New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMI Pool)

संदर्भ 

  • वैश्विक समुद्री व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच, भारत सरकार ने अपने समुद्री हितों को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12,980 करोड़ की संप्रभु गारंटी के साथ देश के पहले घरेलू समुद्री बीमा पूल भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMI Pool) के गठन को हरी झंडी दे दी है।  
  • यह कदम न केवल विदेशी अंडरराइटरों पर भारत की दशकों पुरानी निर्भरता को कम करेगा, बल्कि भारतीय पोत परिवहन के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच भी प्रदान करेगा।  

प्रमुख बिंदु  

विदेशी निर्भरता का अंत और संप्रभु सुरक्षा 

  • वर्तमान में भारत का 95% व्यापार (मूल्य के आधार पर) समुद्री मार्गों से होता है, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा विदेशी बीमा संस्थाओं के नियंत्रण में रहा है। 
  • लाल सागर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों में वैश्विक बीमाकर्ताओं द्वारा प्रीमियम में अचानक वृद्धि या कवरेज वापस लेने से भारतीय निर्यातकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता था।  

बीएमआई पूल की मुख्य विशेषताएं 

  • व्यापक कवरेज : यह पूल भारतीय ध्वजांकित पोतों के लिए ढांचा एवं मशीनरी (H&M), माल (Cargo), संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (P&I) और युद्ध जोखिम के लिए बीमा प्रदान करेगा। 
  • वैश्विक पहुंच : यह अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों और भारत के बीच दोनों दिशाओं में माल ढोने वाले जहाजों को कवर करेगा। 
  • स्थिरता : भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद बीमा कवरेज की निरंतरता सुनिश्चित होगी, जिससे व्यापारिक लागत और परिचालन संबंधी अनिश्चितता कम होगी। 

मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 की ओर बढ़ते कदम 

  • केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसे एक परिवर्तनकारी कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय भारत को उन चुनिंदा देशों (जैसे यूके, जापान और दक्षिण कोरिया) की श्रेणी में खड़ा करता है, जिनके पास अपना राज्य-समर्थित बीमा ढांचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल वर्ष 2047 तक भारत को शीर्ष समुद्री राष्ट्रों में शामिल करने के लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

उद्योग पर प्रभाव

  • यह पहल विशेष रूप से उन पोतों के लिए वरदान साबित होगी जो संघर्ष क्षेत्रों या उच्च जोखिम वाले समुद्री मार्गों में संचालित होते हैं। 
  • यह पहल देनदारियों जैसे पर्यावरणीय क्षति और चालक दल की सुरक्षा को संबोधित करके, यह पूल भारतीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लचीलेपन (Resilience) को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। 

निष्कर्ष 

  • भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल केवल एक वित्तीय व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह समुद्री क्षेत्र में भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। वस्तुतः यह पहल सुनिश्चित करती है कि सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में भी भारत का व्यापारिक प्रवाह निर्बाध और सुरक्षित बना रहे।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR