Current Affairs 11-Jul-2025
जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आपदा जोखिम बीमा (Disaster Risk Insurance) की अवधारणा को अपनाना भारतीय वित्तीय प्रणाली के लिए आवश्यक बन चुका है। भारत की अधिकांश जनसंख्या अप्रत्याशित क्षति व नुकसान का सामना कर रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए आपदा बांड (Catastrophe Bonds या Cat Bonds) प्रभावी उपाय हो सकते हैं।
Current Affairs 10-Jul-2025
हाल के वर्षों में वैश्विक सैन्य व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है जो रूस-यूक्रेन युद्ध, इज़राइल-गाजा संघर्ष, भारत-पाकिस्तान तथा इज़राइल-ईरान युद्धों जैसे प्रमुख संघर्षों से प्रेरित है।
Current Affairs 10-Jul-2025
25 जून, 2025 को स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन के 10 वर्ष पूर्ण हुए। इसमें सर्वाधिक शहर उत्तर प्रदेश के हैं जबकि तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है।
Current Affairs 10-Jul-2025
केरल के कन्नूर जिले में एझिमाला के पास कक्कमपारा के तटीय क्षेत्र में ग्रेट हॉर्नबिल की दुर्लभ मौजूदगी दर्ज की गई।
Current Affairs 10-Jul-2025
प्राग में आयोजित 2025 गोल्डश्मिट सम्मेलन में प्रस्तुत एक नए अध्ययन ने पिघलते ग्लेशियर्स एवं ज्वालामुखी विस्फोटों (उद्गार) के बीच संबंध को प्रदर्शित किया है।
Current Affairs 10-Jul-2025
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) भारत में रोज़गार सृजन, राजस्व सृजन व वैश्विक पहुँच को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
Current Affairs 10-Jul-2025
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब तक बिजनेस मॉडल नवाचारों, जैसे- फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और फिनटेक पर आधारित रहा है किंतु अब डीप टेक (Deep Tech) के माध्यम से वैज्ञानिक खोजों एवं इंजीनियरिंग उत्कृष्टता पर आधारित नवाचार की ओर बढ़ने का समय है।
Current Affairs 10-Jul-2025
21वीं सदी जलवायु परिवर्तन के रूप में एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही है और इसके सबसे स्पष्ट स्वरूपों में से एक समुद्री जलस्तर में निरंतर वृद्धि है।
Current Affairs 09-Jul-2025
वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट में पाए जाने वाले गंभीर रूप से संकटग्रस्त एक वृक्ष प्रजाति ‘डिप्टेरोकार्पस बौर्डिलोनी’ को क्षति पहुँचाने वाले एक नए कवकीय रोग के संबंध में चेतावनी जारी की है।
Current Affairs 09-Jul-2025
विश्व बैंक के स्प्रिंग 2025 पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ के अनुसार, वर्ष 2022-23 के लिए 25.5 के गिनी इंडेक्स के साथ भारत को वैश्विक स्तर पर चौथे सर्वाधिक आय-समान देश के रूप में रेखांकित किया गया है। गिनी इंडेक्स आय असमानता को प्रदर्शित करता है।