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CURRENT AFFAIRS

प्रकृति के स्मार्ट फिल्टर: सुंदरबन के मीठे पानी के स्पंज

Environment & Ecology 20-Dec-2025

जलीय प्रदूषण वर्तमान में वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में वैज्ञानिक अब प्रकृति के उन रहस्यों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं जो प्रदूषण का सामना करने में हमारे सबसे शक्तिशाली सहयोगी बन सकते हैं। 

डिजिटल ट्विन

Science and Technology 20-Dec-2025

‘डिजिटल ट्विन’ (Digital Twin) वर्तमान में तकनीक की बदलती दुनिया में तेजी से उभरता हुआ एक शब्द है। सरल शब्दों में कहें तो यह किसी वास्तविक वस्तु, मशीन या पूरी व्यवस्था की एक ऐसी डिजिटल फोटोकॉपी है जो केवल दिखती ही नही हैं बल्कि असली वस्तु की तरह व्यवहार भी करती है। 

गांवों का विस्तार: शहरों की तुलना में बढ़ती जैव विविधता हानि

Environment & Ecology 20-Dec-2025

बीजिंग स्थित चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज विश्वविद्यालय के शोधकर्ता झिताओ लियू और उनके सहयोगियों ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन भूमि उपयोग और जैव विविधता डेटा का उपयोग करते हुए 2000–2020 के बीच शहरी और ग्रामीण बस्तियों के प्रभावों की तुलना की।

न्यूक्लियर एनर्जी: भारत में संभावनाएं और चुनौतियां

Science and Technology 19-Dec-2025

हाल ही में केंद्र सरकार ने ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ़ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI/शांति विधेयक), 2025’ को संसद में प्रस्तुत किया है। इस विधेयक का उद्देश्य भारत में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्षम बनाना है।

माओवाद के बाद भारत में शासन का भविष्य

Indian Polity 19-Dec-2025

भारत में माओवादी आंदोलन के उदय और विस्तार पर प्रचलित चर्चाएं प्राय: दो धुरियों के इर्द-गिर्द घूमती हैं जिसमें सुरक्षा एवं विकास शामिल है। दशकों से राज्य की ‘दोहरी रणनीति’ इन्हीं दो स्तंभों पर टिकी है किंतु इस विमर्श में एक बुनियादी पहलू अक्सर ओझल रहता है और वह है- शासन व्यवस्था की समस्या।

अरावली पर्वतमाला पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला: संरक्षण, खनन व संतुलन

Environment & Ecology 19-Dec-2025

भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली एक बार फिर नीति एवं न्यायिक विमर्श के केंद्र में है। सर्वोच्च न्यायालय ने हालिया आदेश में अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की एक समान वैज्ञानिक परिभाषा तय करते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान एवं गुजरात में फैले इसके क्षेत्रों में नए खनन पट्टों व नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला केवल खनन नियंत्रण तक सीमित नहीं है बल्कि दीर्घकालिक पारिस्थितिक सुरक्षा की दिशा में एक संरचनात्मक हस्तक्षेप है। 

नीति आयोग के 10 वर्ष : भारत के विकासात्मक शासन में एक परिवर्तनकारी प्रयोग

Government Organisations 19-Dec-2025

भारत में आर्थिक नियोजन की यात्रा 1950 में योजना आयोग की स्थापना से शुरू हुई थी। किंतु उदारीकरण (1991), वैश्वीकरण, संघीय राजनीति के सुदृढ़ीकरण और राज्यों की बढ़ती भूमिका के साथ केंद्रीकृत, आदेश-और-नियंत्रण (Command & Control) आधारित नियोजन मॉडल अप्रासंगिक होता गया।

‘विकसित भारत @ 2047’ : भारत की आर्थिक महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा

Indian Economy 19-Dec-2025

भारत ने स्वतंत्रता की शताब्दी-2047-तक स्वयं को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है।  ‘विकसित भारत @ 2047’ का उद्देश्य भारत को लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, $20,000–25,000 प्रति व्यक्ति आय, न्यूनतम गरीबी और उच्च जीवन-स्तर वाले राष्ट्र में परिवर्तित करना है। 

स्वतंत्रता के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का सफर

Indian Economy 19-Dec-2025

स्वतंत्रता के समय भारत को एक ऐसी अर्थव्यवस्था विरासत में मिली जो औद्योगिक रूप से पिछड़ी, कृषि पर अत्यधिक निर्भर, पूंजी व तकनीक की कमी से जूझ रही थी, और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं से ग्रस्त थी। इन परिस्थितियों में भारत का आर्थिक विकास केवल बाजार शक्तियों पर छोड़ना संभव नहीं था। 

भारत में आर्थिक नियोजन

Indian Economy 19-Dec-2025

आर्थिक नियोजन वह सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत कोई केंद्रीय प्राधिकरण (Central Authority) देश की आवश्यकताओं, संसाधनों और प्राथमिकताओं का आकलन कर एक निश्चित समयावधि में प्राप्त किए जाने वाले आर्थिक एवं सामाजिक लक्ष्यों का निर्धारण करता है तथा संसाधनों का नियोजित आवंटन करता है।

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