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ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (Energy Transition Index - ETI)

चर्चा में क्यों ? 

भारत ने ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (Energy Transition Index-ETI) 2026 में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए दो स्थानों की छलांग लगाई है और अब वह वैश्विक स्तर पर 70वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सूचकांक देशों की ऊर्जा प्रणालियों की वर्तमान स्थिति तथा स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था की ओर उनके संक्रमण की तैयारियों का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है। 

ऊर्जा संक्रमण सूचकांक के बारे में 

  • ऊर्जा संक्रमण सूचकांक का प्रकाशन विश्व आर्थिक मंच द्वारा किया जाता है। 
  • इसका उद्देश्य यह मापना है कि कोई देश ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षा, समानता और सततता जैसे प्रमुख लक्ष्यों को किस हद तक प्राप्त कर रहा है तथा भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी नीतियों, वित्तीय संसाधनों और अवसंरचनात्मक ढांचे को कितना सुदृढ़ बना रहा है।  

सूचकांक की मूल्यांकन पद्धति 

किसी देश का अंतिम ईटीआई स्कोर दो प्रमुख उप-सूचकांकों के आधार पर निर्धारित किया जाता है - 

  • सिस्टम प्रदर्शन (System Performance) – 60 प्रतिशत भार
  • संक्रमण तत्परता (Transition Readiness) – 40 प्रतिशत भार
  • सिस्टम प्रदर्शन के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र की समानता (Equity), सुरक्षा (Security) और सततता (Sustainability) का समान रूप से मूल्यांकन किया जाता है। 

वहीं, संक्रमण तत्परता को दो भागों में विभाजित किया गया है - 

  • मुख्य सक्षमकर्ता (Core Enablers)
  • विनियामक ढांचा एवं राजनीतिक प्रतिबद्धता
  • वित्त एवं निवेश की उपलब्धता
  • सहायक कारक (Enabling Factors)
  • नवाचार
  • अवसंरचना
  • शिक्षा एवं मानव पूँजी 
  • सूचकांक में देशों को 0 से 100 के पैमाने पर अंक दिए जाते हैं, जहाँ 100 अंक किसी संकेतक में सर्वोत्तम वैश्विक प्रदर्शन को दर्शाते हैं।  

ईटीआई 2026 की प्रमुख झलकियाँ 

  • इस वर्ष भी स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान बनाए रखा। 
  • वहीं, सिंगापुर ने सबसे प्रभावशाली सुधार दर्ज किया। मजबूत रेगुलेटरी ढाँचे और पॉलिटिकल कमिटमेंट के बल पर उसने 10 स्थानों की बढ़त हासिल कर 42वां स्थान प्राप्त किया। 

जी-20 देशों का प्रदर्शन 

ऊर्जा संक्रमण सूचकांक 2026 में जी-20 समूह के छह सदस्य देश शीर्ष 20 में शामिल रहे-

  • जर्मनी – 9वां स्थान
  • फ्रांस – 10वां स्थान
  • यूनाइटेड किंगडम – 11वां स्थान
  • चीन – 14वां स्थान
  • ब्राज़ील – 17वां स्थान
  • संयुक्त राज्य अमेरिका – 19वां स्थान 

विश्व आर्थिक मंच के बारे में 

  • विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम - WEF) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी।
  • मुख्यालय: कोलोग्नी, स्विट्ज़रलैंड 
  • उद्देश्य: वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक मुद्दों पर सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ावा देना। 
  • यह सरकारों, व्यवसायों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वैश्विक चुनौतियों और उनके समाधानों पर चर्चा की जाती है।
  • विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक दावोस में आयोजित होती है, जिसे दावोस शिखर सम्मेलन के नाम से जाना जाता है।

संगठन द्वारा प्रकाशित अन्य वैश्विक रिपोर्ट और सूचकांक: 

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट
  • वैश्विक जोखिम रिपोर्ट
  • ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (ईटीआई)
  • वैश्विक लैंगिक अंतर रिपोर्ट 
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