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CURRENT AFFAIRS

विकास और पर्यावरण का संतुलन: सर्वोच्च न्यायालय के पूर्वव्यापी पर्यावरण स्वीकृति निर्णय के मायने

Environment & Ecology 30-Jul-2026

पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र की विकासात्मक आवश्यकताओं के बीच संतुलन साधना हमेशा से एक संवेदनशील और जटिल विषय रहा है। हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्वव्यापी या एक्स-पोस्ट फैक्टो (Ex-Post Facto) पर्यावरण स्वीकृतियों (ECs) से जुड़े एक अहम फैसले में केंद्र सरकार के 2021 के उस कार्यालय ज्ञापन (OM) को खारिज कर दिया है, जिसके तहत बिना पूर्व अनुमति के निर्माण या संचालन शुरू करने वाली परियोजनाओं को नियमित करने की अनुमति दी गई थी।   

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस: भारत की संरक्षण यात्रा और वैश्विक नेतृत्व

Environment & Ecology 29-Jul-2026

प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस दुनिया को बाघ संरक्षण के महत्व का संदेश देता है। भारत के लिए यह केवल एक जागरूकता दिवस नहीं, बल्कि विज्ञान-आधारित संरक्षण, सतत विकास और जैव विविधता के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज भारत विश्व के लगभग 70 प्रतिशत जंगली बाघों का घर है और यह उपलब्धि दशकों की दूरदर्शी नीतियों, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा जनभागीदारी का परिणाम है। इसी कारण भारत आज वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण का अग्रणी देश माना जाता है। 

वैश्विक खनन और जल संकट: ऊर्जा संक्रमण के समक्ष एक मूक चुनौती

Environment & Ecology 25-Jul-2026

अंतर्राष्ट्रीय परिषद ऑन माइनिंग एंड मेटल्स (ICMM) द्वारा जारी ग्लोबल माइनिंग एंड मेटल्स वाटर डेटासेट रिपोर्ट ने वैश्विक संधारणीयता और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में एक गंभीर चिंता को रेखांकित किया है। यह रिपोर्ट इस बात का प्रामाणिक दस्तावेज है कि विश्वभर की लगभग दो-तिहाई खनन और धातु प्रसंस्करण इकाइयां गंभीर भौतिक जल जोखिमों के साए में संचालित हो रही हैं। जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था जीवाश्म ईंधनों से हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर हो रही है, यह जल संकट स्वच्छ ऊर्जा के वैश्वीकरण के मार्ग में एक अवरोधक के रूप में उभर रहा है।   

कुटकी (पिक्रोराइजा कुर्रोआ)

Environment & Ecology 24-Jul-2026

हिमालय के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में उगने वाली दुर्लभ औषधीय वनस्पति कुटकी (पिक्रोराइजा कुर्रोआ) को लंबे समय तक अंधाधुंध दोहन का सामना करना पड़ा। आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में अत्यधिक मांग के कारण इस पौधे की जंगली आबादी तेजी से घटती गई, जिसके परिणामस्वरूप इसे प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में शामिल किया गया। अब हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में विकसित एक अभिनव खेती मॉडल इस बहुमूल्य वनस्पति के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय किसानों की आजीविका को भी नई दिशा दे रहा है। 

मानसबल झील

Environment & Ecology 18-Jul-2026

हाल ही में यह देखा गया कि मानसबल झील में प्रवासी पक्षियों की वापसी के साथ इसकी पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

भारत की पहली नाइट सफारी को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

Environment & Ecology 18-Jul-2026

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कुकरैल नाइट सफारी एवं डे ज़ू परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

अफ्रीका में दुर्लभ नारंगी-मुख वाला बंदर खोजा गया: नई प्राइमेट प्रजाति Colobus congoensis की पहचान

Environment & Ecology 17-Jul-2026

वैज्ञानिकों ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में पाए जाने वाले एक दुर्लभ नारंगी-मुख वाले बंदर को आधिकारिक रूप से नई प्राइमेट (वानर) प्रजाति घोषित किया है।

केवड़े का सुगंधित पौधा (fragrant kewra)

Environment & Ecology 16-Jul-2026

पूर्वोत्तर राज्य असम के कोयला क्षेत्र से बरामद जीवाश्म पत्तियों से पता चला है कि अपनी सुगंध के लिए प्रसिद्ध केवड़े का पौधा, जिसका उपयोग मिठाइयों, पारंपरिक चिकित्सा और मंदिरों में भी किया जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप में कम से कम 24 मिलियन वर्षों से अस्तित्‍व में है और भारत के प्राचीन उष्णकटिबंधीय जंगलों अब भी मौजूद है।

सल्फर डाइऑक्साइड (SO2)

Environment & Ecology 15-Jul-2026

हाल ही में एक नए विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से होने वाले लगभग 81% सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) उत्सर्जन उन संयंत्रों से आता है, जिन्हें प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियाँ (Pollution Control Systems) स्थापित करने से छूट दी गई है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और संपीड़ित बायोगैस

Environment & Ecology 15-Jul-2026

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

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