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डॉल्फिन फ्रेंड्स पहल

संदर्भ 

  • प्रयागराज के वन विभाग ने गंगा नदी में पाई जाने वाली लुप्तप्राय डॉल्फिन के संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से डॉल्फिन फ्रेंड्स नामक एक सामुदायिक स्वयंसेवी नेटवर्क शुरू किया है। वस्तुतः यह पहल स्थानीय लोगों की भागीदारी और नियमित नदी निगरानी के माध्यम से डॉल्फिन के संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास है।   

डॉल्फिन फ्रेंड्स पहल के बारे में  

  • डॉल्फिन फ्रेंड्स एक विशेष स्वयंसेवी समूह है, जिसे गंगा नदी में रहने वाली डॉल्फिन की गतिविधियों, उनके प्रजनन व्यवहार और आवासीय परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए तैयार किया गया है। 

मुख्य उद्देश्य : 

  • इस पहल का प्रमुख लक्ष्य लुप्तप्राय गंगा डॉल्फिन की सुरक्षा और सतत निगरानी सुनिश्चित करना है, खासकर मानसून के दौरान जब उनका प्रजनन काल होता है। 
  • साथ ही, यह कार्यक्रम स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ाकर नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए सहभागिता-आधारित मॉडल विकसित करने पर भी जोर देता है। 

प्रमुख विशेषताएँ   

  • सामुदायिक सहभागिता : मछुआरे और नाविक, जो नदी से सीधे जुड़े होते हैं, इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी करते हैं।
  • मौसमी निगरानी : मानसून के समय निगरानी को विशेष रूप से बढ़ा दिया जाता है ताकि डॉल्फिन के प्रजनन काल में उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सके। 
  • वैज्ञानिक सहयोग : शोधकर्ता और शिक्षाविद इस पहल से जुड़कर डेटा संग्रह, विश्लेषण और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करते हैं।
  • हॉटस्पॉट पर ध्यान : फाफामऊ, छटनाग, मेजा, प्रयागराज, पटना और फतेहपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में डॉल्फिन की उपस्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाती है और नियमित रिपोर्टिंग की जाती है। 

महत्व 

  • डॉल्फिन की संख्या में वृद्धि जल गुणवत्ता में सुधार और नदी के स्वस्थ पारिस्थितिक संतुलन का संकेत देती है। 
  • इस दृष्टि से डॉल्फिन को मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। वस्तुतः यह पहल स्थानीय स्तर की भागीदारी को प्रोजेक्ट डॉल्फिन जैसे सरकारी प्रयासों के साथ जोड़कर संरक्षण के लिए एक प्रभावी जन-नीति मॉडल प्रस्तुत करती है।
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