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रेल प्रौद्योगिकी नीति

हाल ही में, रेल मंत्रालय ने रेल क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु रेल टेक नीति तथा एक समर्पित रेल टेक पोर्टल की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य तकनीकी समाधानों के माध्यम से भारतीय रेल को अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनाना है। 

रेल टेक नीति के बारे में 

  • रेल टेक नीति भारतीय रेल द्वारा विकसित एक तकनीक-आधारित नवाचार ढांचा है, जिसके माध्यम से उन्नत प्रौद्योगिकियों को योजनाबद्ध तरीके से रेल संचालन और प्रबंधन में शामिल किया जाएगा।
  • यह नीति स्टार्टअप्स, उद्योग, शोध संस्थानों और नवप्रवर्तकों को एक औपचारिक मंच प्रदान करती है जहाँ वे अपनी तकनीकी अवधारणाएँ प्रस्तुत कर सकते हैं और उन्हें परीक्षण (पायलट) के रूप में लागू कर सकते हैं। 

प्रमुख उद्देश्य 

  • भारतीय रेल को पारंपरिक परिवहन तंत्र से आगे बढ़ाकर एक तकनीक-संचालित और नवाचार-केंद्रित प्रणाली में परिवर्तित करना
  • सुरक्षा, अनुरक्षण (Maintenance) एवं सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन, डेटा विश्लेषण व डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा देना

मुख्य विशेषताएँ 

1. रेल टेक पोर्टल 

यह एक 24×7 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहाँ स्टार्टअप्स, उद्योग प्रतिनिधि एवं नवाचारकर्ता अपने प्रस्ताव व समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। 

2. नवाचार आधारित चुनौतियाँ

नीति के अंतर्गत कुछ प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जैसे—

  • AI आधारित समाधान
  • ड्रोन तकनीक द्वारा पटरियों का निरीक्षण
  • रेल पटरियों के तनाव की निगरानी
  • सेंसर-आधारित स्मार्ट प्रणालियाँ 

3. सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

रेल सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण और क्रियान्वयन के लिए लिया जाएगा।

4. उन्नत तकनीकों का समावेशन

नीति का लक्ष्य AI, ऑटोमेशन और स्मार्ट सेंसर जैसी आधुनिक तकनीकों को रेलवे प्रणाली में एकीकृत करना है।

5. डिजिटल प्रशासनिक सुधार

रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (e-RCT) के पूर्ण डिजिटलीकरण से शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया गया है।

6. सार्वजनिक–निजी सहभागिता

यह पहल रेलवे और निजी क्षेत्र/स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को मजबूत करती है जिससे नवाचार को बढ़ावा मिल सके तथा तकनीकी समाधान तेजी से लागू किए जा सकें। 

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