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राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना

संदर्भ

हाल ही में, जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना की समीक्षा की।

राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना : प्रमुख बिंदु

  • राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (National Hydrology Project: NHP) की शुरुआत वर्ष 2016 में जल शक्ति मंत्रालय ने की थी। यह विश्व बैंक समर्थित एक पहल है, जिसे एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में प्रारम्भ किया गया था।
  • इसमें 8 वर्ष की अवधि के लिये व्यय के प्रावधान के साथ अखिल भारतीय स्तर पर कार्यान्वयन एजेंसियों को 100% अनुदान उपलब्ध कराया गया है।

उद्देश्य

  • इस परियोजना का उद्देश्य जल संसाधन सूचना के विस्तार, विश्वसनीयता और पहुँच में सुधार करना तथा भारत में लक्षित जल संसाधन प्रबंधन संस्थानों को मज़बूत करना है।
  • इस प्रकार, एन.एच.पी. कुशलतापूर्वक विश्वसनीय सूचना की प्राप्ति को सुगम बना रहा है जिससे एक प्रभावी जल संसाधन के विकास एवं प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त होगा।

वर्तमान स्थिति

  • इस परियोजना के मध्यावधि के दौरान ही जल संसाधन निगरानी प्रणाली (WRMS) तथा जल संसाधन सूचना प्रणाली (WRIS) के साथ-साथ जल संसाधन संचालन व नियोजन प्रणाली और संस्थागत क्षमता वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
  • एन.एच.पी. के तहत जल संसाधन डाटा का एक राष्ट्रव्यापी कोष- राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (NWIC) स्थापित किया गया है। साथ ही एन.एच.पी. अखिल भारतीय आधार पर ‘रियल टाइम डाटा अधिग्रहण प्रणाली’ (RTDAS) की स्थापना पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • केंद्रीकृत डाटा बेस में डाटा का योगदान देने के लिये अब तक 1900 रियल टाइम हाइड्रो-मेट्रोलॉजिकल (Hydro-Meteorological) स्टेशन स्थापित किये गए हैं। मेट्रोलॉजिकल, वर्षा एवं अन्य मौसम मापदंड के मापन तथा हाइड्रोलॉजिकल, जल स्तर एवं जल प्रवाह मापन के लिये प्रयुक्त किया जाएगा।
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