भारत ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण (टेररिस्ट फाइनेंसिंग) के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (मध्य प्रदेश कैडर) के 1994 बैच के अधिकारी तथा वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार में सचिव के रूप में कार्यरत विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का वाइस-प्रेसिडेंट (उपाध्यक्ष) चुना गया है। यह पहली बार है जब भारत का कोई प्रतिनिधि एफएटीएफ के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त हुआ है।
एफएटीएफ के उपाध्यक्ष का चयन संगठन की प्लेनरी बैठक द्वारा उसके सदस्य देशों के प्रतिनिधियों में से किया जाता है। उपाध्यक्ष संगठन के कार्यों और नीतिगत पहलों को आगे बढ़ाने में अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) की सहायता करते हैं। इस नियुक्ति के साथ भारत का प्रतिनिधित्व उस वैश्विक संस्था के शीर्ष नेतृत्व में पहुंच गया है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक निर्धारित करती है।
भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक
विशेषज्ञों के अनुसार, एफएटीएफ में भारत का उपाध्यक्ष पद हासिल करना देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और प्रभाव का प्रमाण है।
यह उपलब्धि एफएटीएफ के 200 से अधिक अधिकार-क्षेत्रों वाले वैश्विक नेटवर्क में भारत के प्रति बढ़े विश्वास को दर्शाती है।
भारत की हालिया म्यूचुअल इवैल्यूएशन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा उभरती चुनौतियों जैसे वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स और डिजिटल भुगतान प्रणालियों से जुड़े जोखिमों पर वैश्विक नीतियों के निर्माण में सक्रिय योगदान को भी इस सफलता का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के बारे में
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की स्थापना वर्ष 1989 में हुई थी और इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और आतंकवादी वित्तपोषण (टेररिस्ट फाइनेंसिंग) पर निगरानी रखने वाली वैश्विक संस्था है।
यह एक अंतर-सरकारी निकाय है, जो ऐसे अंतरराष्ट्रीय मानक निर्धारित करता है जिनका उद्देश्य इन अवैध गतिविधियों तथा इनके कारण समाज को होने वाले नुकसान को रोकना है।
एक नीतिनिर्माण संस्था के रूप में एफएटीएफ इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक विधायी और नियामक सुधारों को लागू कराने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति विकसित करने का कार्य करती है।
40 सदस्यीय यह संस्था अंतरराष्ट्रीय मानक तय करती है, ताकि राष्ट्रीय प्राधिकरण मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों के व्यापार, साइबर धोखाधड़ी तथा अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े अवैध धन के प्रवाह पर प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
वर्तमान में 200 से अधिक देश और अधिकार-क्षेत्र एफएटीएफ के मानकों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद की रोकथाम हेतु एक समन्वित वैश्विक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।