Environment & Ecology 18-Feb-2026
हाल ही में, पेरू की नगरपालिकाओं द्वारा पारित ऐतिहासिक अध्यादेश के तहत अमेज़ॅन की डंक रहित मधुमक्खियों को कानूनी अधिकार प्रदान किए गए हैं। यह कदम एक वैश्विक रिकॉर्ड है क्योंकि ये दुनिया के पहले कीट हैं जिन्हें अस्तित्व और फलने-फूलने के अधिकार जैसी कानूनी मान्यता मिली है।
Environment & Ecology 18-Feb-2026
हाल ही में, कर्नाटक और ओडिशा के वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट क्षेत्र में आर्मी चींटियों की दो नई प्रजातियों एनीक्टस चित्तूरेन्सिस (Aenictus chittoorensis) तथा एनीक्टस लंकामालेंसिस (Aenictus lankamallensis) की पहचान की है।
Environment & Ecology 17-Feb-2026
हाल ही में भारतीय शोधकर्ताओं ने लक्षद्वीप द्वीपसमूह के तटीय समुद्री क्षेत्र में स्क्वाट लॉबस्टर (Squat Lobster) की एक नई प्रजाति की खोज की है, जिसे वैज्ञानिक नाम Leiogalathea samudragiri दिया गया है। यह खोज भारतीय समुद्री जैव-विविधता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लक्षद्वीप प्रवाल-भित्तियों (coral reef ecosystem) का एक संवेदनशील और कम-अध्ययनित क्षेत्र है।
Environment & Ecology 16-Feb-2026
हैदराबाद स्थित नैटको फार्मा को हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से भारत में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन के निर्माण एवं विपणन की अनुमति मिली है।
Environment & Ecology 12-Feb-2026
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय चरागाह एवं चरवाहा समुदाय वर्ष’ घोषित किया जाना इस तथ्य की स्वीकारोक्ति है कि अब तक वैश्विक पर्यावरण विमर्श में घासभूमियों और उन पर निर्भर समुदायों को अपेक्षित महत्व नहीं मिला है। जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता ह्रास और भूमि क्षरण की त्रिस्तरीय चुनौती के बीच यह घोषणा एक अवसर भी है और एक चेतावनी भी।
Environment & Ecology 12-Feb-2026
हाल के वर्षों में भारत ने चावल उत्पादन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए चीन को पीछे छोड़ दिया है और विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।
Environment & Ecology 12-Feb-2026
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में समुद्री डॉल्फ़िन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 20 जनवरी 2026 को आयोजित राज्यव्यापी जनगणना के अनुसार, राज्य में कुल 765 डॉल्फ़िन पाई गई हैं।
Environment & Ecology 11-Feb-2026
हाल ही में, केरल में ड्रैगनफ्लाई की एक नई प्रजाति की खोज की गई है जिसे राज्य की समृद्ध जैव-विविधता के सम्मान में लिरियोथेमिस केरलेंसिस (Lyriothemis keralensis) नाम दिया गया है।
Environment & Ecology 07-Feb-2026
अरावली की प्राचीन पर्वतमालाओं से लेकर सुंदरवन के तटीय मैंग्रोव तक भारत में विकास की आकांक्षाएँ और पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत आपस में टकरा रहे हैं।
Environment & Ecology 06-Feb-2026
हाल ही में, लक्षद्वीप के कवारत्ती लैगून से मिले सूक्ष्म क्रस्टेशियन को एक नए वंश और नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी गई है। यह जीव कोपेपोडा वर्ग के लाओफोंटिडी कुल का सदस्य है और इतना सूक्ष्म है कि इसे देखने और अध्ययन करने के लिए केवल माइक्रोस्कोप का उपयोग किया जा सकता है।
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