Environment & Ecology 07-Feb-2026
अरावली की प्राचीन पर्वतमालाओं से लेकर सुंदरवन के तटीय मैंग्रोव तक भारत में विकास की आकांक्षाएँ और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत आपस में टकरा रहे हैं।
Environment & Ecology 06-Feb-2026
हाल ही में, लक्षद्वीप के कवारत्ती लैगून से मिले सूक्ष्म क्रस्टेशियन को एक नए वंश और नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी गई है। यह जीव कोपेपोडा वर्ग के लाओफोंटिडी कुल का सदस्य है और इतना सूक्ष्म है कि इसे देखने और अध्ययन करने के लिए केवल माइक्रोस्कोप का उपयोग किया जा सकता है।
Environment & Ecology 05-Feb-2026
भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के वैज्ञानिकों ने तेलंगाना के पाखल वन्यजीव अभ्यारण्य में पुष्पों की एक नवीन प्रजाति खोजी है जिसे ‘डिक्लीप्टेरा पाखालिका (Dicliptera pakhalica)’ नाम दिया गया है।
Environment & Ecology 03-Feb-2026
हाल ही में, विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर से पूर्व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने भारत के रामसर नेटवर्क में दो नई आर्द्रभूमियों को जोड़े जाने की घोषणा की।
Environment & Ecology 02-Feb-2026
हाल ही में भारत में दो नए रामसर स्थल-उत्तर प्रदेश का पटना पक्षी अभयारण्य (एटा जिला) और गुजरात का छारी-ढांड (कच्छ) शामिल किए गए हैं।
Environment & Ecology 30-Jan-2026
केंद्र सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management: SWM) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है। इन नियमों के तहत देशभर में अत्यधिक अपशिष्ट उत्पन्नकर्ताओं (Bulk Waste Generators) तथा स्थानीय निकायों के लिए अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर प्रसंस्करण अनिवार्य कर दिया गया है।
Environment & Ecology 24-Jan-2026
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने हाल ही में उडुपी जिला प्रशासन और कर्नाटक शहरी जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड (KUWSDB) को निर्देश दिया है कि वे कोल्लूर क्षेत्र में सौपर्णिका नदी में दूषित जल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रस्तावित कार्यवाही, अनुमानित लागत तथा समय-सीमा पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
Environment & Ecology 22-Jan-2026
वैज्ञानिकों ने हाल ही में दिल्ली और पश्चिमी घाट से एंट फ्लाई की दो नई तथा अत्यंत दुर्लभ प्रजातियों की पहचान की है। इनके नाम मेटाडॉन घोरपदेई और मेटाडॉन रीमेरी है।
Environment & Ecology 22-Jan-2026
स्वदेशी और ग्राम स्वराज के गांधीवादी आदर्शों में निहित खादी हाथ से बुने हुए कपड़े से कहीं अधिक का प्रतिनिधित्व करती है। यह आत्मनिर्भरता, श्रम की गरिमा, स्थायी आजीविका और ग्रामीण लचीलेपन का प्रतीक है।
Environment & Ecology 19-Jan-2026
भारतीय वैज्ञानिकों ने हाल ही में महाराष्ट्र के उत्तरी पश्चिमी घाट क्षेत्र में एक अत्यंत दुर्लभ और भूमिगत जीवन वाली उभयचर प्रजाति की पहचान की है।
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