| प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): PARIVARTAN योजना, भारत स्टेज उत्सर्जन मानक, BS-VI, इलेक्ट्रिक वाहन, NCRPB, वाहन प्रदूषण मुख्य परीक्षा (Mains): GS Paper III – पर्यावरण, वायु प्रदूषण, सतत परिवहन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एवं सरकारी नीतियाँ |
केंद्र सरकार PARIVARTAN योजना के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है। इस योजना का लक्ष्य दिल्ली-NCR में पंजीकृत 2 लाख से अधिक पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को स्वच्छ और आधुनिक वाहनों से बदलना है।
PARIVARTAN का पूरा नाम है: Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions
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विशेषता |
विवरण |
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पूरा नाम |
Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions |
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मंजूरी |
3 जून 2026 |
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लॉन्च |
14 जुलाई 2026 |
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लक्षित वाहन |
2 लाख से अधिक ट्रक और बसें |
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पात्र पुराने वाहन |
BS-IV और उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहन |
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नए विकल्प |
BS-VI या उससे कड़े मानक वाले वाहन / इलेक्ट्रिक वाहन |
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कुल परिव्यय |
₹9,585 करोड़ |
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केंद्र सरकार की सहायता |
₹5,041 करोड़ |
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क्रियान्वयन मंत्रालय |
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय |
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वित्तीय व्यवस्था |
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) |
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क्षेत्र |
दिल्ली तथा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR जिले |
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi) और हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में पंजीकृत ट्रकों और बसों को लक्षित करता है। योजना से लगभग 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें लगभग:
1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें शामिल हैं।
पुराने व्यावसायिक वाहनों को बदलने में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक नया ट्रक या बस खरीदने की अधिक लागत है। इसलिए PARIVARTAN योजना में पर्यावरणीय नियमों के साथ आर्थिक प्रोत्साहनों को भी जोड़ा गया है।
PARIVARTAN योजना में दिल्ली के भीतर Electric Mobility को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
यह नीति केवल वाहनों की Fuel Efficiency सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे Zero-Emission Mobility की ओर बढ़ने का संकेत देती है।
1. वाहन प्रदूषण में कमी: पुराने डीजल ट्रक और बसें आधुनिक वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषक तत्वों का उत्सर्जन कर सकते हैं। पुराने वाहनों को बदलने से निम्न प्रदूषकों के उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल सकती है:
2. दिल्ली-NCR की Air Quality में सुधार: दिल्ली-NCR का वायु प्रदूषण किसी एक राज्य की प्रशासनिक सीमा तक सीमित नहीं रहता। ट्रक और बसें लगातार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच आवाजाही करती हैं। इसलिए केवल दिल्ली के भीतर प्रदूषणकारी वाहनों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा।
3. पुराने वाहन बेड़े का आधुनिकीकरण: यह योजना पुराने व्यावसायिक वाहनों को तेजी से हटाने और देश के Commercial Vehicle Fleet को आधुनिक बनाने में मदद कर सकती है। आधुनिक वाहनों में सामान्यतः बेहतर Fuel Efficiency, Emission Control और Safety Technologies उपलब्ध होती हैं।
4. Electric Mobility को बढ़ावा: इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक प्रोत्साहन और दिल्ली में कुछ श्रेणियों के लिए EV को अनिवार्य करने से भारत के Clean Mobility Transition को गति मिल सकती है।
5. Vehicle Scrapping Ecosystem को मजबूती: कुछ श्रेणियों के पुराने वाहनों की अनिवार्य Scrapping से Registered Vehicle Scrapping Facilities (RVSFs) के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे पुराने वाहनों में मौजूद Steel, Aluminium और अन्य सामग्रियों की Recycling को बढ़ावा देकर Circular Economy को भी मजबूती मिल सकती है।
PARIVARTAN को बड़े स्तर पर Digital Programme के रूप में लागू किया जा रहा है।
इसके लिए एक समर्पित PARIVARTAN Portal बनाया गया है, जिसके माध्यम से:
जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके Digital Ecosystem को VAHAN, V-Scrap, DigiELV और Public Financial Management System (PFMS) जैसे प्लेटफॉर्म से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्नप्रश्न. PARIVARTAN योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं? (a) केवल 1 और 2 मुख्य परीक्षा प्रश्नप्रश्न. दिल्ली-NCR में वाहन प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में PARIVARTAN योजना की भूमिका की चर्चा कीजिए। इसके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों का भी उल्लेख कीजिए। |
PARIVARTAN योजना क्या है?PARIVARTAN केंद्र सरकार का एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-NCR में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों एवं बसों को BS-VI या उससे अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना है। योजना से कितने वाहनों को लाभ मिलने की उम्मीद है?इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 2.07 लाख ट्रकों और बसों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। PARIVARTAN योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?योजना का कुल परिव्यय ₹9,585 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹5,041 करोड़ की बजटीय सहायता शामिल है। कौन से वाहन पात्र हैं?मुख्य रूप से BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले व्यावसायिक ट्रक और बसें, जो योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। क्या पुराने वाहनों को Electric Vehicles से बदला जा सकता है?हाँ। Electric Vehicles पात्र स्वच्छ विकल्पों में शामिल हैं और EV खरीदने पर योजना में विशेष आर्थिक प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। |
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