संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में ‘मिशन समृद्ध गाँव’ योजना का शुभारंभ किया।
मिशन समृद्ध गाँव योजना के बारे में
- ‘मिशन समृद्ध गाँव’ के माध्यम से गरीबी-मुक्त, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न गाँवों के निर्माण की दिशा में समग्र एवं एकीकृत मॉडल विकसित करनी की योजना है।
- यह मिशन विकसित भारत के संकल्प की मजबूत नींव समृद्ध, आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त गाँवों से बनेगा।
उद्देश्य:
- इस मिशन का उद्देश्य ऐसे मॉडल गाँव विकसित करना है, जहाँ हर परिवार के पास रोजगार या आजीविका का अवसर हो, बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों और लोगों को मजबूरी में पलायन न करना पड़े।
चयनित क्षेत्रों में पायलट मॉडल:
- मिशन के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक में पायलट मॉडल विकसित किए जाएंगे, जहाँ विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से गरीबी-मुक्ति, रोजगार सृजन और समग्र ग्राम विकास को व्यवहार में साकार किया जाएगा तथा सफल मॉडल को बाद में अन्य क्षेत्रों में दोहराया जाएगा।
- मिशन समृद्ध गाँव के तहत चयनित ब्लॉकों में परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर तक समेकित विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
- प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं और पात्रता के आधार पर उसे केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। वस्तुतः कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के अभिसरण के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मिशन का हिस्सा बनाया जाएगा।
संस्थागत साझेदारी और समन्वय:
- मिशन के क्रियान्वयन में ट्रांसफ्राम रुरल इंडिया फाउंडेशन, गेट्स फाउंडेशन, एक्सिस बैंक फाउंडेशन, एचएसबीसी, सिटीबैंक तथा अन्य साझेदार संस्थाओं का सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
- वस्तुतः इन संस्थाओं के सुझावों से सरकार, पंचायती राज संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय से ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करने में सक्षम होगी।
महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी:
- मिशन के तहत महिला किसानों की पहचान, उन्हें कृषि संबंधी सलाह और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समेकित कृषि और विविध आजीविका पर जोर:
- इस मिशन के अंतर्गत छोटे और सीमित कृषि जोत वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। वस्तुतः किसानों को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित न रखते हुए फल एवं सब्जी उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन जैसी विविध गतिविधियों से जोड़ना होगा।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वेयरहाउस, खाद्य प्रसंस्करण और उत्पादन आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को केवल कच्ची उपज बेचने के बजाय मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुँचाने से उनकी आय और स्थानीय स्तर पर रोजगार दोनों बढ़ेंगे।