New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 12th Oct. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 12th Oct. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

मायोग्लोबिन

संदर्भ

शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक अत्याधुनिक, लचीला एवं किफायती बायोसेंसर विकसित किया है जो रक्त में मायोग्लोबिन (Myoglobin) के स्तर की पहचान करने में सक्षम है। चूँकि मायोग्लोबिन दिल के दौरे (Heart Attack) के शुरुआती संकेतों से जुड़ा है, इसलिए यह नवाचार चिकित्सा निदान में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। 

मायोग्लोबिन: संरचना और प्रकृति 

  • मायोग्लोबिन एक सूक्ष्म लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो मांसपेशियों के ऊतकों का लगभग 2% हिस्सा बनाता है।
  • यह मुख्य रूप से धारीदार मांसपेशियों (Striated Muscles) में पाया जाता है, जिनमें कंकाल की मांसपेशियां और हृदय की मांसपेशियां शामिल हैं। 
  • कोशिकीय स्तर पर यह हृदय की मांसपेशियों के साइटोप्लाज्म एवं कंकाल की मांसपेशियों के सार्कोप्लाज्म में मौजूद होता है।
  • यह ‘ग्लोबिन सुपरफैमिली’ का हिस्सा है। मायोग्लोबिन एक एकल पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला से बना होता है जिसमें ऑक्सीजन को बांधने के लिए केवल एक स्थान (Binding Site) होता है।
  • मायोग्लोबिन अक्सर हीमोग्लोबिन के समान माना जाता है किंतु हीमोग्लोबिन में चार पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं और चार ऑक्सीजन बाइंडिंग साइट्स होती हैं। 
  • इसकी संरचना में अमीनो एसिड, आयरन (लोहा) और अन्य अणु शामिल होते हैं जो मिलकर ऑक्सीजन को थामे रखने का कार्य करते हैं। 

मायोग्लोबिन के प्रमुख कार्य 

मायोग्लोबिन शरीर में केवल एक प्रोटीन के रूप में नहीं है बल्कि एक बहुआयामी सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है:

  • ऑक्सीजन का संचरण और भंडारण: 
    • यह रक्तप्रवाह से ऑक्सीजन प्राप्त कर मांसपेशियों तक पहुँचाता है। 
    • जब मांसपेशियों को ऊर्जा की आवश्यकता होती है, तो यह संचित ऑक्सीजन को गति के लिए मुक्त कर देता है। 
    • यह कोशिकाओं के भीतर ऑक्सीजन के स्तर को संतुलित रखने के लिए एक ‘बफर’ के रूप में भी काम करता है।
  • कोशिकीय क्षति का संकेतक: सामान्यतः मायोग्लोबिन मांसपेशियों के भीतर रहता है। यदि यह प्लाज्मा (रक्त) या मूत्र में पाया जाता है, तो यह गंभीर कोशिकीय क्षति का स्पष्ट और संवेदनशील संकेत है, विशेषकर हृदय रोगों के संदर्भ में।
  • एंजाइमी भूमिका: यह सक्रिय नाइट्रिक ऑक्साइड को नाइट्रेट में विघटित करने में सहायक है। नाइट्रिक ऑक्साइड के हटने से माइटोकॉन्ड्रियल श्वसन (कोशिकीय ऊर्जा उत्पादन) की क्षमता बढ़ जाती है। 
  • ऑक्सीडेटिव सुरक्षा: यह वसा अम्लों (Fatty Acids) के साथ परस्पर क्रिया करके ‘प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों’ (Reactive Oxygen Species) को बेअसर करने में मदद करता है, जिससे ऊतकों को होने वाले नुकसान से बचाव होता है। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR