थारू जनजाति के बारे में
- आदिवासी थारू जनजाति भारत-नेपाल की सीमा के दोनों तरफ तराई क्षेत्र में, घने जंगलों के बीच निवास करती है जो कि भारत की प्रमुख जनजातियों में से एक उत्तर भारत की प्रमुख जनजाति है।
- उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र के तीन ज़िलों लखीमपुर खीरी, बहराइच व गोण्डा में थारू जनजाति निवास करती है।
- थारू जनजाति राणा, कठरिया, चौधरी तीन जनजातियों में बँटी है। थारू जनजाति के लोग अवध की संस्कृति को अपनाते हुए अपने को राजस्थान के राजपूत राजा महाराणा प्रताप सिंह का वंशज मानते हैं।
- थारू हिन्दू धर्म को मानते हैं, व हिन्दू धर्म के सभी त्योहारों को परम्परागत ढंग से मनाते हैं।
- ये लोग रीति-रिवाज, पहनावा, लोक नृत्य, गायन परम्परागत ढंग से करते हैं।
- ये अपने सभी त्योहार मिलकर गाँव के सभी लोग एकत्रित होकर समवेत नृत्य व गायन के साथ मनाते हैं।
- थारू जनजाति लोक कला व हस्तशिल्प में बहुत पारंगत है-ये लोग टोकरी बुनना, रस्सी बुनना, डलिया बुनना, चटाई बुनना, कम्बल, बैग, दरी, लहँगा, ओढ़नी आदि परम्परागत ढंग से बनाते हैं।
- थारू जनजाति के लोगों का प्रमुख व्यवसाय कृषि, पशुपालन, मछली मारना है।
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