीढ़ीनुमा जलाशय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवशेष यह दर्शाते हैं कि एलेफंटा आइलैंड प्राचीन भारत का एक प्रगतिशील और वैश्विक दृष्टि से जुड़ा केंद्र था।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR