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अभय प्रणाली

चर्चा में क्यों? 

  • हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अभय नामक एक एआई-आधारित हेल्पबॉट शुरू किया है। इसका उपयोग सीबीआई के नाम पर भेजे जाने वाले नोटिसों की सत्यता जांचने के लिए किया जाएगा।  

अभय प्रणाली क्या है ? 

  • अभय का पूरा नाम एआई-बेस्ड हेल्पबॉट फॉर ऑथेंटिकेशन ऑफ योर नोटिस है। 
  • यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणाली है, जिसे नागरिकों को फर्जी सीबीआई नोटिसों की पहचान करने में मदद देने के लिए विकसित किया गया है।  
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को बढ़ते डिजिटल गिरफ्तारी  जैसे साइबर धोखाधड़ी मामलों से सुरक्षित रखना है। 
  • यह भारत की पहली ऐसी रियल-टाइम नोटिस सत्यापन प्रणाली है, जिसे खास तौर पर साइबर फ्रॉड, प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) और डीपफेक आधारित ठगी से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
  • हाल के समय में ठग लोग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नकली नोटिस, एआई से तैयार सामग्री और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को डराकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए इस प्लेटफॉर्म को विकसित किया गया है।  

यह प्रणाली कैसे काम करती है? 

  • यदि किसी व्यक्ति को सीबीआई के नाम पर कोई नोटिस मिलता है, तो वह ओटीपी सत्यापन पूरा करने के बाद उस नोटिस की स्कैन कॉपी प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकता है।
  • इसके बाद एआई आधारित प्रणाली दस्तावेज की जांच करती है और बताती है कि नोटिस असली है या संभावित रूप से फर्जी।
  • अभय प्रणाली सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट और समर्पित अभय सत्यापन प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के बारे में 

  • भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल, 1963 के एक प्रस्ताव द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो की स्थापना की गई थी।

स्थापना का उद्देश्य 

  • इसकी स्थापना निम्न अपराधों की जाँच करने के लिए की गई - 
    • रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले
    • केंद्रीय वित्तीय कानूनों के उल्लंघन, 
    • भारत सरकार के विभागों से संबंधित बड़े घोटालों, 
    • सार्वजनिक संयुक्त स्टॉक कंपनियों, 
    • पासपोर्ट धोखाधड़ी, 
    • खुले समुद्र में अपराध, 
    • एयरलाइंस में अपराध और संगठित गिरोहों और 
    • पेशेवर अपराधियों द्वारा किए गए गंभीर अपराध  

सीबीआई के विभाग

  • जांच एवं भ्रष्टाचार विरोधी विभाग (दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान)
  • तकनीकी प्रभाग
  • अपराध अभिलेख एवं सांख्यिकी प्रभाग
  • अनुसंधान प्रभाग
  • विधि एवं सामान्य प्रभाग
  • प्रशासन प्रभाग 
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