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परमाणु हथियार अप्रसार संधि(NPT)-उद्देश्य, प्रावधान एवं हालिया घटनाक्रम

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में परमाणु हथियार अप्रसार संधि (NPT) के पक्षकार देशों का 11वां समीक्षा सम्मेलन बिना किसी सर्वसम्मत परिणामी दस्तावेज़ पर सहमति के समाप्त हो गया, जिससे वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय सहमति निर्माण की चुनौतियाँ पुनः सामने आई हैं।


परमाणु हथियार अप्रसार संधि (NPT) क्या है ?

  • परमाणु हथियार अप्रसार संधि (NPT) एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जिसका उद्देश्य विश्व में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना तथा परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। 
  • इसे वैश्विक परमाणु शासन व्यवस्था (Global Nuclear Governance) की आधारशिला माना जाता है।

NPT के प्रमुख उद्देश्य

  1. परमाणु अप्रसार (Non-Proliferation): परमाणु हथियारों तथा संबंधित प्रौद्योगिकी के प्रसार को रोकना।
  2. शांतिपूर्ण उपयोग (Peaceful Use of Nuclear Energy): परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण एवं विकासात्मक उपयोग को प्रोत्साहित करना।
  3. परमाणु निरस्त्रीकरण (Disarmament): वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों में कमी लाकर पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में कार्य करना।

प्रमुख विशेषताएँ

  • यह संधि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी International Atomic Energy Agency (IAEA) की निगरानी में सुरक्षा उपाय स्थापित करती है।
  • IAEA निरीक्षण और सत्यापन तंत्र के माध्यम से सदस्य देशों द्वारा संधि के अनुपालन की निगरानी करता है।
  • यह एक कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) अंतर्राष्ट्रीय संधि है।
  • इस संधि पर 1968 में हस्ताक्षर प्रारंभ हुए तथा यह 1970 में प्रभावी हुई।

NPT के पक्षकार देश

  • वर्तमान में NPT के 191 सदस्य देश हैं।
  • परमाणु हथियार संपन्न (Nuclear Weapon States) के रूप में मान्यता प्राप्त पाँच देश हैं-
    • यूनाइटेड स्टेट्स
    • रूस
    • चीन
    • यूनाइटेड किंगडम
    • फ्रांस

भारत और NPT

  • India NPT का पक्षकार नहीं है। भारत का मत है कि यह संधि भेदभावपूर्ण है क्योंकि यह केवल पाँच देशों को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में मान्यता देती है, जबकि अन्य देशों पर प्रतिबंध लागू करती है।
  • भारत सार्वभौमिक, गैर-भेदभावपूर्ण और सत्यापन योग्य परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन करता है।

NPT का महत्त्व

  • वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था की आधारशिला।
  • परमाणु हथियारों की होड़ को नियंत्रित करने का प्रमुख माध्यम।
  • परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा।
  • अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक स्थिरता को सुदृढ़ करना।
  • परमाणु निरस्त्रीकरण प्रयासों को संस्थागत आधार प्रदान करना।

निष्कर्ष

  • परमाणु हथियार अप्रसार संधि (NPT) वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था की आधारशिला मानी जाती है, जिसने परमाणु हथियारों के प्रसार को सीमित करने और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 
  • हालांकि, परमाणु निरस्त्रीकरण की धीमी प्रगति, भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा सदस्य देशों के बीच मतभेद इसकी प्रभावशीलता के समक्ष चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिक समावेशी, संतुलित और सार्वभौमिक परमाणु निरस्त्रीकरण व्यवस्था की आवश्यकता है।
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