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GRAPES-3 टेलीस्कोप: कॉस्मिक किरणों और म्यूऑन पर नई खोज

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में मुंबई, कोच्चि और जापान के शोधकर्ताओं ने GRAPES-3 (Gamma Ray Astronomy PeV Energies Phase-3) टेलीस्कोप का उपयोग करते हुए अध्ययन किया कि पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल का तापमान तथा सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र अंतरिक्ष से आने वाले उप-परमाणु कणों म्यूऑन (Muons) को किस प्रकार प्रभावित करते हैं।

GRAPES-3 टेलीस्कोप क्या है ?

  • GRAPES-3 एक उन्नत खगोलीय वेधशाला (Observatory) है, जिसे ब्रह्मांडीय किरणों (Cosmic Rays) की उत्पत्ति, त्वरण और प्रसार का अध्ययन करने के लिए विकसित किया गया है।

प्रमुख विशेषताएँ

  • पूरा नाम: Gamma Ray Astronomy PeV Energies Phase-3 (GRAPES-3)
  • यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाली उच्च-ऊर्जा कॉस्मिक किरणों एवं गामा किरणों का अध्ययन करता है।
  • कॉस्मिक रे म्यूऑन के माध्यम से सौर गतिविधियों और भू-चुंबकीय तूफानों का भी विश्लेषण करता है।
  • इसमें प्लास्टिक स्किन्टिलेटर डिटेक्टरों की श्रृंखला तथा बड़े क्षेत्र वाला म्यूऑन डिटेक्टर लगाया गया है।
  • स्थान: ऊटी (तमिलनाडु)
  • संचालन: Tata Institute of Fundamental Research

म्यूऑन (Muon) क्या हैं ?

  • म्यूऑन इलेक्ट्रॉन के समान लेकिन उससे अधिक द्रव्यमान वाले उप-परमाणु कण हैं।
  • ये तब उत्पन्न होते हैं जब कॉस्मिक किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से टकराती हैं।
  • म्यूऑन लगभग प्रकाश की गति से यात्रा करते हुए पृथ्वी की सतह तक पहुँच सकते हैं।

कॉस्मिक किरणें (Cosmic Rays) क्या हैं ?

  • कॉस्मिक किरणें अत्यधिक ऊर्जा वाले आवेशित कण हैं जो बाह्य अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर आते हैं।

मुख्य तथ्य

  • इनकी खोज 100 वर्ष से भी अधिक पहले हुई थी।
  • इन्हें ब्रह्मांड के सबसे ऊर्जावान कणों में गिना जाता है।
  • ये पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर कणों की वर्षा (Particle Shower) उत्पन्न करती हैं।
  • इस वर्षा में इलेक्ट्रॉन, फोटॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और म्यूऑन जैसे कण शामिल होते हैं।
  • इनकी ऊर्जा सीमा लगभग 10 eV से 10² eV तक होती है।
  • ये लगभग सभी दिशाओं से पृथ्वी पर निरंतर पहुँचती रहती हैं।

अध्ययन का महत्व

  • पृथ्वी के वायुमंडल और अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) के बीच संबंधों को समझने में सहायता।
  • सौर गतिविधियों के पृथ्वी पर प्रभावों का बेहतर आकलन।
  • कॉस्मिक किरणों की प्रकृति और ब्रह्मांडीय घटनाओं को समझने में योगदान।
  • अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध आधार प्रदान करता है।

निष्कर्ष

GRAPES-3 टेलीस्कोप भारत की एक महत्वपूर्ण खगोलीय अनुसंधान परियोजना है, जो कॉस्मिक किरणों, म्यूऑन तथा अंतरिक्ष मौसम से जुड़ी घटनाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे ब्रह्मांडीय प्रक्रियाओं, सौर गतिविधियों और पृथ्वी के वायुमंडल पर उनके प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है।

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