Environment & Ecology 11-Aug-2026
हाल ही में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने पहले पर्यावरण-शैक्षिक केंद्र ‘प्रकृति ज्ञान धाम’ (Prakriti Gyan Dham) का लोकार्पण किया।
Environment & Ecology 11-Aug-2026
अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व (ABR) पश्चिमी घाट की जैव-विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय क्षेत्र है। तमिलनाडु और केरल में विस्तृत यह क्षेत्र अनेक संरक्षित क्षेत्रों, वन्यजीवों, वनस्पतियों तथा आदिवासी और पारंपरिक वन समुदायों का आश्रय है। हाल में तमिलनाडु के थेनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में वन भूमि पर कथित अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली नोटिस जारी किए जाने तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों ने पर्यावरण संरक्षण और वन समुदायों के वैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन के प्रश्न को पुनः चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
Environment & Ecology 10-Aug-2026
भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। 31 जुलाई 2026 तक देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 300 गीगावाट के आंकड़े को पार कर 300.50 गीगावाट पहुंच गई है। यह वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि भारत के तेजी से बदलते ऊर्जा परिदृश्य और स्वच्छ, टिकाऊ तथा आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है।
Environment & Ecology 06-Aug-2026
हाल ही में प्रकाशित एक विश्लेषण में यह रेखांकित किया गया है कि भारत में एशियाई शेर (Asiatic Lion) की संख्या 1,000 से अधिक हो चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रजाति का दीर्घकालिक अस्तित्व केवल जनसंख्या वृद्धि से सुनिश्चित नहीं होगा। इसके लिए भूदृश्य-आधारित (Landscape-Level) संरक्षण को सुदृढ़ करने तथा एक ही भौगोलिक क्षेत्र में अत्यधिक संकेंद्रण से उत्पन्न जोखिमों का समाधान करना आवश्यक है।
Environment & Ecology 05-Aug-2026
जल जीवन, कृषि एवं आर्थिक विकास का आधार है, किंतु बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन, भूजल के अत्यधिक दोहन और प्रदूषण के कारण भारत गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अटल भूजल योजना, NAQUIM, जल संचय जन भागीदारी तथा कैच द रेन जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं। इनमें अटल भूजल योजना का पायलट 7 राज्यों की 8,203 जल-संकटग्रस्त ग्राम पंचायतों में सफल रहा है, जो वैज्ञानिक एवं सहभागी जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Environment & Ecology 04-Aug-2026
अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित ग्लाव झील (Glaw Lake) को रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत भारत की 101वीं अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर भूमि (Ramsar Site) का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके साथ ही यह झील अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर साइट बन गई है। यह उपलब्धि भारत में आर्द्रभूमियों के संरक्षण, जैव विविधता को सुरक्षित रखने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Environment & Ecology 03-Aug-2026
समसामयिक वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव अब केवल आशंकाएँ नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष आपदाओं के रूप में सामने आ रहे हैं। यूरोप में विशेष रूप से ग्रीस, स्पेन, फ्रांस, पुर्तगाल और इटली जैसे देशों में भीषण जंगल की आग ने गंभीर पर्यावरणीय संकट उत्पन्न किया है। इन घटनाओं में लाखों हेक्टेयर वन क्षेत्र नष्ट हुए हैं और बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है। वर्तमान में ये वनाग्नि केवल मौसमी घटनाएँ नहीं रह गई हैं, बल्कि छठी पीढ़ी (Sixth Generation) की अत्यधिक तीव्र और विनाशकारी आपदाओं का रूप ले रही हैं, जो पारिस्थितिक तंत्र को व्यापक नुकसान पहुँचा रही हैं।
Environment & Ecology 03-Aug-2026
हाल ही में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के शोधकर्ताओं द्वारा भारत में पाई जाने वाली तितलियों और पतंगों (लेपिडोप्टेरा) का एक व्यापक और विस्तृत कैटलॉग प्रकाशित किया गया है।
Environment & Ecology 31-Jul-2026
पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर हिमालयी राज्यों में, भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के साथ क्लाउडबर्स्ट शब्द बार-बार सुनने को मिला है। किसी भी भीषण वर्षा की घटना को अक्सर क्लाउडबर्स्ट कह दिया जाता है, जबकि मौसम विज्ञान की दृष्टि से इसकी एक स्पष्ट और वैज्ञानिक परिभाषा है।
Environment & Ecology 30-Jul-2026
पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र की विकासात्मक आवश्यकताओं के बीच संतुलन साधना हमेशा से एक संवेदनशील और जटिल विषय रहा है। हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्वव्यापी या एक्स-पोस्ट फैक्टो (Ex-Post Facto) पर्यावरण स्वीकृतियों (ECs) से जुड़े एक अहम फैसले में केंद्र सरकार के 2021 के उस कार्यालय ज्ञापन (OM) को खारिज कर दिया है, जिसके तहत बिना पूर्व अनुमति के निर्माण या संचालन शुरू करने वाली परियोजनाओं को नियमित करने की अनुमति दी गई थी।
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