New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

सल्तनतकालीन बिहार

बिहार में तुर्क आक्रमण

  • बिहार में तुर्क आक्रमण बारहवीं शताब्दी के अंत से प्रारंभ हुआ। 
  • उस समय बिहार एक संगठित राजनीतिक इकाई नहीं था। 
  • गंगा नदी उत्तर और मध्य बिहार के बीच भौगोलिक तथा राजनीतिक सीमा रेखा थी। 
  • उत्तरी बिहार का अधिकांश भाग मिथिला के कर्नाट राज्य के अधीन था। 
  • मध्य बिहार विभिन्न छोटे-छोटे शासकों के नियंत्रण में था। 

बख्तियार खिलजी

  • बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना का वास्तविक श्रेय बख्तियार खिलजी को जाता है। 
  • वह बनारस और अवध क्षेत्र के सेनापति मलिक हुसामुद्दीन का सहायक था। 
  • उसने बारहवीं-तेरहवीं शताब्दी में कर्मनासा नदी के पूर्वी भाग में सैनिक अभियान प्रारंभ किए। 
  • उस समय बंगाल में सेन वंश का शासक लक्ष्मणसेन तथा पाल वंश का शासक इन्द्र प्रद्युम्नपाल था। 
  • बख्तियार की पहली सफलता 1198 ई. में ओदन्तपुरी (बिहारशरीफ) की विजय थी। 
  • उसने नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट करवाया तथा बख्तियारपुर नगर की स्थापना की। 
  • 1203-04 ई. में उसने नदिया (बंगाल) पर आक्रमण किया, जो लक्ष्मणसेन की राजधानी थी। 
  • लक्ष्मणसेन बिना युद्ध किए राजधानी छोड़कर भाग गया। 
  • गंगा के दक्षिणी मैदान तथा बंगाल का अधिकांश भाग तुर्कों के अधीन आ गया। 
  • बख्तियार ने इन क्षेत्रों को एक प्रशासनिक इकाई में संगठित किया तथा राजधानी लखनौती (लक्ष्मणवती) बनाई। 
  • बिहार पर बख्तियार खिलजी के आक्रमण का पहला विवरण मिन्हाज-उस-सिराज की पुस्तक तबकात-ए-नासिरी में मिलता है। 

सल्तनतकालीन बिहार

गुलाम वंश

कुतुबुद्दीन ऐबक

  • यह मोहम्मद गौरी का गुलाम था। 
  • 1206 ई. में गुलाम वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की। 
  • बख्तियार खिलजी कुतुबुद्दीन ऐबक का सहायक सेनानायक था। 

इल्तुतमिश

  • इल्तुतमिश कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम था, इसलिए इसे “गुलामों का गुलाम” कहा जाता है। 
  • बिहार में सैनिक अभियान चलाकर बिहार को दिल्ली सल्तनत के अधीन करने वाला प्रथम सुल्तान इल्तुतमिश था। 
  • लगभग 1225 ई. में उसने हिसामुद्दीन एवज को पराजित कर बिहार पर अधिकार किया। 
  • इल्तुतमिश ने सैफुद्दीन ऐबक को बिहार का गवर्नर नियुक्त किया। 
  • बिहार में उसका प्रथम सूबेदार मलिक अलाउद्दीन जानी था। 
  • इल्तुतमिश के पुत्र नासिरुद्दीन महमूद ने अवध, बिहार तथा लखनौती को एक प्रशासनिक इकाई के रूप में संगठित कर 1227-1229 ई. तक शासन किया। 

गयासुद्दीन बलबन

  • इल्तुतमिश के बाद रजिया सुल्तान, बहराम शाह, अलाउद्दीन मसूद तथा नासिरुद्दीन महमूद शासक बने। 
  • नासिरुद्दीन महमूद के बाद बलबन सुल्तान बना। 
  • बलबन का वास्तविक नाम बहाउद्दीन था। 
  • उसने गयासुद्दीन बलबन के नाम से शासन किया। 
  • उसके शासनकाल में गया क्षेत्र दिल्ली सल्तनत के अधीन था। 
  • इसका उल्लेख राजा वनराज की गया प्रशस्ति में मिलता है। 
  • लखनौती (बंगाल) के शासक तुगरिल खाँ ने बलबन की अधीनता स्वीकार की थी। 
  • 1279-80 ई. में तुगरिल खाँ ने पुनः विद्रोह कर दिया। 
  • बलबन ने “रक्त एवं लौह नीति” अपनाई। 
  • उसने सैन्य विभाग दीवान-ए-अर्ज की स्थापना की। 
  • बलबन ने “जिल्ले-अल्लाह” की उपाधि धारण की। 
  • उसने तुर्कान-ए-चहलगानी को समाप्त किया। 
  • राजदरबार में सिजदा एवं पैबोस प्रथा की शुरुआत बलबन ने की। 

खिलजी वंश

  • 1290 ई. में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने खिलजी वंश की स्थापना की। 
  • 1296 ई. में जलालुद्दीन की हत्या कर अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का सुल्तान बना। 
  • 1297 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने शेख मोहम्मद इस्माइल को दरभंगा भेजा। 
  • दरभंगा के राजा सक्र सिंह ने उसकी सेना को पराजित कर दिया। 
  • अलाउद्दीन खिलजी ने स्थायी सेना तथा सैनिकों को नकद वेतन देने की व्यवस्था शुरू की। 
  • उसने घोड़ा दागने और सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा आरंभ की। 
  • उसने सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा बाजार नियंत्रण नीति लागू की। 
  • भू-राजस्व की दर बढ़ाकर उपज का आधा भाग कर दिया। 
  • दक्षिण भारत की विजय हेतु उसने मलिक काफूर को भेजा। 
  • उसके शासनकाल में खालसा भूमि का व्यापक विकास हुआ। 
  • खिलजीकालीन कुछ सिक्के भोजपुर के शाहपुर से प्राप्त हुए हैं। 

तुगलक वंश

गयासुद्दीन तुगलक

  • तुगलक वंश का संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक था। 
  • बिहार में तुगलक प्रशासन की जानकारी सूफी संत हजरत शफुद्दीन याहिया मनेरी की रचना मलफूजात से मिलती है। 
  • तिरहुत क्षेत्र से तुगलककालीन सिक्के प्राप्त हुए हैं। 
  • 1324 ई. में बंगाल अभियान के दौरान गयासुद्दीन तुगलक ने कर्नाट वंश के शासक हरिसिंह देव को पराजित किया। 

मोहम्मद बिन तुगलक

  • तिरहुत (मिथिला) को पूर्णतः तुगलक साम्राज्य में मिला लिया गया। 
  • उसने दरभंगा (तिरहुत) का नाम बदलकर तुगलकपुर रखा। 
  • मोहम्मद बिन तुगलक ने तुगलकपुर से अपने सिक्के जारी किए। 
  • उसने दरभंगा में दुर्ग तथा जामा मस्जिद का निर्माण करवाया। 

फिरोज शाह तुगलक

  • 14वीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक ने तिरहुत पर आधिपत्य स्थापित किया। 
  • उसने वैनवार वंश की स्थापना करवाई। 
  • फिरोज शाह ने संत शेख अहमद चर्मपोश से भेंट की, जिसका उल्लेख सीरते फिरोजशाही में मिलता है। 
  • पटना तथा गया से उसके अनेक अभिलेख प्राप्त हुए हैं। 
  • बिहारशरीफ से उसके फारसी अभिलेख मिले हैं। 
  • उसने राजगीर के जैन मंदिरों को अनुदान दिया। 
  • तुगलक काल में बिहार पर दिल्ली सल्तनत का निर्णायक वर्चस्व स्थापित हुआ। 

लोदी वंश

  • लोदी वंश का संस्थापक बहलोल लोदी था। 
  • उसने दिल्ली सल्तनत पर प्रथम अफगान सत्ता स्थापित की। 
  • जौनपुर के शर्की तथा बंगाल के हुसैनशाही शासकों के बीच बिहार क्षेत्र पर लंबे समय तक संघर्ष हुआ। 
  • सिकंदर लोदी के बिहार अभिलेख से ज्ञात होता है कि उसने 1495-96 ई. में हुसैन शाह शर्की को पराजित किया। 
  • दरिया खाँ नूहानी को बिहार का प्रशासक नियुक्त किया गया। 
  • लगभग 1504 ई. में सिकंदर लोदी ने बंगाल से संधि कर मुंगेर को बिहार-बंगाल की सीमा रेखा निर्धारित किया। 

नूहानी वंश

  • लोदी काल में बिहार में नूहानी अफगानों की शक्ति सुदृढ़ हुई। 
  • दरिया खाँ नूहानी के बाद उसका पुत्र बहार खाँ (मोहम्मद शाह नूहानी) बिहार का प्रशासक बना। 
  • प्रथम पानीपत युद्ध (21 अप्रैल 1526) के बाद बहार खाँ ने सुल्तान मोहम्मद शाह नूहानी के नाम से बिहार में स्वतंत्र सत्ता स्थापित की। 
  • उसने इब्राहिम लोदी की सेना को कनकपुरा युद्ध में पराजित किया। 
  • 1528 ई. में मोहम्मद शाह नूहानी की मृत्यु हो गई। 
  • उसके अल्पवयस्क पुत्र जलाल खाँ (जलालुद्दीन) को शासक बनाया गया। 
  • फरीद खाँ (शेर खाँ / शेरशाह) उसका संरक्षक नियुक्त हुआ। 
  • 1532 ई. में हुमायूँ ने दौरा के युद्ध में अफगानों को पराजित किया। 
  • इसके बाद बिहार में नूहानी सत्ता का पतन प्रारंभ हुआ। 
  • नूहानियों की शक्ति के पतन के पश्चात बिहार में शेरशाह सूरी का उदय हुआ।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR