Current Affairs 12-Jul-2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘गोल्डन डोम’ नामक एक नई राष्ट्रीय रक्षा पहल का अनावरण किया है।
Current Affairs 11-Jul-2025
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) भारत में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की आधारशिला है, जो देश के निवासियों का डाटाबेस तैयार करता है। जनगणना-2027 के लिए NPR को अपडेट करने का निर्णय अभी नहीं लिया गया है, जिससे इसकी प्रासंगिकता एवं कार्यान्वयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Current Affairs 11-Jul-2025
वैश्विक स्तर पर युवा बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कृषि-खाद्य प्रणालियां (Agrifood Systems) वैश्विक जी.डी.पी. में 1.4% की वृद्धि कर सकती हैं, जिसमें से 45% वृद्धि युवाओं की भागीदारी से हो सकती है।
Current Affairs 10-Jul-2025
हाल के वर्षों में वैश्विक सैन्य व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है जो रूस-यूक्रेन युद्ध, इज़राइल-गाजा संघर्ष, भारत-पाकिस्तान तथा इज़राइल-ईरान युद्धों जैसे प्रमुख संघर्षों से प्रेरित है।
Current Affairs 09-Jul-2025
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत और बांग्लादेश के लोगों के लिए एक नया नामांकन-आधारित गोल्डन वीजा (Golden Visa) कार्यक्रम प्रारंभ किया है।
Current Affairs 09-Jul-2025
भारत में मातृ मृत्युदर (MMR) में विगत कुछ वर्षों में गिरावट आई है। यह दर वर्ष 2017-19 में 103 से कम होकर वर्ष 2019-21 में 93 पहुँच गई है।
Current Affairs 09-Jul-2025
17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (जुलाई 2005) के समापन पर ‘रियो डी जेनेरियो घोषणा’ को अपनाया गया।
Current Affairs 08-Jul-2025
पहली बार, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने गैर-न्यायिक कर्मचारियों के लिए सीधी भर्ती और पदोन्नति में आरक्षण नीति लागू करने के लिए एक सर्कुलर ज़ारी किया है।
Current Affairs 08-Jul-2025
6-7 जुलाई, 2025 को ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो शहर में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया।
Current Affairs 05-Jul-2025
पैलिएटिव केयर (Palliative Care) भारत में स्वास्थ्य देखभाल का एक महत्वपूर्ण किंतु उपेक्षित क्षेत्र है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष 4 करोड़ लोगों को पैलिएटिव केयर की आवश्यकता होती है, जिनमें से 78% निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। भारत में अनुमानत: 70-100 लाख लोगों को प्रतिवर्ष इसकी आवश्यकता होती है किंतु केवल 1-2% को ही यह सुविधा उपलब्ध है।