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किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास में उद्योगों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उद्योग अर्थव्यवस्था के द्वितीयक क्षेत्र का हिस्सा हैं, जिनके अंतर्गत निर्माण एवं विनिर्माण संबंधी कार्य किए जाते हैं। झारखंड के गठन (2000) के बाद बिहार में अधिकांश खनिज संसाधन झारखंड के हिस्से में चले गए, जिसके कारण बिहार में खनिज आधारित उद्योग सीमित हो गए। चूँकि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए यहाँ कृषि आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाएँ हैं।
बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 1974 में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करना तथा निवेश को प्रोत्साहित करना है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में स्थित हैं। BIADA के अंतर्गत 9 क्लस्टर कार्यालय तथा 74 औद्योगिक क्षेत्र कार्यरत हैं।
राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए औद्योगिक विकास प्रोत्साहन नीति, 2016 लागू की। इसके अतिरिक्त वर्ष 2022 में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति तथा बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (वस्त्र एवं चर्म)-2022 भी लागू की गई।
बिहार का चीनी उद्योग राज्य के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में से एक है। बिहार की पहली चीनी मिल वर्ष 1904 में सारण जिले के मढ़ौरा में स्थापित की गई थी। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार राज्य में कुल 11 चीनी मिलें हैं, जिनमें 9 वर्तमान में संचालित हो रही हैं। वर्ष 2023-24 में राज्य में 62.74 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। इसके अतिरिक्त वर्ष 2022-23 में चीनी मिलों से 1,11,624 किलोलीटर इथेनॉल का उत्पादन किया गया। राज्य सरकार कृषि रोड मैप-4 के अंतर्गत “बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम” भी चला रही है।
दुग्ध उद्योग बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। कृषि एवं पशुपालन की समृद्ध परंपरा के कारण राज्य में दुग्ध उत्पादन व्यापक स्तर पर किया जाता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार वर्ष 2022-23 में बिहार में 125.03 लाख टन दुग्ध उत्पादन हुआ तथा इसकी वृद्धि दर 6.49 प्रतिशत रही। गाय के दूध उत्पादन में समस्तीपुर जिला अग्रणी है, जबकि भैंस के दूध उत्पादन में मधुबनी प्रथम स्थान पर है।
जूट उद्योग बिहार का एक महत्वपूर्ण कृषि आधारित उद्योग है। बिहार, पश्चिम बंगाल के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा जूट उत्पादक राज्य है। राज्य में पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा में प्रमुख जूट उद्योग स्थित हैं। पूर्णिया के मरांगा में एक जूट पार्क भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे जूट आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार में सूती वस्त्र उद्योग फुलवारी शरीफ, डुमरांव और गया में केंद्रित है, जबकि मुंगेर, भागलपुर, बक्सर और मुजफ्फरपुर में छोटी सूती वस्त्र इकाइयाँ स्थापित हैं। भागलपुर अपने रेशमी वस्त्रों के लिए प्रसिद्ध है और इसे “सिल्क सिटी” भी कहा जाता है। बिहार में मलबरी, तसर और अंडी तीनों प्रकार के रेशम का उत्पादन होता है। मलबरी रेशम का उत्पादन सहरसा, सुपौल, अररिया, मधेपुरा और पूर्णिया में, तसर रेशम का उत्पादन बाँका, मुंगेर, नवादा, कैमूर और जमुई में तथा अंडी रेशम का उत्पादन मुजफ्फरपुर और बेगूसराय में किया जाता है।
सीमेंट उद्योग बिहार में चूना पत्थर की उपलब्धता के कारण विकसित हुआ है। राज्य में रोहतास जिले के डालमियानगर और बंजारी प्रमुख सीमेंट उत्पादन केंद्र हैं।
बिहार में कृषि आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाएँ हैं। राज्य में चीनी, जूट, इथेनॉल, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, लकड़ी तथा प्लाईवुड उद्योगों का विकास हो रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भागलपुर, बक्सर और कटिहार में फूड पार्क स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में 180.57 करोड़ रुपये की लागत से मेगा फूड पार्क स्थापित किया गया है तथा पटना के बिहटा में पैकिंग हाउस बनाया गया है। कृषि उत्पादन की दृष्टि से बिहार देश में खाद्य उत्पादन में सातवें, सब्जी उत्पादन में तीसरे और फल उत्पादन में छठे स्थान पर है। बिहार मखाना तथा लीची उत्पादन में देश में प्रथम स्थान रखता है।
बिहार में केंद्र सरकार के अधीन कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम कार्यरत हैं। इनमें बरौनी स्थित फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त मोकामा में भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड, बेला (सारण) में रेल पहिया कारखाना, मढ़ौरा में डीजल एवं इलेक्ट्रिक इंजन कारखाना, हरनौत में कैरेज रिपेयर रेल वर्कशॉप तथा मधेपुरा में रेलवे विद्युत इंजन कारखाना स्थापित हैं।
राज्य सरकार के अधीन अनेक औद्योगिक उपक्रम संचालित हैं। इनमें फतुहा स्थित बिहार स्टेट स्कूटर्स लिमिटेड, बिहार स्टेट शुगर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बिहार स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, बिहार स्टेट डेयरी कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बिहार स्टेट स्पन सिल्क, बिहार स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन तथा बिहार स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन प्रमुख हैं।
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