चर्चा में क्यों?
- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हर महीने ₹1,500 की वित्तीय सहायता भेजी जाती है।
- योजना के आरंभिक चरण में इसके लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ तक पहुंच गई थी। लेकिन पिछले दो वर्षों में पात्रता की जांच और सत्यापन की कई प्रक्रियाओं के बाद लाखों महिलाओं को लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 1.66 करोड़ रह गई है।
- बड़ी संख्या में लाभार्थियों के नाम हटाए जाने के बाद योजना को लेकर विवाद और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस बीच, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने भी अपनी रिपोर्ट में योजना के क्रियान्वयन तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
सीएजी ने किन मुद्दों पर चिंता जताई?
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि 2024-25 के दौरान मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के क्रियान्वयन में बजट अनुमान, व्यय नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं।
- योजना के लिए ₹29,693.09 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन वास्तविक खर्च ₹33,237.24 करोड़ रहा। इस प्रकार ₹3,541.16 करोड़ का अतिरिक्त व्यय हुआ।
- योजना के लिए आवश्यक धनराशि अन्य सरकारी योजनाओं के बजट में कटौती कर जुटाई गई। उदाहरण के तौर पर लेक लाडकी योजना से ₹3,490.75 करोड़ का पुनर्आवंटन (Reappropriation) किया गया।
- इसके अलावा, राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) के माध्यम से भी इस योजना के लिए ₹26,200 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया।
- 1,000 करोड़ से अधिक मूल्य के वाउचरों की परीक्षण जांच (जिनकी कुल राशि ₹29,732.01 करोड़ थी) में पाया गया कि जनवरी से मार्च 2025 के बीच निकाले गए ₹15,586 करोड़ को आहरण एवं संवितरण अधिकारी (Drawing and Disbursing Officer-DDO) के वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट (VPDA) में स्थानांतरित कर दिया गया था। वस्तुतः यह राशि तत्काल व्यय की आवश्यकता के बिना खाते में रखी गई, जिससे बजटीय अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
माझी लाडकी बहिन योजना के बारे में
उद्देश्य/लक्ष्य:
योजना के लाभ:
आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है :
- लिंग व निवास : आवेदक का महिला होना और महाराष्ट्र राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा : महिला की उम्र 21 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- बैंक खाता : आवेदक का अपना बैंक खाता होना चाहिए जो उनके सरकारी पहचान पत्र से लिंक्ड हो।
- पारिवारिक आय : परिवार की कुल सालाना आमदनी ₹2,50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- पारिवारिक स्थिति : आवेदन करने वाली महिला निम्नलिखित श्रेणियों में से किसी एक के अंतर्गत आनी चाहिए:
- विवाहित महिला
- विधवा महिला
- तलाकशुदा महिला
- बेसहारा महिला
- परिवार की कोई एक अविवाहित महिला
नोट : ₹2.5 लाख तक की वार्षिक आय वाले आउटसोर्स, संविदा/कॉन्ट्रैक्ट और स्वयंसेवी कर्मचारी भी इस योजना के लिए पात्र माने गए हैं।