हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री ने अपनी इज़राइल यात्रा के दौरान कृषि सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से “विलेजेज ऑफ एक्सीलेंस” (Villages of Excellence) पहल की घोषणा की है।
विलेजेज ऑफ एक्सीलेंस पहल के बारे में
- विलेजेज ऑफ एक्सीलेंस पहल भारत-इज़राइल कृषि परियोजना (Indo-Israel Agriculture Project – IIAP) का जमीनी स्तर पर विस्तार है।
- अब तक सहयोग मुख्य रूप से केंद्रीकृत उच्च-तकनीकी केंद्रों (Centres of Excellence – CoEs) तक सीमित था। इस नई पहल का लक्ष्य पूरे कृषि क्लस्टरों को आधुनिक, तकनीक-समर्थित कृषि क्षेत्रों में बदलना है, जहां इज़राइली विशेषज्ञता सीधे गांवों की कृषि प्रणाली में समाहित की जाएगी।
- सहभागी देश: भारत और इज़राइल
उद्देश्य
- इस पहल का मूल उद्देश्य उच्च-तकनीकी अनुसंधान केंद्रों और आम किसानों के बीच की दूरी को कम करना है।
- “सेंटर से गांव तक” तकनीक पहुँचाकर यह पहल लाखों भारतीय किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। साथ ही, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख कृषि प्रथाओं को अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं
1. उत्कृष्टता केंद्रों का विस्तार
- देशभर में उत्कृष्टता केंद्रों (CoEs) की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. गांवों में एकीकरण
- वर्तमान CoEs के आसपास स्थित गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अपने आसपास के क्षेत्रों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
3. आधुनिक तकनीकी समाधान
- सटीक कृषि (Precision Farming)
- उपग्रह आधारित सिंचाई प्रणाली
- उन्नत नर्सरी प्रबंधन
- एकीकृत कीट प्रबंधन प्रणाली
4. IINCA का सहयोग
- नई स्थापित भारत-इज़राइल कृषि नवाचार केंद्र (India-Israel Innovation Centre for Agriculture – IINCA) इन गांवों को अनुसंधान और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
5. क्षमता निर्माण
- किसानों को स्थान पर प्रशिक्षण प्रदान करना
- भारतीय शोधकर्ताओं के लिए इज़राइल में अध्ययन हेतु 20 संयुक्त फेलोशिप की शुरुआत
महत्व
- यह पहल उत्पादन बढ़ाकर और बर्बादी कम करके किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को सीधे सशक्त करेगी।
- यह भारत और इज़राइल के बीच हाल ही में स्थापित “शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी” का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।