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CURRENT AFFAIRS

ग्रेट कॉर्मोरेंट (Great Cormorant)

Environment & Ecology 23-Sep-2026

हाल ही में हैदराबाद में जन्मे एक कनाडाई पक्षी प्रेमी द्वारा बीएचईएल के पास स्थित अमीनपुर झील में एक दुर्लभ ल्यूसिस्टिक ग्रेट कॉर्मोरेंट (Great Cormorant) को देखा गया। अपने असामान्य रंग-रूप के कारण इस पक्षी ने पक्षी प्रेमियों और प्रकृति पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित किया है।

अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिज़र्व

Environment & Ecology 22-Sep-2026

दक्षिण भारत के अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिज़र्व (ABR) की वनस्पतीय विविधता को लेकर एक व्यापक नई चेकलिस्ट सामने आई है। तिरुवनंतपुरम स्थित जवाहरलाल नेहरू ट्रॉपिकल बॉटैनिक गार्डन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (JNTBGRI) के शोधकर्ताओं ने एबीआर रिजर्व में 3,261 प्रजातियों, 26 उप-प्रजातियों और 28 किस्मों का दस्तावेजीकरण किया है। ये पौधे 1,139 वंश और 190 कुलों से संबंधित हैं। 

खेजड़ी का वृक्ष

Environment & Ecology 21-Sep-2026

हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ने 18वीं शताब्दी के दौरान राजस्थान के खेजड़ली गाँव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाली अमृता देवी विश्नोई और सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

स्मार्ट और हरित खनन की ओर बढ़ता कोल इंडिया

Environment & Ecology 16-Sep-2026

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में कोयले की भूमिका लंबे समय तक महत्वपूर्ण बनी रहने वाली है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) पारंपरिक खनन पद्धतियों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, सुरक्षित, कुशल और अधिक टिकाऊ खनन व्यवस्था विकसित कर रहा है। भूमिगत (UG) और खुली खदानों (OC) दोनों में आधुनिक मशीनरी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 

किशाऊ (Kishau) बहुउद्देशीय परियोजना

Environment & Ecology 16-Sep-2026

हाल ही में नई दिल्ली में छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य लंबे समय से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करना है। 

सर्दियों में तीन गुना तक बढ़ता कचरे का धुआँ: छोटे शहरों पर सबसे ज्यादा बोझ

Environment & Ecology 10-Sep-2026

भारत में सर्दी आते ही वायु प्रदूषण पर बहस तेज हो जाती है। वाहनों का धुआँ, उद्योगों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और पराली जलाने को लेकर खूब चर्चा होती है। लेकिन शहरों की गलियों, खाली प्लॉटों और कूड़े के ढेरों में सुलगती आग अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया के एक अध्ययन ने इसी उपेक्षित समस्या की गंभीरता सामने रखी है। इसके मुताबिक सर्दियों में खुले में कचरा जलाने की घटनाएँ, जलाए जाने वाले कचरे की मात्रा और उससे होने वाला उत्सर्जन गर्मियों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ सकता है।

गूगल का 1 गीगावाट डेटा सेंटर: पानी बचाने के लिए एयर-कूलिंग

Environment & Ecology 08-Sep-2026

स्थानीय स्तर पर लगातार हो रहे विरोध और नागरिक समाज संगठनों की चिंताओं के बीच गूगल ने विशाखापत्तनम जिले में प्रस्तावित अपने 1 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर में एयर-कूलिंग तकनीक इस्तेमाल करने की बात कही है। पानी की कमी और डेटा सेंटर की संभावित खपत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कंपनी का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के सामने बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल एयर-कूलिंग के जरिए इतनी बड़ी क्षमता वाले डेटा सेंटर को प्रभावी ढंग से ठंडा किया जा सकता है? 

मायरिस्टिका स्वैम्प्स

Environment & Ecology 02-Sep-2026

एक हालिया अध्ययन में संकेत दिया गया है कि मायरिस्टिका स्वैम्प्स (Myristica Swamps) विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए हैं। वस्तुतः ये अत्यंत प्राचीन और विशिष्ट पारिस्थितिक तंत्र हैं, जिनका संरक्षण जैव विविधता और जल सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। 

घेपन हिमनद झील: हिमाचल प्रदेश में बढ़ता GLOF खतरा

Environment & Ecology 02-Sep-2026

सितंबर 2026 में घेपन झील (Ghepan Lake) पर एक पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System-EWS) स्थापित की जानी है। इस प्रणाली का उद्देश्य झील और उसके आसपास की परिस्थितियों की लगातार निगरानी करना तथा संभावित हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (Glacial Lake Outburst Flood-GLOF) के संकेत मिलने पर समय रहते चेतावनी जारी करना है।

PARIVARTAN योजना: दिल्ली-NCR में 2 लाख से अधिक प्रदूषणकारी ट्रक और बसों को बदलने की केंद्र की योजना

Environment & Ecology 31-Aug-2026

केंद्र सरकार PARIVARTAN योजना के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है। इस योजना का लक्ष्य दिल्ली-NCR में पंजीकृत 2 लाख से अधिक पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को स्वच्छ और आधुनिक वाहनों से बदलना है।

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