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मध्य-पूर्व हरित पहल शिखर सम्मेलन

(प्रारंभिक परीक्षा- राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे)
(मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

संदर्भ 

हाल ही में, भारत ने मिस्र के शर्म अल-शेख में मध्य-पूर्व हरित पहल के शिखर सम्मेलन 2022 में भाग लिया। 

प्रमुख बिंदु 

  • इस पहल का यह दूसरा संस्करण है, जिसकी मेजबानी सऊदी अरब और मिस्र ने संयुक्त रूप से की है।  
  • इस पहल के तहत सऊदी अरब अगले 10 वर्षों में 2.5 बिलियन डॉलर का योगदान देगा। 
  • सऊदी अरब ने वर्ष 2030 तक अपने ऊर्जा उत्पादन का 50% नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने तथा वर्ष 2035 तक 44 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने की योजना बनाई है। 

क्या है मध्य-पूर्व हरित पहल

  • यह एक क्षेत्रीय गठबंधन है, जो मध्य-पूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र के देशों के साथ-साथ अन्य देशों को एक मंच पर लाता हैइसे सऊदी अरब के नेतृत्व में वर्ष 2021 में स्थापित किया गया था।
  • इस पहल का प्रथम शिखर सम्मेलन वर्ष 2021 में सऊदी अरब के रियाद में संपन्न हुआ था।

पहल के उद्देश्य 

  • यह क्षेत्रीय जलवायु कार्रवाई के लिये महत्वाकांक्षी और स्पष्ट रूप से परिभाषित रोडमैप प्रदान करता है। इस पहल को क्षेत्रीय कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों के उद्देश्य से शुरू किया गया है। 
  • इस पहल को हरित संक्रमण में तेजी लाने, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और सतत भविष्य का निर्माण करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

पहल के लक्ष्य 

  • इस पहल का प्रथम लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन में कमी पर ध्यान केंद्रित करना है। इसके तहत 670 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (CO2e) उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इस पहल का दूसरा लक्ष्य इस क्षेत्र में 50 अरब वृक्ष लगाना है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 200 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि का पुनर्वास करेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन को मौजूदा वैश्विक स्तरों के 2.5% तक कम करने में मदद मिलेगी।
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