चर्चा में क्यों ?
हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में संकेत मिला है कि मनुष्यों में उपयोग के लिए पहले से स्वीकृत एक दवा सीलिएक रोग (Celiac Disease) से जुड़ी सूजन को कम करने में मददगार हो सकती है। यह खोज महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है।

सीलिएक रोग क्या है?

- सीलिएक रोग एक वंशानुगत ऑटोइम्यून बीमारी है।
- इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) ग्लूटेन नामक प्रोटीन पर असामान्य प्रतिक्रिया करती है।
ग्लूटेन क्या है ?
- ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो मुख्यतः गेहूं, जौ और राई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
- जब सीलिएक रोग से ग्रस्त व्यक्ति ग्लूटेन युक्त भोजन करता है, तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली छोटी आंत की परत पर हमला करने लगती है।
शरीर में क्या होता है ?
- ग्लूटेन के सेवन से छोटी आंत में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सक्रिय होती है।
- समय के साथ आंत की अंदरूनी सतह (villi) क्षतिग्रस्त हो जाती है।
- इससे पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है।
- इस स्थिति को कुअवशोषण (Malabsorption) कहा जाता है।
प्रमुख लक्षण
- सीलिएक रोग के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः:
- बार-बार दस्त
- पेट फूलना
- थकान
- वजन कम होना
- एनीमिया (खून की कमी)
बच्चों में प्रभाव
- बच्चों में यह समस्या:
- शारीरिक वृद्धि
- मानसिक विकास दोनों को प्रभावित कर सकती है।
कितनी आम है यह बीमारी ?
- अनुमान है कि दुनिया में हर 100 में से 1 व्यक्ति इस बीमारी से प्रभावित हो सकता है।
- यह समस्या किसी भी उम्र में विकसित हो सकती है, खासकर जब व्यक्ति ग्लूटेन युक्त आहार लेना शुरू करता है।
क्या है नया शोध ?
- हाल के अध्ययन में पाया गया है कि पहले से स्वीकृत एक दवा सीलिएक रोग से जुड़ी सूजन को कम कर सकती है।
- हालांकि:
- यह अभी प्रारंभिक शोध स्तर पर है।
- इसे पूर्ण इलाज नहीं माना जा सकता।
- यह शोध भविष्य में उपचार विकल्पों को विस्तारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या इसका इलाज संभव है ?
- फिलहाल सीलिएक रोग का कोई स्थायी इलाज नहीं है।
- लेकिन अच्छी खबर यह है कि सख्त ग्लूटेन-मुक्त आहार अपनाने से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है और छोटी आंत धीरे-धीरे ठीक हो सकती है।
ग्लूटेन-मुक्त आहार में शामिल हो सकते हैं:
- चावल
- मक्का
- बाजरा
- दालें
- ताजे फल और सब्जियाँ
निष्कर्ष
सीलिएक रोग एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय ऑटोइम्यून बीमारी है। समय पर पहचान और सही आहार प्रबंधन से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। नया शोध भविष्य में दवा आधारित उपचार की संभावनाओं को मजबूत करता है, लेकिन फिलहाल ग्लूटेन-मुक्त आहार ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।