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सोलर-1 (SOLAR-1) उपग्रह

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोलर-1 (SOLAR-1) को सक्रिय किया है, जो उसका पहला समर्पित अंतरिक्ष मौसम निगरानी उपग्रह है। यह उपग्रह सौर तूफानों (solar storms) की त्वरित चेतावनी प्रदान करेगा जो जीपीएस (GPS), संचार प्रणालियों, उपग्रहों और विद्युत ग्रिड को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।  

सोलर-1 (SOLAR-1) के बारे में 

  • यह अमेरिका का पहला उपग्रह है, जिसे विशेष रूप से निरंतर अंतरिक्ष मौसम (space weather) के परिचालन अवलोकन के लिए तैयार किया गया है।
  • इसका संचालन यू.एस. नेशनल ओशियनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) द्वारा किया जाता है। 
  • प्रारंभ में इसे स्पेस वेदर फॉलो ऑन - लैग्रेंज 1 (Space Weather Follow On - Lagrange 1 / SWFO-L1) नाम दिया गया था, जिसे बाद में बदलकर स्पेस वेदर ऑब्ज़र्वेशंस एट एल1 टू एडवांस रेडीनेस - 1 (Space Weather Observations at L1 to Advance Readiness - 1 / SOLAR-1) कर दिया गया। 

प्रमुख उद्देश्य:

  • इसका मुख्य उद्देश्य सौर गतिविधियों तथा अंतरिक्ष मौसम की निरंतर निगरानी करना है।

प्रक्षेपण (Launch): 

  • प्रक्षेपण तिथि : 24 सितंबर 2025
  • प्रक्षेपण यान : स्पेसएक्स फाल्कन 9 (SpaceX Falcon 9)

कक्षा (Orbit):

  • यह उपग्रह सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु 1 (Sun–Earth Lagrange Point 1) पर स्थित है, जो पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर दूर, सूर्य की दिशा में है।
  • इस स्थिति से इसे सौर गतिविधियों का लगातार और अबाधित अवलोकन प्राप्त होता है। 
  • यह सौर पवन (solar wind) का निरंतर मापन करता है तथा पृथ्वी तक पहुँचने से पहले ही कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection / CME) की निगरानी करता है।
  • इस स्थान की गुरुत्वीय स्थिरता के कारण उपग्रह को अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए बहुत कम ईंधन की आवश्यकता होती है।  

तकनीक और क्षमता:

  • इसमें सूर्य की गतिविधियों के अध्ययन के लिए एक विशेष दूरबीन (कॉम्पैक्ट कोरोनाग्राफ / compact coronagraph) लगाया गया है।
  • इसके अतिरिक्त इसमें सौर पवन के वास्तविक समय (real-time) मापन हेतु कई वैज्ञानिक उपकरण शामिल हैं। 
  • यह उपग्रह सीएमई (CME) की छवियाँ लगभग 30 मिनट के भीतर नेशनल ओशियनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर (NOAA Space Weather Prediction Center) तक भेज सकता है, जबकि पुराने सिस्टम में इसके लिए लगभग 8 घंटे लग जाते थे।  

महत्व: 

  • इसकी उन्नत क्षमताओं के कारण अरोरा (aurora) यानी ध्रुवीय प्रकाश की अधिक सटीक भविष्यवाणी संभव होगी। 
  • यह बिजली ग्रिड, नेविगेशन प्रणालियों, संचार नेटवर्क और अंतरिक्ष अभियानों को गंभीर अंतरिक्ष मौसम प्रभावों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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