संदर्भ
- भारत ने वैश्विक मंच पर नैतिक शासन और जवाबदेही को केंद्र में रखते हुए देशों के मूल्यांकन के लिए एक नया पैमाना प्रस्तुत किया है।
- इसी उद्देश्य से रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (RNI) 2026 का शुभारंभ किया गया जिसमें भारत को वैश्विक स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह पहल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रों के आकलन की सोच में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।
क्या है रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (RNI)
- रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स एक वैश्विक समग्र सूचकांक है। इसका उद्देश्य देशों का मूल्यांकन केवल आर्थिक शक्ति या जी.डी.पी. के आधार पर नहीं, बल्कि नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, पर्यावरणीय संरक्षण और वैश्विक उत्तरदायित्व जैसे व्यापक मानकों पर करना है।
- इस सूचकांक की परिकल्पना और शुरुआत विश्व बौद्धिक फाउंडेशन (World Intellectual Foundation: WIF) के तत्वावधान में की गई है। इसे 19 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में लॉन्च किया गया।
- वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) द्वारा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के सहयोग से तैयार व विकसित किया गया और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) मुंबई द्वारा पद्धतिगत रूप से मान्य किया गया।
- वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. जगदीश मुखी के अनुसार यह इंडेक्स भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की मौजूदगी में लॉन्च किया गया।
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन
- इसकी स्थापना जनवरी 2021 में हुई। यह एक ग्लोबल, गैर-पक्षपातपूर्ण और सेक्टर-न्यूट्रल थिंक टैंक है जिसका उद्देश्य एक ऐसा पारितंत्र बनाना है जो समाज के सामूहिक लाभ के लिए बड़े सोच वाले अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स को एक साथ लाए।
- इसका उद्देश्य व्यक्तियों, संगठनों एवं सरकारों को ऐसे अनुसंधान-आधारित विचारों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी मदद करना है जो साहसी, नवाचारी एवं व्यावहारिक हों।
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उद्देश्य
इस सूचकांक का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय प्रगति और सफलता की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ना है। इसमें राष्ट्रवाद के मूल्यांकन के दौरान नैतिक जिम्मेदारी, समावेशिता, दीर्घकालिक स्थिरता एवं वैश्विक सहयोग जैसे मूल्यों को केंद्र में रखा गया है।
मूल्यांकन के आधार
RNI देशों का आकलन चार व्यापक स्तंभों पर करता है-
- नैतिक एवं उत्तरदायी शासन
- सामाजिक कल्याण व समावेशिता
- पर्यावरणीय जिम्मेदारी एवं सतत विकास
- वैश्विक उत्तरदायित्व तथा सहयोगात्मक अंतर्राष्ट्रीय व्यवहार
प्रमुख विशेषताएँ
- यह सूचकांक शक्ति-आधारित दृष्टिकोण के बजाय जिम्मेदारी-केंद्रित ढांचे पर आधारित है। शासन, नैतिक मूल्यों और मानवीय प्रभावों को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है।
- विभिन्न देशों को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करने और उच्च नैतिक मानक अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
- इसे प्रतिस्पर्धा से अधिक संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने वाले सूचकांक के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ हर वर्ष रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स रिपोर्ट भी जारी किया जाना है।
RNI 2026 की रैंकिंग
- शीर्ष पाँच देश: सिंगापुर (प्रथम) > स्विट्जरलैंड > डेनमार्क > साइप्रस > स्वीडन (पाँचवां)
- भारत: कुल 0.5515 अंक के साथ 16वां स्थान मिला है जिससे वह एशिया का सर्वोच्च रैंक पाने वाला देश बन गया है।
- भारत इस सूची में दक्षिण कोरिया (21वां), किर्गिस्तान (22वां) और थाईलैंड (24वां) जैसे देशों से आगे है।
- इस सूचकांक में मध्य अफ्रीकी गणराज्य अंतिम स्थान (154वां) पर रहा, जिसका कुल स्कोर 0.35715 रहा।
- उल्लेखनीय है कि शीर्ष 10 में शामिल 9 देश यूरोप से हैं जो संस्थागत नैतिकता और उत्तरदायी शासन के क्षेत्र में यूरोप की मजबूती को दर्शाता है।
महत्व
रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स वैश्विक शासन के मानकों में एक बुनियादी बदलाव का संकेत देता है जहाँ प्रभुत्व व ताकत की तुलना में नैतिकता एवं उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी गई है। यह सूचकांक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), जलवायु दायित्व और समावेशी शासन जैसे वैश्विक एजेंडों के साथ भी गहराई से जुड़ा हुआ है जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं जिम्मेदार राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिलती है।