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बिहार में कृषि व्यवस्था

बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य का लगभग 96 प्रतिशत भू-भाग मैदानी एवं उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से युक्त है, जो कृषि के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। सिंचाई की उपलब्धता, श्रम शक्ति और अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बिहार में फसल उत्पादन, पशुपालन और मत्स्य पालन का व्यापक विकास हुआ है। बिहार बजट 2024-25 के अनुसार राज्य की लगभग 76 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है।

भूमि उपयोग एवं प्रमुख फसलें

बिहार के कुल भू-भाग में शुद्ध बुआई क्षेत्र 54.2 प्रतिशत है, जबकि 23.3 प्रतिशत भूमि कृषि हेतु अनुपलब्ध है। राज्य में चावल, गेहूँ और मक्का प्रमुख खाद्यान फसलें हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार वर्ष 2022-23 में खाद्यान उत्पादन बढ़कर 197.4 लाख टन हो गया। 

फसल क्षेत्र में अनाज का हिस्सा सबसे अधिक 87.9 प्रतिशत है। रोहतास चावल और गेहूँ उत्पादन में अग्रणी जिला है, जबकि अररिया मक्का उत्पादन में शीर्ष पर है। बिहार मखाना उत्पादन में देश का प्रथम राज्य है और देश के लगभग 90 प्रतिशत मखाने का उत्पादन यहीं होता है।

बागवानी एवं जैविक खेती

बिहार सब्जी और फल उत्पादन में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पटना आलू उत्पादन, नालंदा प्याज और बैंगन, जबकि वैशाली फूलगोभी उत्पादन में अग्रणी है। मुजफ्फरपुर लीची उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। राज्य सरकार 13 जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक पट्टी विकसित कर रही है। 

कृषि क्षेत्र के समग्र विकास हेतु राज्य में अब तक चार कृषि रोड मैप लागू किए गए हैं। चौथा कृषि रोड मैप 2023-28 तक प्रभावी रहेगा, जिसमें जलवायु अनुकूल कृषि और कृषि आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।

सिंचाई व्यवस्था एवं फसल चक्र

बिहार में सिंचाई के प्रमुख साधन नलकूप, नहर, तालाब और कुएँ हैं। राज्य में लगभग 63 प्रतिशत सिंचाई नलकूपों द्वारा होती है। रोहतास सर्वाधिक सिंचित जिला है। 

बिहार में तीन प्रमुख फसल चक्र पाए जाते हैं-रबी, खरीफ और जायद। रबी फसलों में गेहूँ और सरसों, खरीफ में धान और मक्का, जबकि जायद में तरबूज, मूंग और सब्जियाँ प्रमुख हैं। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई व्यवस्था का विशेष महत्व है।

बिहार में पशुपालन

कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। पशुगणना 2019 के अनुसार राज्य में कुल 365.4 लाख पशुधन हैं। पूर्णिया गाय एवं बैल, मधुबनी भैंस तथा अररिया बकरी पालन में अग्रणी जिले हैं। 

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार वर्ष 2022-23 में बिहार का दुग्ध उत्पादन 125.03 लाख टन, मछली उत्पादन 8.91 लाख टन और अंडा उत्पादन 327.43 करोड़ तक पहुँच गया। इससे स्पष्ट है कि बिहार में पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं।

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